भारत ने पुलवामा हमले के जवाब में पाकिस्तान के आतंकी कैंपो पर हमला कर दिया. भारत की वायुसेना ने 26 फरवरी को करीबन 3:30 बजे केवल 21 मिनट के अंदर पूरे पाकिस्तान को हिला के रख दिया. पाकिस्तान के बालाकोट में मौजूद जैश-ए-मोहम्मद के कैंपो को निशाना बनाकर भारतीय वायुसेना ने ज़बरदस्त बमबारी की.

इस हमले में 200 से 300 आतंकियों के मारे जाने की बात सामने आ रही है. जिसमें आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर और ट्रेनी शामिल थे. इस पूरे हमले में भारत के लिए जो सबसे बड़ी खबर आ रही है वो है आतंकी यूसुफ अजहर की मौत. बताया जा रहा है कि इस हमले में मसूद अजहर का साला यूसुफ अजहर भी शामिल था. हालांकि अधिकारिक रूप से इसकी पुष्टी नहीं हुई है लेकिन सूत्रों के हवाले से ये खबर चलाई जा रही है.

युसूफ अजहर

1999 में काठमांडू से दिल्ली आने वाले विमान आईसी184 को हाईजैक करने वाला व्यक्ति युसूफ अजहर ही था. कंधार विमान अपहरण के मामले में इसे दोषी माना जाता है.

यूसुफ अजहर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर का साला है. मसूद अजहर वही आतंकी हैं जिसने मुबंई में ताज पर हुए हमले को अंजाम दिया था. यूसुफ अजहर बालाकोट के आबादी वाले इलाके में छुपकर कैंप चला रहा था जिसकी जानकारी इंटेलिजेंस एजेंसी ने वायुसेना को दी. उसकी मौजूदगी कन्फर्म होने के बाद वायुसेना ने वहां हमला कर दिया.

यूसुफ अजहर कराची में पैदा हुआ और काफी अच्छी हिंदी बोलना भी जानता था. ये जैश का काफी पुराना सदस्य था. जब जैश को हरकत उल मुजाहीद्दीन के नाम से जाना जाता था तभी से ये उसके साथ जुड़ा हुआ था और आतंकी घटनाओं को अंजाम देता था.

साल 2002 में भारत ने पाकिस्तान को 20 आतंकियों की एक लिस्ट भेजी थी जिसमें युसूफ का भी नाम था. आतंकवाद, किडनैपिंग और हाईजैक जैसे केसों में उसका नाम दर्ज था, फिलहाल वो मसूद अजहर की आतंकी घटनाओं को अंजाम देने का काम करता था.

ऐसे आतंकी का मारा जाना भारत के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धी है. जैश-ए-मोहम्मद ने भारत में कई आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया है. भारतीय वायुसेना ने उनके कैंपो पर बमबारी कर के आतंकी संगठनो को एक अच्छा सबक दिया है.

 

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