हमारे यहां महिलाओं के साथ होने वाली यौन हिंसा और बालात्कार के मामलों में लोग अक्सर उन महिलाओं की गलती निकाल देते हैं जो इन दर्दनाक हादसों का शिकार होती हैं. जैसे कि लड़की अकेली घूम रही थी, लड़की ने ऐसे कपड़े पहने थे या और कुछ.

लेकिन ऐसे लोगों को तर्क दिया जाता है कि जो लोग बच्चियों के साथ ऐसा करते हैं उन्हें क्या कहा जाए ? इस तर्क का कोई ठोस जवाब इन लोगों के पास नहीं होता है जो लोग हर मामले में लड़कियों को दोषी ठहरा देते हैं. लेकिन आज हम न तो इन लोगों के बारे में बात करेगें और न ही महिलाओं के बारे में. हम बात करगें बच्चों के बारे में.

 

प्रतीकात्मक तस्वीर. फोटो सोर्स- गूगल

दिल्ली के विवेक विहार इलाके से एक मामला सामने आया है. नौ साल की एक बच्ची ने अपनी स्कूल टीचर को बताया कि एक अंकल उसे बैड टच करते हैं.

स्कूल में टीचर बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में बता रही थी. बच्ची ने महसूस किया कि उसके साथ इस तरह का कुछ हो रहा है, जिससे वो बहुत असहज हो जाती है. पर चूंकि बच्ची को इसके बारे में कुछ पता नहीं था, पहले किसी ने कुछ बताया नहीं था तो वो किसी को अपने साथ हो रही इस घटना के बारे में नहीं बता पाई. लेकिन जैसे ही उसे पता चला कि जो उसके साथ हो रहा है वो गलत है तो तुरंत उसने अपनी टीचर को सारी बात बता दी. टीचर ने ये बात बच्ची के परिजनों को बताई और मामला पुलिस के पास जा पहुंचा.

गुड टच और बैड टच की शिक्षा

अगर इस घटना के एंगल से देखें तो अगर बच्ची को पहले ही गुड टच और बैड टच के बारे मे बताया गया होता तो उसके साथ कुछ ऐसा हो ही नहीं पाता. वो पहली ही बार में अपने घरवालों को इस चीज़ की जानकारी दे देती. लेकिन हमारे समाज में इन चीज़ों पर कोई बात नहीं की जाती है. हमें ये समझने की ज़रूरत है कि बच्चे को अपने शरीर के बारे में शिक्षित करना उतना ही ज़रूरी है जितना उनकी बेसिक शिक्षा.

प्रतीकात्मक तसवीर. फोटो सोर्स-गूगल

करीबी ही होते हैं आरोपी

इस तरह के अधिकतर मामलों में आरोपी या तो कोई रिश्तेदार होता है या कोई करीबी. आप बच्चों को बाहर के लोगों से सुरक्षित रहने के लिए कहेगें लेकिन घर में ही इस तरह के लोग होगें तो आप क्या करेगें ? ये वो वक्त है जब आप कुछ चीज़ो को लेकर किसी पर भरोसा नहीं कर सकते. हम उस दौर में जी रहे हैं जहां एक बाप अपनी बेटी का रेप कर देता हैं.

पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी गिरफ्तार

नौ साल की इस बच्ची का यौन शोषण करने वाला उसके घर में रहने वाला किराएदार था. जो बहुत लंबे समय से बच्ची के साथ ये सब कर रहा था. गुरूवार को पुलिस ने पॉक्सों एक्ट के तहत केस फाइल कर लिया है और आरोपी को गिरफ्तार लिया है.

 

प्रतीकात्मक तस्वीर. फोटो सोर्स- गूगल

इन बातों का रखे ध्यान

  1. चार साल की उम्र से बच्चे की समझने की क्षमता बढ़ने लगती है. जब बच्चा चार साल का हो जाए तो उसे समझाए कि उसे किस तरह के लोगों पर भरोसा करना है.
  2. बच्चे से सभी विषयों पर खुलकर बात करें. बच्चे और अपने बीच एक ऐसा माहौल बनाए जिसमें वो सब कुछ खुलकर आपको बता सके.
  3. हम अक्सर बच्चों की बातों को फालतू समझकर अनसुना कर देते हैं लेकिन बच्चों को हमारा अटेंशन चाहिए होता है. कोशिश करिए कि आप अपने बच्चे की बातों को ध्यान से सुने.
  4. घर पर बच्चों को बताएं कि उनके शरीर के किन पार्ट्स को उनके अलावा कोई और नहीं छू सकता. उनके प्राइवेट पार्ट्स के बारे में उन्हें शिक्षित करें.
  5. बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में बताते हुए सब्र से काम ले, हो सकता है ये समझने में उन्हें समय लगे.

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