नए दौर की राजनीति में किस पार्टी का कुर्सी पर एकाधिकार होगा, यह बात शायद उस पार्टी का मैनिफेस्टों तय करता है। इसलिए मैनिफेस्टों में वो सारी बातें लिखी जाती है जो मतदाता को पार्टी के हित में वोट करने पर मजबूर कर दें। कांग्रेस ने इस बार के मैनिफेस्टों में कुछ ऐसा ही करने की कोशिश की है। कांग्रेस के मैनिफेस्टो में न्याय योजना (NYAY scheme) को जोड़ा गया जिसमें देश के गरीब परिवार को हर साल 72000 रुपये देने की बात कही गई है। कांग्रेस के लिए गेम चेन्जर कहा जाने वाला इस योजना पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अड़ंगा लगा दिया है।

वोट के लिए कांग्रेस का यह दांव अब कांग्रेस के लिए मुसीबत बनता दिख रहा है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शुक्रवार यानि 19 अप्रैल को एक याचिका की सुनवाई करते हुए कांग्रेस पार्टी को नोटिस जारी किया है जिसमें कोर्ट ने पूछा है कि इस वादे में ऐसा क्या है जो इसे गरीबों को रिश्वत देने जैसा न माना जाए? क्योंकि पार्टी के सभी नेता इस मुद्दे का चुनाव प्रचार में काफी जोर-शोर से चर्चा कर रहे हैं। इसके ही नाम पर वोट मांगे जा रहे हैं। अगर यह रिश्वत जैसा है तो पार्टी को इस बारे में जवाब देना होगा नहीं तो पार्टी के ऊपर पाबंदी या दूसरी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद कोर्ट ने चुनाव आयोग से भी इस बारे में जवाब मांगा है। कोर्ट ने कांग्रेस और चुनाव आयोग दोनों को दो हफ्ते का समय दिया है।

अधिवक्ता मोहित कुमार और अमित पांडेय द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया है,

‘चुनावी घोषणा पत्र में 72,000 रुपये न्यूनतम आय की गारंटी का वायदा रिश्वत के समान है और यह जन प्रतिनिधित्व कानून का उल्लंघन है। एक राजनीतिक दल इस तरह का वादा नहीं कर सकता क्योंकि यह कानून और आचार संहिता का उल्लंघन है।’

याचिका दायर करने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और राजेन्द्र कुमार की पीठ ने कांग्रेस पार्टी और चुनाव आयोग को एक नोटिस भेजा है जिसमें दो हफ्ते के भीतर इस बात का स्पष्टिकरण मांगा गया है।

13 मई को अगली सुनवाई

इस मामले में अगली सुनवाई 13 मई को तय की गई है। चुनाव के परिणाम निकलने के ठीक 10 दिन पहले इस बात पर इलाहाबाद हाई कोर्ट अपना अन्तिम फैसला सुनाएगा। अभी तक इस मामले में कांग्रेस के तरफ से किसी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

क्या है मेनिफैस्टो में ?

कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टों में गरीबों के लिए ‘न्याय योजना’ का वादा किया है। इस योजना के तहत कांग्रेस देश के करीब 20 करोड़ गरीबों के खाते में उन्हें 6000 रुपये देकर गरीबी रेखा से बाहर निकालने की बात कही है। कांग्रेस की माने तो उस परीवार को 6000 रुपये प्रतिमाह सुनिश्चित की जाएगी जो लोग गरीबी रेखा के निचले स्तर पर अपना जीवन-यापन कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सहित पार्टी के तमाम नेता अपने चुनाव प्रचार के दौरान इसका जमकर प्रसार कर रहे हैं। कांग्रेस का मानना है कि यह स्कीम लोकसभा चुनाव में पार्टी के लिए गेम चेंजर साबित होगी।

Facebook Comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here