3 जनवरी 2019 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ट्वीट किया था। ट्वीट मे उन्होने कहा कि-

मार्च में मेरे कार्यकाल को दो साल हो जाएंगे और दो साल से उत्तर प्रदेश में कोई दंगा नहीं हुआ है।

उन्होने इस बात को एक मीडिया संस्थान को दिये अपने इंटरव्यू मे भी कहा था। पहले आपको उनका ट्वीट दिखा देते हैं-

यह तो हुआ योगी जी का ट्वीट-स्वीट, अब बात कर लेते हैं कि आंकड़े क्या कहते हैं?

आंकड़े तो हमेशा सच हीं कहते हैं, तो यह रहा सच-

फोटो साभार- अल्ट न्यूज़ वेबसाइट

अब इस सच से भागकर कहाँ जाएंगे योगी जी? योगी जी ने ट्वीट करके तो अच्छी पैकेजिंग कर हीं दिये थे अपनी सरकार की। अब हम आपको समझाते हैं कि कहाँ मामला गड़बड़ हुआ? तो मामला यह हुआ कि ठीक समय पर हीं आ गयी गृह मंत्रालय की रिपोर्ट। केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज गंगाराम अहीर द्वारा 11 दिसंबर 2018 को एक सवाल के जवाब मे उन्होने लोकसभा मे कहा कि देश भर के अलग-अलग राज्यों मे कुल 822 सांप्रदायिक दंगे हुए। जिसमे से अकेले उत्तर प्रदेश मे 195 सांप्रदायिक दंगे हुए। जिसमे 44 लोग मारे गए और 542 लोग घायल हुए।

योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल मे ऐसी कई घटनाएँ हुई हैं जो आपको सोचने पर मजबूर कर देंगी।

बुलंदशहर की वो घटना जिसमे भीड़ ने गाय-गाय करते हुए एक पुलिस वाले को मार डाला।

अभी-अभी बीते हुए साल का आखिरी महिना, बुलंदशहर मे गौकाशी के नाम पर भीड़ ने दो लोगों को मार डाला। मारे गए दो लोगों मे एक पुलिस वाला भी था। इस केस ने योगी सरकार के रवैये पर भी सवाल खड़ा किया। जब पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के हत्या के आरोपी की गिरफ्तारी से पहले गौ-हत्या के आरोपी को पकड़ा गया। इस मुद्दे पर जब नसीरुद्दीन शाह ने टिप्पणी की तो उन्हे भी खूब लपेटा गया और तथा कथित मीडिया द्वारा उनकी बात को घूमा-फिरा कर लोगों को परोसा गया। घटना के तकरीबन 25 दिन बाद सुबोध कुमार के हत्यारे को गिरफ्तार किया गया। इसकी पूरी खबर एनडीटीवी इंडिया के वेबसाइट पर है।

गणतन्त्र दिवस का वो दिन जब संविधान को दरकिनार कर दिया गया।

कासगंज, 26 जनवरी 2018 को शहर मे सांप्रदायिक झड़प हुआ। गणतन्त्र दिवस के अवसर पर यवाओं का एक समूह शहर के कोतवाली क्षेत्र मे रैली निकाल रहे थे। उस बीच दो समूहों मे झड़प हो गयी। पहले पथराव और फिर गोली तक चल गयी। कुछ बाइक सवारों ने उस इलाके मे रहने वाले समुदाय को निशाना बनाया और नारे लगाएँ।

तो भाई, अब योगी जी ने जो ट्वीट किया था उसका पोस्ट्मॉर्टेम तो हमने कर दिया। बाकी आपकी मर्जी, मानना हो तो मानिए नहीं तो मौज मे रहिए।

इस आर्टिकल को पहले अल्ट न्यूज़ पर किया गया था। 

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