मेरा देश बदल रहा है…

भाजपा ने जब अपने प्रचार की सोची तब उसने ये ‘स्लोगन’ देश के विकास को लेकर ही कहा होगा, इसका हमें यकीन है। पर जिस तरह से एक खबर सामने आई है उससे यह समझ में आ रहा है कि यह बात देश की राजनीति पर भी लागू होती है।

खबर क्या है?

दरअसल भारतीय जनता पार्टी के द्वारा कश्मीर के अखबारों में जिस तरह से अपना प्रचार किया जा रहा है, वह आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है। इन अखबारों में दिये गए विज्ञापन में भाजपा का प्रमुख रंग भगवा पूरी तरीके से गायब है और उसकी जगह हरे रंग ने ले ली है।

हरे रंग में विज्ञापन छापने के पीछे क्या मंशा है वह हमारे समझ में तो आ गया है। चलिये, वह आपको भी बताये देते हैं। दरअसल कश्मीर में मुसलमानों की संख्या ज्यादा है और हरे रंग को मुसलमानों का हमेशा से मुख्य रंग के तौर पर देखा गया है। ऐसे में मुस्लिम वोटर्स को रिझाने के लिए भाजपा ने अपने विज्ञापन को हरे रंग में रंग दिया है। यहाँ तक कि भाजपा का चुनाव चिन्ह भी कश्मीर पहुँच कर अपना रंग छोड़ कर सफ़ेद पड़ गया है। सिर्फ हमारी बात पर भरोसा न करें, तस्वीर देख लीजिये:

इस विज्ञापन में श्रीनगर से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे खालिद जहाँगीर को वोट देने की अपील हुई है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर दिखती है और इसके नीचे में ही उर्दू भाषा में एक स्लोगन लिखा हुआ है जिसका हिन्दी में मतलब है- झूठ छोड़ें, सच बोलें। साथ ही साथ उर्दू में ही भाजपा को वोट देने की अपील भी इस विज्ञापन में की गयी है। लेकिन पूरे विज्ञापन में कहीं भी भगवा रंग की एक बूंद तक दिखाई नहीं दे रही है।

भाजपा के इस हरकत पर नेशनल कान्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्लाह ने उसे घेरा है। उन्होने कहा है कि भाजपा का भगवा रंग अब हरा रंग हो चुका है क्योंकि वह कश्मीर पहुँच गया है। उन्होने आगे कहा है कि उन्हें विश्वास नहीं होता है कि पार्टी को वाकई ऐसा लगता है कि वह वोटरों को इस तरह से मूर्ख बना सकती है जबकि पार्टी ऐसे काम कर के खुद को मूर्ख साबित कर रही है।

इसके जवाब में भाजपा के प्रवक्ता अलताफ़ ठाकुर ने ‘द टेलीग्राफ’ को बताया है कि हरे रंग का इस्तेमाल इसलिए किया गया है क्योंकि यह रंग शांति और विकास का प्रतीक है और पार्टी के झंडे में भी यह रंग पहले से मौजूद है। इसके उलट जब उनसे यह पूछा गया कि भगवा रंग पूरी तरह से गायब क्यों है तो इसके जवाब में उन्होंने बताया कि कश्मीर पहले से ही कमल की धरती है और भाजपा हर रंग को पेश करना चाहती है।

इस कमाल के तर्क से मुझे उत्तरप्रदेश के मुखिया यानि के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वो वाकया याद आ गया जिसमें उन्होने हज भवन को भगवा रंग से रंग दिया था और खुले-आम भगवा रंग के प्रति अपनी मोहब्बत को बयां किया था। उन्होने तब कहा था कि भगवा रंग काफी एनरजेटीक रंग है और आँखों को सुकून देता है।

आदित्यनाथ के इस हरकत को आपको याद दिलाने के पीछे एक खास वजह है ताकि आपको इस बात का एहसास हो जाये कि भाजपा किस तरह की राजनीति करने की कोशिश कर रही है। जहां हिन्दुओ की संख्या ज्यादा वहाँ पर भगवा और जहाँ मुसलमानों की संख्या ज्यादा होगी वहाँ रंग हरा हो जाता है। इतनी रंगीन राजनीति इससे पहले हमने तो नहीं देखी थी, आपने देखी हो तो अलग बात है।

नोट- इस आर्टिकल में हरे रंग का इस्तेमाल बस आर्टिकल को खूबसूरत बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

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