पहले वर्ल्ड कप से छठे वर्ल्ड कप तक बहुत कुछ बदल गया था, अब सब कुछ कलरफुल था और मैच भी रोमांच से भरे हुए थे। हर टीम इस महाकुंभ को जीतने के लिए जी-जान लगाने को तैयार थी। साल 1999 का वर्ल्ड कप रोमांच से भरा हुआ था और आखिर में जीत हुई सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली टीम की। वर्ल्ड कप के सफर में आज कहानी 1999 वर्ल्ड कप की।

Image result for 1999 world cupशुरूआती तीन वर्ल्ड कप की मेजबानी इंग्लैंड ने की थी। उसके बाद अलग-अलग देशों ने वर्ल्ड कप की मेजबानी की। साल 1999 के वर्ल्ड कप में एक बार फिर से इंग्लैंड मेजबानी कर रहा था। इस वर्ल्ड कप के अधिकतर मैच इंग्लैंड में ही हुए लेकिन कुछ मैच आयरलैंड, नीदरलैंड, स्काॅटलैंड और वेल्स में भी हुए। इस वर्ल्ड कप में 12 टीमों ने हिस्सा लिया। वे 12 टीमें थीं, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, इंडिया, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड, बंग्लादेश, साउथ अफ्रीका, केन्या, पाकिस्तान, स्काॅटलैंड, श्रीलंका और जिम्बाब्वे।

12 टीमों को 6-6 के ग्रुप में बांट दिया गया। लीग मैच के बाद सुपर सिक्स और उसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल की जंग होनी थी। दोनों ग्रुप से टाॅप-थ्री टीम को सुपर सिक्स में जाना था। ग्रुप ‘ए’ से सुपर सिक्स में पहुंचने वाली टीमें थीं- साउथ अफ्रीका, इंडिया और जिम्बाब्वे। ग्रुप ‘बी’ से सुपर सिक्स में पहुंची- पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड। कमाल की बात यह थी कि 1996 वर्ल्ड कप जीतने वाली श्रीलंका इस बार सुपर सिक्स में भी नहीं पहुंच पाई।

सुपर सिक्स में एक ग्रुप की तीनों टीमों को दूसरे ग्रुप के टीम से तीन मैच खेलने थे। पाकिस्तान सुपर सिक्स में सिर्फ एक मैच जीता वो जिम्बाब्वे से। ये वो जिम्बाब्वे नहीं थी जो सभी टीमों से हार जाए। तब की जिम्बाब्वे में ग्रैंड फ्लावर, ऐंडी फ्लावर, हीथ स्ट्रीक, हेनरी ओलंगा जैसे बेहतरीन प्लेयर थे। उस मैच में पाकिस्तान के सकलैन मुश्ताक ने हैट्रिक लगाकर, वर्ल्ड कप में हैट्रिक लगाने वाले दूसरे गेंदबाज बन गए। उससे पहले 1987 के वर्ल्ड कप में इंडिया के चेतना शर्मा ने पहली बार ये कारनामा किया था।

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ग्रुप मैच में अच्छे प्रदर्शन की वजह से पाकिस्तान को ग्रुप मैच में हार का कोई नुकसान नहीं हुआ। लीग मैचों में अच्छे प्रदर्शन की बदौलत पाकिस्तान ने सेमीफाइनल में जगह बनाई। पाकिस्तान के अलावा सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमें थीं न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका। पहला सेमीफाइनल मुकाबला पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच हुआ। सईद अनवर की सेंचुरी की बदौलत पाकिस्तान ने न्यूजीलैंड को हरा दिया और दूसरी बार फाइनल में जगह बनाई।

रोमांच भरा मैच

दूसरा सेमीफाइनल ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच हुआ। ये मैच सांस रोक देने वाला रहा, वर्ल्ड कप के रोमांचक मुकाबलों में इस मैच को जरूर याद किया जाता है। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बैटिंग की, कप्तान स्टीव वाॅ के 65 रनों के बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 213 रन बनाए। साउथ अफ्रीका को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए सिर्फ 214 रन बनाने थे।

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साउथ अफ्रीका की शुरूआत अच्छी हुई लेकिन पहले विकेट के गिरते साउथ अफ्रीका ने लगातार अपने विकेट खो दिए। साउथ अफ्रीका का एक समय स्कोर था 61 रन पर चार विकेट। इसके बाद कैलिस ओर रोड्स ने पारी को संभाला और पांचवे विकेट के लिए 84 रनों की साझेदारी की। रोड्स और कैलिस के आउट होते ही मैच ने नया मोड़ ले लिया। साउथ अफ्रीका ने लगातार फिर विकेट खो दिए। अब साउथ अफ्रीका को 4 बाॅल में 1 रन बनाना था और ऑस्ट्रेलिया को मैच टाई कराने के लिए विकेट लेना था।

एलेन डोनाल्ड क्रीज पर थे बाॅल फ्लेमिंग के हाथ में थी। स्टीव वाॅ ने अपने सारे प्लेयर पास में ही बुला लिया, ये स्टीव की रणनीति थी जो काम भी आई। डोनाल्ड अंपायर के पास गए और पूछा मैच ड्रा होने पर हम फाइनल में पहुंचेंगे? अंपायर बोले नहीं। फ्लेमिंग की चौथी गेंद पर डोनाल्ड रन बनाने के लिए भागे और रन आउट हो गए। इस मैच में नतीजा तो टाई रहा लेकिन सुपर सिक्स में रन रेट के आधार पर ऑस्ट्रेलिया फाइनल में पहुंच गई।

