पुलवामा अटैक से पूरे देश की भावनाएँ आहत हैं. कुछ लोग जंग की बाते कर रहे हैं. कुछ लोग अमन के रास्ते से इस समस्या का हल चाहते हैं.

जब देश में इस तरह की कोई बड़ी घटना हो जाती है. 40 जवीन शहीद हो जाते हैं, देश में शोक का माहौल होता है तो लोग देश के पब्लिक फिगर्स से उम्मीद करते हैं कि वो इस पर अपनी प्रतिक्रिया दें. आप इस उम्मीद को गलत कह सकते हैं. पब्लिक फिगर्स का अपना निजी जीवन है, वो अपने तरीके से तय करेंगे कि वो किस तरह अपनी भावनाएं व्यक्त करें. उन्हें इस बात पर ट्रोल करना गलत है.

लेकिन अगर आप देश में शहीद हुए 40 जवानों पर कुछ कह रहे हैं तो आपको ध्यान रखने की ज़रूरत है कि आप एक ऐसे देश में रह रहे हैं जहां लोगों की भावनाएं बॉर्डर पर तैनात जवानों के साथ एक ऊंचे स्तर तक जुड़ी हुई हैं. हर बात कहने का एक तरीका होता है, एक माहौल होता है और इन्हीं दो चीज़ो का ख्याल करना मल्लिका दुआ भूल गई.

मल्लिका दुआ एक बड़ी कॉमिडियन है और पत्रकार विनोद दुआ की बेटी है.

मल्लिका दुआ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अपने फेसबुक अकाउंट पर मल्लिका ने एक विडियो शेयर किया है जिसमें उन्होने कहा है-

“मैं यहां पूछना चाहती हूं कि हर रोज लोग भुखमरी, बेराजगारी, डिप्रेशन जैसी कई वजहों से मरते हैं. ऐसा सिर्फ हमारे देश में नहीं होता, पूरी दुनिया में लोग मरते हैं. तब क्या आप अपनी ज़िंदगी रोक देते हैं. क्या सिर्फ शोक मनाना ही हमारा काम है?”

आपने सही कहा लोग भुखमरी से मरते हैं, बेरोज़गारी से मरते हैं. लोग लिंचिंग में भी मरते हैं. लेकिन उनके लिए भी देश का वो तबका शोक मनाता है जो इन लोगों की मौत से आहत होता है. यहां बात हमारे देश के सैनिको की है. हमारे देश के वो सैनिक जो अपना कम्फर्ट छोड़ कर सीमा पर इसलिए खड़े हैं ताकि आप और हम कम्फर्ट से अपना जीवन जी सके.

मल्लिका दुआ। फोटो साभार: गूगल

इस पर आप ये कह सकती हैं कि ये उनका काम है और अपने लिए उन्होने ये चुना है. लेकिन अगर ऐसा भयावह हादसा हो जाता है. कई लोगों की जानें चली जाती है, कई परिवार बर्बाद हो जाते हैं तो इस देश के लोग आपसे उम्मीद करेंगे कि आप इस पर अपना शोक व्यक्त करें.

आप अपना जीवन जी रही है. हो सकता है आपको इनसे फर्क न पड़ रहा हो तो आप चुप रहे. किसी की देश भक्ति को अगर आप नॉनसेंस कह कर अगर आप ये सोचती हैं कि आप को कोई कुछ नहीं कहेगा तो आप यहां गलत साबित होती हैं.

देखिए जब आपको कुछ पसंद नहीं आया, लोगों की बातों ने आपको परेशान किया तो आप अपने सोशल प्लेटफॉर्म पर आकर अपनी बात कह रही है और सोच रही हैं लोग उससे सहमत हो. ठीक इसी तरह बाकी लोग भी अपनी देशभक्ति की भावना व्यक्त कर रहे हैं.

जिस तरह आपको अपनी देशभक्ति साबित करने के लिए किसी का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए ठीक उसी तरह आपको भी कोई अधिकार नहीं कि आप लोगों को उनकी देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांटे.

बाकी आपने हर मुस्लमान को पाकिस्तान भेजने वाले लोगों से जो आपत्ति दिखाई उससे हम सहमत हैं. आप एक इंटलेक्चुअल लड़की है. पढ़े-लिखे तबके से आती है. एक बड़े पत्रकार की बेटी हैं इतनी बड़ी कॉमिडियन है. आपको पता होना चाहिए कि आप कौन-सी बात किस माहौल में कर रही हैं.

मल्लिका दुआ का पूरा विडियो आप यहाँ देख सकते हैं:

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