सोशल मीडिया पर फैलाई गईं अफवाहें कई बार जानलेवा साबित हुई हैं. चाहे वो किसी औरत के बच्चे चुराने की अफ़वाह हो या किसी मुसलमान द्वारा गाय को ले जाने की. कई बार ऐसी अफ़वाहों के कारण लोगों की जाने गई हैं.

अफ़वाहों का बाज़ार बहुत बड़ा है कई बार कोई अफ़वाह इतनी बड़ी हो जाती है कि राष्ट्रीय समस्या तक बन जाती है. अफ़वाहों के बाज़ार में जो लेटेस्ट ख़बर है वो है 14 फरवरी को शहीदी दिवस होने की.

वैलेंटाइन डे के आते ही अफ़वाहों के बाज़ार में ये अफवाह ज़ोर पकड़ने लगती है. कथित देशभक्त देशभक्ति का हवाला देते हुए कहते हैं कि आज के दिन वैलेंटाइन नहीं शहीदी दिवस मनाओ.

अफ़वाह में कहा जा रहा है कि आज के दिन भगत सिंह, राज गुरू और सुखदेव को फांसी की सज़ा सुनाई गई थी. लेकिन आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाला ये मैसेज झूठा है.

क्या कहता है इतिहास

इतिहास के तथ्यों से पता चलता हैं कि भगत सिंह राज गुरू और सुखदेव को फांसी 14 फरवरी को नहीं बल्कि 23 मार्च को दी गई थी. 23 मार्च यानि वो तारीख जो फरवरी में नहीं मार्च में ही आती है. तो 14 फरवरी को शहीदी दिवस कहने वाले सारे संदेशों को सिरे खारिज करिए उन पर विश्वास मत करिए.

कुछ मैसेज ऐसे भी हैं जिनमें फांसी देने की नहीं पर फांसी की सज़ा सुनाने की बात कही गई है. लेकिन आपको बता दें कि ये दावा भी झूठा है. ब्रिटिश कोर्ट ने 7 अक्टूबर 1930 को अपना 300 पन्नों का वो जजमेंट जारी किया था जिसमें भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव को फांसी की सज़ा सुनाई गई थी.

14 फरवरी से क्रांतिकारियों का रिश्ता

अच्छा ये सब तो साबित हो चुका है कि न तो इस दिन किसी को फांसी हुई थी और न ही फांसी की सज़ा सुनाई गई थी. तो 14 फरवरी और क्रांतिकारियों के बीच का लोचा है क्या. हम बताते हैं. इतिहास के कई जानकारों कहना कि 14 फरवरी को मदन मोहन मालवीय जी (जिन्होंने बीएचयू की स्थापना की थी) ने फांसी रुकवाने के लिए एक दया याचिका ब्रिटिश भारत के वायसराय लॉर्ड इरविन को भेजी थी जिसे खारिज कर दिया गया था.

फोटो साभार- गूगल

कहीं भी कुछ भी पढ़कर उस पर विश्वास करने से पहले फैक्ट चेक करिए. इंटरनेट का थोड़ा सकरात्मक प्रयोग करिए. बाकि इस तरह की अफवाहों का कच्चा चिट्ठा खोलने के लिए हम बैठे ही हैं. अगर आपको ऐसी कोई ख़बर मिले जिसे पढ़/सुन/देख कर आपको ख़बर पर शक हो तो उस ख़बर को हमारे फेसबुक पेज के जरिये हम तक पहुंचाइए, हम उस ख़बर का असली-नकली, सच-झूठ का पता लगाएंगे और आपको बताएँगे.

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