Image result for 1999 world cup aus vs saमजेदार किस्सा

इन दोनों टीमों का एक मजेदार किस्सा सुन लीजिए। सुपर सिक्स में भी साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया आपस में भिड़े थे।जब ऑस्ट्रेलिया का स्कोर था 152 रन पर 3 विकेट। लांस क्लूजनर बॉलिंग कर रहे थे। गुड लेंथ पर क्लूजनर ने बाॅल डाली, स्टीव वॉ शायद कुछ जल्दी में थे। इस गेंद को सही से नहीं खेल पाए और गेंद विकेट पर खड़े हर्शेल गिब्स के पास पहुंची।

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हर्शेल गिब्स ने गेंद पकड़ तो ली लेकिन जज्बाती हो गए और गेंद हाथ में आते ही जश्न मनाने चल पड़े। कैच सही से नहीं हुआ और बाॅल जमीन पर जा गिरी। गिब्स ने उस खिलाड़ी का कैच छोड़ दिया जिसने इस मैच में सेंचुरी मारी और साउथ अफ्रीका को हराया। इस मैच के बारे में जो याद किया जाता है वो है स्टीव वाॅ की एक बात। जिस गेंद पर गिब्स ने कैच छोड़ा वो ओवर की आखिरी गेंद थी। ओवर खत्म होते ही स्टीव वाॅ गिब्स से मुस्कुराते हुए बोले,

कैसा लग रहा है वर्ल्ड कप ड्रॉप करके?

कई सालों बाद स्टीव ने खुद इस बात को बताया कि उन्होंने क्या कहा था? उन्होंने बताया कि उन्होंने गिब्स से कहा था, ये कैच आज तुम्हारी टीम को भारी पड़ेगा, हर्श।

पाकिस्तान वर्सेस ऑस्ट्रेलिया

20 जून 1999, इसी दिन लाॅर्डस के मैदान पर पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच फाइनल मुकाबला हुआ। पाकिस्तान की टीम दूसरी बार फाइनल में थी, इससे पहले 1992 का वर्ल्ड कप पाकिस्तान ने ही जीता था। इस बार पाकिस्तानी की कप्तानी कर रहे थे वसीम अकरम और ऑस्ट्रेलिया के कप्तान थे स्टीव वाॅ। पाकिस्तान ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज जैसी टीमों को हराकर फाइनल में पहुंच चुकी थी। तो वहीं ऑस्ट्रेलिया जो साउथ अफ्रीका के साथ सेमीफाइनल टाई होने के बाद फाइनल में आई थी।

पाकिस्तान ने टाॅस जीता और पहले बैटिंग करने का फैसला लिया। हल्की बारिश होने की वजह से मैच आधे घंटे की देरी से शुरू हुआ। ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच में खतरनाक गेंदबाजी की और पाकिस्तान को 132 रन पर सिमेट दिया। इस मैच में सबसे ज्यादा विकेट लिए थे शेन वाॅर्न ने। वार्न ने पाकिस्तान 4 बल्लेबाजों को पवेलियन पहुंचाया था। पाकिस्तान के लिए इतने छोटे स्कोर को डिफेंड करना बहुत मुश्किल था और जब ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम हो तो वो नामुकिन हो ही जाता है और हुआ भी वही। 133 रनों का लक्ष्य 20 ओवर में पा लिया, ऑस्ट्रेलिया ने 2 विकेट के नुकसान पर 133 रन बना लिए और 1999 के वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाई।

Image result for 1999 world cupवर्ल्ड कप में इंडिया

1999 वर्ल्ड कप के बारे में जान लिया, अब अपनी टीम इंडिया के सफर के बारे में जान लेते हैं। इस वर्ल्ड कप में इंडिया की कप्तानी कर रहे थे, मोहम्मद अजरूद्दीन। इस वर्ल्ड कप में सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ जैसे धुरंधर भी थे। इसके बावजूद इंडिया सेमीफाइनल में नहीं पहुँच पाया था। इंडिया सुपर सिक्स में आराम से पहुंच गया। सुपरसिक्स में इंडिया पाकिस्तान से तो आराम से जीत गया लेकिन ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से हार गया।

अब पाकिस्तान के खिलाफ मैच जीते थे तो उस मैच की बात कर लेते हैं। इंडिया ने टाॅस जीता और पहले बैटिंग करने का फैसला किया। पाकिस्तान ने अच्छी बाॅलिंग की लेकिन राहुल द्रविड़ की जुझारू 61 रनों की वजह से इंडिया ने 50 ओवर में बनाए 227 रन। इस मैच के हीरो रहे वेंकटेश प्रसाद, वेंकटेश ने पाकिस्तान के बल्लेबाजों को टिकने ही नहीं दिया। इस मैच में वेंकटेश ने 5 विकेट लिए, उनके अलावा अनिल कुंबले ने भी 2 विकेट लिए। इंडिया के 227 रनों के जवाब में पाकिस्तान की पूरी टीम 45.3 ओवरों में 183 रनों पर ढ़ेर हो गई और इंडिया ये मैच 47 रनों से जीत गई।

undefined ये थी 1999 वर्ल्ड कप की कहानी जिसे ऑस्ट्रेलिया ने जीता। जहां से क्रिकेट और वर्ल्ड कप पर ऑस्ट्रेलिया का एक दशक तक राज रहने वाला था, ये तो बादशाहत की बस शुरूआत थी। इसी कड़ी में अगली बार लेकर आउंगा 2003 के वर्ल्ड कप की कहानी।

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