2019 के लोकसभा चुनाव का पूरा देश इंतज़ार कर रहा है. इस इंतज़ार को खत्म करते हुए चुनाव आयोग ने 10 मार्च को चुनावों की तारीखें और चुनाव संबधित जानकारी साझा कर दी है. लोकसभा चुनाव सात चरणों में होगें, इससे पहले लोकसभा चुनाव नौ चरणों में हुए थे. 11 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग शुरू होगी. 19 मई को आख़िरी चरण की वोटिंग होगी फिर 23 मई को चुनावों के परिणाम आएंगे.

देश के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने इस बात की जानकारी दी. इस दौरान उनके साथ चुनाव आयुक्त सुनील चंद्रा और अशोक लावास भी मौजूद थे.

पहला चरणः 20 राज्यों के 91 संसदीय क्षेत्रों में मतदान
दूसरा चरणः 18 अप्रैल को 13 राज्यों की 97 सीटों पर मतदान
तीसरा चरणः 23 अप्रैल को 14 राज्यों की 115 सीटों पर मतदान
चौथा चरणः 29 अप्रैल को 9 राज्यों की 71 सीटों पर मतदान
पांचवा चरणः 6 मई को 7 राज्यों की 51 सीटों पर मतदान
छठा चरणः 12 मई को 7 राज्यों में 59 सीटों पर मतदान

मतदान का सांतवा यानि आख़िरी चरण 19 मई को होगा, जिसमें 8 राज्यों की 59 लोकसभा सीटों पर वोटिंग होगी.

खास बातें

  • चुनाव आयोग ने मतदाताओं के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 जारी किया है जिस पर फोन करके मतदाता सूची में नाम चेक किया जा सकेगा.
  • चुनावों के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारी मात्रा में सुरक्षाबल तैनात किए जांएगें.
  • सभी उम्मीदवारों को अपना प्रोपर्टी और एजुकेशन का ब्यौरा देने के लिए फॉर्म 26 भरना पड़ेगा.
  • वोटिंग से 48 घंटे पहले तक इलाकों में लाउड स्पीकर नहीं बजेगें. चुनाव आयोग मे कहा कि सुबह 10 बजे के बाद लाउड स्पीकर नहीं बजेगें, हम ध्वनि प्रदूषण को कम करने पर खास फोकस करेंगे.
  • पूरे देश में लगभग 10 लाख पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, ज़रूरत पड़ने पर पोलिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है.
  • इस बार इवीएम मशीनों की सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाएगा. सभी मतदान केंद्रों पर वीवीपैट मशीनें लगाई जाएंगी और साथ ही साथ इवीएम मूवमेंट की ट्रैकिंग भी की जाएगी.
  • चुनाव खर्चे पर विशेष निगरानी रखी जाएगी.
  • 2019 के लोकसभा चुनाव में कुल 90 करोड़ मतदाता वोट डालेगें जिसमें 160 करोड़ लोग कामकाज़ी होंगे और डेढ़ करोड़ वोटर 18-19 की उम्र के बीच.
  • चुनाव आयोग के ऐप  के ज़रिए किसी भी तरह की शिकायत की जा सकेगी और शिकायत पर 100 घंटे के भीतर एक्शन लेने की बात कही गई है. शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी.
  • आचार संहिता के उल्लघंन पर इस बार चुनाव आयोग सख़्ती से एक्शन लेगा. इसके अलावा सोशल मीडिया के प्रचार पर भी खास निगरानी रखी जाएगी और इसके लिए अलग से गाइडलाइन्स बनेगी. पेड न्यूज़ पर सख़्ती से कार्यवाही होगी.

चुनाव आयोग ने वोटिंग की तारीखों का निर्धारण करते समय स्टुडेंट्स के एग्ज़ाम की तारीखों का खास ख्याल रखा है.

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