गब्बर और सांभा. भारतीय सिनेमा की दुनिया के वो नाम जिनसे लगभग हर आदमी परिचित होगा. इन दो खलनायक किरदारों के भेष में दो स्टूडेंट दीपक और अरूण, गुरूग्राम की सड़को पर उन लोगों को ट्रफिक रूल्स समझाते हुए नज़र आए जो ट्रफिक रूल्स की धज्जियां उड़ाते चलते हैं.

ट्रैफिक रूल्स को फॉलो कराने के लिए चालान काटने का नियम है और दिल्ली में तो चालान की राशि भी बहुत अधिक है. लेकिन फिर भी लोग ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करते हैं. जुगाड़ बैठा कर काम चला ले रहे हैं. लेकिन ट्रैफिक पुलिस भी ढ़ीठ है. लोगों को समझाने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया. वो तरीका जिससे लोग सबसे जल्दी समझते हैं. सिनेमा. सिनेमा के दो मशहूर खलनायकों को उतार दिया गया है सड़क पर.

 

तस्वीर साभार- गूगल

गब्बर का किरदार निभा रहे स्टूडेंट ने हाथ में एक नकली राइफल ट्रैफिक रूल्स तोड़ रहे आदमी की तरफ तानी और कहने लगा-

अलाउड दो और आदमी चार.. बहुत ना-इंसाफी है. तुम क्या सोचे? सरदार खुश होगा, साबासी देगा? जब तक वो नहीं सुधरेंगे कुछ नहीं सुधर सकता.

ट्रैफिक रूल्स के फायदों का हवाला देते हुए सांभा कहता है-

हेलमेट पहनने के बाद से हादसे में सर पर चोट लगने के चांसेज़ बहुत कम हैं. इससे जान बच जाएगी और परिवार को भी दुख, परेशानी कुछ नहीं झेलनी होगी.

तस्वीर साभार- गूगल

गुरूग्राम के ट्रैफिक पुलिस असिटेंट कमिश्नर कहते हैं कि इसका आयोजन लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए किया गया था.

“इस पूरी ड्राईव का मकसद न ही सिर्फ लोगों में जागरुकता फैलाने के लिए बल्कि किसी भी तरह के एक्सीडेंट से लोगों की ज़िंदगी बचाना भी था.”

इस पूरी योजना का आयोजन गुरूग्राम ट्रैफिक पुलिस और रोड सेफ्टी ऑर्गनाइज़ेशन द्वारा किया गया था.

पूरे भारत में रोड एक्सीडेंट में न जाने कितनी जानें जाती हैं. एक छोटी-सी लापरवाही पूरे परिवार के दुख का कारण बनती है. ट्रैफिक नियमों का पालन करवाने के लिए अपनाया गया गुरूग्राम ट्रैफिक पुलिस का ये अनोखा तरीका एक अच्छी पहल है.

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