सरल व्यक्तित्व और चकाचौंध से दूर रहने वाला वो कवि जो अपने शब्दों से आम जीवन की सच्चाई लिखता है. उनकी कविताए पढ़कर एक ऊर्जा पैदा होती है जो सकारात्मकता का संचार करती है. ‘ विनोद कुमार शुक्ल ’ संवेदनाओं को आवाज़ देकर अपनी बात कह जाते हैं.

आज की कविता में पढ़िए इश कमाल कवि की ये कमाल रचना जिसमें एक गरीब आदमी की बीमारी के चित्र को उन्होने अपनी कविता में रचा है-

सबसे गरीब आदमी की
सबसे कठिन बीमारी के लिए
सबसे बड़ा विशेषज्ञ डॉक्टर आए
जिसकी सबसे ज्यादा फीस हो

सबसे बड़ा विशेषज्ञ डॉक्टर
उस गरीब की झोपड़ी में आकर
झाड़ू लगा दे
जिससे कुछ गंदगी दूर हो
सामने की बदबूदार नाली को
साफ कर दे
जिससे बदबू कुछ कम हो

उस गरीब बीमार के घड़े में
शुद्ध जल दूर म्युनिसिपल की
नल से भर कर लाए
बीमार के चीथड़ों को
पास के हरे गंदे पानी के डबरे
से न धोए
बीमार को सरकारी अस्पताल
जाने की सलाह न दे
कृतज्ञ होकर
सबसे बड़ा डॉक्टर सबसे गरीब आदमी का इलाज करे
और फीस मांगने से डरे

सबसे गरीब बीमार आदमी के लिए
सबसे सस्ता डॉक्टर भी
बहुत महंगा है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here