26 अप्रैल 2019, राजस्थान के अलवर जिले से सामूहिक बलात्कार की एक घिनौनी घटना सामने आई। 18 साल की महिला के पति के सामने 5 लोगों ने मिल कर महिला का सामूहिक बलात्कार किया और उसके पति को पीटा। इतना ही नहीं, बेशर्मी की सारी हदें पार करते हुए इन बलात्कारियों ने अपनी नीच हरकतों का विडियो भी बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया।

पीड़ित के परिवार वालों ने बताया कि किस तरह इस मामले में पुलिस इलैक्शन के नाम पर सही से कार्यवाही नहीं की और जब तक थोड़ी बहुत कार्यवाही की तब-तक बहुत देर हो चुकी थी। आरोपियों ने महिला का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस वक़्त पर अपनी कार्यवाही करके विडियो को बाहर आने से रोक सकती थी लेकिन भारत में रोज़ इतने बलात्कार होते जा रहे हैं कि शायद अब ये बस एक मामूली क्राइम बन कर रह गया है, जैसे पॉकेट मारना, बिना हेलमेट के बाइक चलना आदि।

बलात्कार के मामलों में लोगों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाला कॉमन स्लोगन। फोटो सोर्स: गूगल

शायद तभी तो 26 अप्रैल की दोपहर को ये हादसा हुआ और 2 मई को एफ़आईआर लॉज की गयी।

30 अप्रैल को हिम्मत कर के पीड़ित पति-पत्नी अलवर के एसपी ऑफिस गए। महिला के पति ने मीडिया को बताया कि एसपी ने उनकी बात सुनी और उसके बाद गाजी थाने की पुलिस उनके साथ वारदात की जगह पर गयी और पति-पत्नी का भी मेडिकल टेस्ट कराया।

इसके बाद पीड़ित ने मीडिया को बताया कि आरोपी लगातार उन लोगों को कॉल करके अपना मुंह बंद करने को कह रहे थे और विडियो को वायरल करने की धमकी भी दे रहे थे। ये सिलसिला यहीं नहीं रुकता, नीचता और हैवानियत की हदें कहाँ तक है आप पढ़ते रहिए। महिला के पति ने इंडियन एक्सप्रेस से हुई बातचीत में बताया कि इन आरोपियों ने विडियो वायरल करने की धमकी देने के साथ उसके भाई से पैसे भी लिए और उसके बाद भी ब्लैकमेल करते जा रहे थे।

महिला का पति बताता है कि वो लोग पुलिस से भीख मांग रहे थे कि पुलिस अपनी कार्यवाही करे लेकिन साला दिक्कत तो यही है इस देश में कि यहाँ चुनाव ज़्यादा ज़रूरी है लेकिन जिन मुद्दों को सहारा बना कर ये नेता चुनाव जीतते हैं असलियत में उन्हीं मुद्दों पर कार्यवाही करने के लिए टाल-मटोल किया जाता है। तभी इस मामले में महिला और उसके पति की इतनी गुज़ारिशों के बाद थाना गाजी पुलिस की तरफ से उन्हें जवाब मिला कि इलैक्शन की वजह से वो कितने व्यस्त हैं और वो लोग इलैक्शन तक रुक जाएं।

बलात्कारी का हस्ता हुआ चेहरा। फोटो सोर्स: गूगल

पहले तो इस तरीके की घटनाएँ जो दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही हैं और उससे भी ज़्यादा शर्मनाक बात है कि बलात्कारियों ने बलात्कार कर भी दिया और करके उसका विडियो गर्व से सोशल मीडिया पर फैला दिया गया। पुलिस और प्रशासन को तब जा कर थोड़ी हरकत करने की ज़रूरत महसूस हुई।

खैर इतने दिनों में 5 में से 3 आरोपियों को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन तीन बलात्कारियों के नाम पुलिस ने महेश गुर्जर, इंदराज गुर्जर और अशोक बताए हैं। इन तीन बलात्कारियों के साथ मुकेश नाम का एक बलात्कारी और हिरासत में लिया है जिसने विडियो को वायरल किया था।

इस मामले में भी बीजेपी, काँग्रेस के नेताओं ने एक दूसरे पर उँगलियाँ उठाते हुए एक दो बयान दिये हैं और दुख भी जताया है। पर वो आप कहीं भी पढ़ सकते हैं उसमे कुछ खास नया नहीं है। पीड़ित महिला दलित है। तो इसमें जाती को लेकर भी कई बाते हुई हैं।

लेकिन यहाँ बात ये है कि हमारा समाज जिस तरह से लगातार सच, ईमानदारी और संस्कारों की नकली चादर ओढ़े आगे बढ़ रहा है, वो बिलकुल भी ठीक बात नहीं है। समाज का असली सच तो ये है जहां लोगों को बलात्कार जैसे घिनौने अपराध करने में इतना गर्व महसूस हो रहा है कि इसका डंका सोशल मीडिया पर खुले आम पीटने से भी डर नहीं लग रहा है। वैसे लगना भी नहीं चाहिए क्योकि अपने महान देश के महान लोगों के लिए समाज का मानसिक रूप से विकास करना कोई मुद्दा थोड़े ही है बल्कि भारत के लोग तो इतने महान है कि यहाँ तो भगवान की रक्षा भी इंसान करते हैं।