लोकसभा चुनाव के पहले चरण की लहर अभी ठीक से समाप्त भी नहीं हुई है और इधर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इस बार के लोकसभा चुनाव में जहां ईवीएम मशीन ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा को और जोर दे दिया है तो वहीं कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारास्वामी का सेना के उपर दिए गए बयानों को लेकर काफी विवाद शुरु हो गया है।

ये है पूरा मामला

दरअसल बीजेपी ने एक वीडियों जारी किया है जिसमें कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को यह कहते हुए दिखाया गया है कि जिनके पास खाने के लिए कुछ नहीं होता है वह सेना में भर्ती होते हैं। वीडियों में यह दिखाया गया कि यह भाषण कुमारस्वामी ने एक जनसभा को संबोधित करते समय दिया था। कुमारास्वामी उस वक्त कन्नड़ भाषा में बोल रहे थे।

वीडियो में कुमारस्वामी आगे कह रहे हैं कि जो लोग सीमाओं की रक्षा करते हैं, वे अमीर लोगों के बच्चे नहीं होते। वे उन गरीब परिवारों के बच्चे होते हैं जो दो वक्त की रोटी भी नहीं जुटा पाते। इस वीडियो के बाद बीजेपी की तरफ से बयानबाजी का बौछार होना शुरु हो गया। बीजेपी का कहना है कि इस तरह की बयानबाजी एक मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता है। उनको पता होना चाहिए कि देश के सैनिक देश प्रेम के लिए सेना में जाते हैं ना की पैसा कमाने।

कुमारस्वामी का क्या कहना है?

इस वीडियो के बाद कुमारास्वामी ने कहा कि बीजेपी ने उनके इस बयान को एडिट करके दिखाया है। कुमारस्वामी का कहना है कि मैने यह कहा था कि अगर कोई सैनिक सरहद पर शहीद होता है तो यह ज़रुरी नहीं कि वह अमीर परिवार से हो, वह गरीब परीवार से भी हो सकता है। मैने यह कभी नहीं कहा कि सेना में सैनिक जीवन यापन करने के लिए जाते हैं। प्रधानमंत्री को जवानों के ज़िन्दगी से खेलकर कभी वोट नहीं मांगने चाहिए।

दरअसल भाजपा ने कुमारास्वामी के अधूरे बयान को पोस्ट कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश करी है। कुमारा स्वामी ने असल में प्रधानमंत्री मोदी को टार्गेट करते हुए कहा था कि सेना में भर्ती हुआ हर शख्स अमीर नहीं होता। कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जिनके बच्चों को दो जून की रोटी नसीब नहीं होती और यहाँ पर एक प्रधानमंत्री है जो शहीदों के नाम पर राजनीति कर रहा है। उनका पूरा बयान न्यूज़ अजेंसी एएनआई ने पोस्ट किया था। आप यह विडियो देख लीजिये और नीचे लिखे शब्दों को भी पढ़ लीजिये। मामला क्लियर हो जाएगा:

फिलहाल जिस तरह से चुनावी माहौल में एक बार फिर से देश की सेना के साथ राजनीति की जा रही है यह काफी शर्मनाक है। कुमारस्वामी के बयान को जिस तरह से तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है यह उन तमाम लोगों के लिए काफी शर्मनाक है, जो सत्ता के लिए देश की सैनिकों के साथ भी राजनीति करने से बाज नहीं आते।

बीजेपी ने एचडी कुमारस्वामी पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुमारस्वामी को इस तरह के विवादित बयान नहीं देना चाहिए। कुमारास्वामी ने भी पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सैनिकों के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। कुमारस्वामी ने प्रधानमंत्री को तानशाह और सबसे खराब पीएम करार दिया है। यह पहली बार नहीं है जब पुलवामा में मारे गए शहीदों को लेकर राजनीति किया जा रहा है। नेशनल कांन्फ्रेंस के नेता फारुक अब्दुल्ला ने तो पुलवामा में 40 जवान के शहीद होने पर भी शक जताया है। वहीं कांग्रेस भी समय-समय पर सेना के एक्शन पर सबूत मांगती रही है। इन नेताओं को समझना होगा कि अपनी राजनीति के मंजे में सेना को लपेटना कतई भी शोभनीय नहीं है।

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