मोदी के 4.5 साल के शासन मे 61 आम लोग मरें, 200 जवान शहीद और 1701 आतंकी मरे। वहीं मनमोहन सिंह के 10 साल के शासनकाल मे 1788 आम लोग मरें, 1177 जवान शहीद हुए और सिर्फ 241 आतंकी मरें। कुछ ऐसा हीं ट्वीट फिल्म एक्टर और बीजेपी एमपी परेश रावल ने किया। इन्होने 6 जनवरी को यह ट्वीट अपने ट्वीटर हैंडल से किया।

परेश रावल ने इस जानकारी को किसी और ट्वीटर यूजर के प्रोफ़ाइल से शेयर किया था। जिसमे किसी न्यूज़ पेपर की क्लिप्पिंग भी लगी थी। उस क्लिप्पिंग को कई और लोगों ने भी शेयर किया था।

जब इतना कुछ है तो गड़बड़ कहाँ है?

अब चलिये आपको गड़बड़ के बारे मे बताते हैं। तो गड़बड़ यह है कि पूरा मामला हीं फर्जी है। परेशा रावल ने जिस जानकारी को ट्वीट किया है वो पूरा का पूरा झूठ है, फर्जी है। सबसे पहले बात करते हैं उस न्यूज़पेपर की जिसकी क्लिप्पिंग सबूत के तौर पर ट्वीट मे लगाई गयी है। खोजबीन मे यह सामने आया कि जिस डाटा के बारे मे इस अखबार की क्लिप्पिंग मे बताया गया है ठीक वैसा हीं डाटा दैनिक भास्कर के 24 जून 2018 के ई-पेपर मे छपा था। लेकिन उस क्लिप्पिंग मे सिर्फ मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी के शासनकाल के आंकड़े हीं नहीं थे। उस आर्टिकल मे अटल बिहारी वाजपेयी के शासन काल के आंकड़े भी दिये गए थे।

दैनिक भास्कर की क्लिप्पिंग 1

 

दैनिक भास्कर की क्लिप्पिंग 2

सोशल मीडिया के कई बीजेपी समर्थक पेज और प्रोफ़ाइल कई बार आंकड़ों से छेड़-छाड़ करके सरकार के काम को अच्छा दिखाते आ रहे हैं। यह पहली बार नहीं है।  पहले भी कई दफा ऐसे फर्जी आंकड़े सामने आ चुके हैं। अब देखिये कैसे छेड़-छाड़ किया गया इन आंकड़ों से-

ऊपर दो तरह के क्लिप लगे हैं। एक जो ओरिजनल है और एक जिसे फॉटोशॉप की मदद से एडिट किया गया है।

दैनिक भास्कर के आर्टिकल मे दिये आंकड़े भी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है क्योंकि पूरे आर्टिकल मे ये कहीं भी नहीं लिखा गया है कि आंकड़े कहाँ से लिए गए हैं।

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