प्रेम पर कितना कुछ लिखा गया है, लेकिन प्रेम एक ऐसा विषय है जिसपर अभी भी बहुत कुछ लिखा जा सकता है, बहुत कुछ लिखा जा रहा है और बहुत कुछ लिखा जाता रहेगा. हमारे हर तरफ कोई न कोई प्रेम कहानी डोल रही होती है, पर हर कहानी को लिखा नहीं जाता. यहां हम उसे लिखने का प्रयास करेंगे. वो सभी रिश्ते जिनसे आपका राब्ता रहा है, कुछ खट्ठी- मीठी यादें रही हैं. वो लोग जिनसे आप प्रेम करते हैं या वो लोग जिनसे आपने कभी प्रेम किया हो.

प्रेम. यहां हम सिर्फ उस प्रेम की बात नहीं कर रहे जो एक जवान लड़की और एक जवान लड़के के बीच होता है. हम यहां प्रेम के हर संभव स्वरूप की बात करेंगे. प्रेम जो मां, पिता, भाई, बहन, बीवी, दोस्त, बेटी या किसी से भी किया गया हो. हम उस प्रेम की बात करेंगे जिसे आप अपने व्यस्त जीवन के चलते शायद ज़ाहिर न कर पाते हो. राब्ता हमारा वो कॉलम है, जहां सिर्फ हम प्यार की बात करेंगे. अपनी कहेंगे और आपकी सुनेंगे भी.