पहले जीवन की मूलभूत ज़रूरतें हुआ करती थी- रोटी, कपड़ा और मकान. लेकिन अब इन ज़रूरतों में एक अहम चीज़ जुड़ गई है. इंटरनेट. इंटरनेट इंसान का एक अहम अंग हो गया है जिसके बिना रह पाना बेहद मुश्किल है. आप जब भी किसी चीज़ को लेकर उलझन में होते हैं इंटरनेट पर उसका हल ढ़ूढ़ने की कोशिश करते हैं. बच्चा रो रहा है पोएम दिखा दो. शरीर में कोई दिक्कत हो रही है, गूगल पर सर्च करो रिजल्ट में लक्षण और उपाय देखो लो. किसी बीमारी के होने पर डॉक्टर की जगह गूगल से दवाई के नाम खोज लो.

इंटरनेट बहुत सहायक है. बेहतरीन चीज़ है. लेकिन किसी भी चीज़ पर पूरी तरह से निर्भर होना खतरनाक होता है, चाहे वो कितनी भी बेहतरीन हो. ऐसा ही कुछ गोरखपुर की एक महिला का साथ भी हुआ. 25 साल की एक प्रेग्नेंट युवती घर बैठे इंटरनेट पर वीडियो देखते हुए खुद की डिलीवरी करने की कोशिश कर रही थी जिसमें बच्चे और युवती दोनों की जान चली गई.

खून से लथपथ मिला शव

इस युवती की पहचान अभी उजागर नहीं की गई है. युवती किराए के कमरे में खून से लथपथ अपने बच्चे के साथ मृत हालत में मिली. शव के साथ कैंची, एक ब्लेड और धागे मिले साथ में रखा हुआ एक फोन मिला जिस पर वीडियो चल रहा था.

झूठ बोलकर लिया किराए पर कमरा

घर के मकान मालिक ने इस बारे में बताते हुए कहा है कि युवती मूल रूप से बहराइच की है. चार दिन पहले खुद के लिए ये कमरा लिया था, युवती ने कहा था कि कुछ दिनों में उसकी मां अस्पताल में उसकी देखभाल करने के लिए आने वाली है.

पुलिस का क्या कहना है? 

पुलिस का कहना है कि युवती चार साल से गोरखपुर में रह रही थी और कम्पीटेटिव एग्ज़ाम्स की तैयारी कर रही थी. ये बात अभी तक साफ नहीं है कि वो घर पर बच्चे को जन्म क्यों दे रही थी? अस्पताल क्यों नहीं गई? लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि समाज के डर से उसने ऐसा कदम उठाया है. बताया जा रहा है कि लड़की शादीशुदा नहीं थी. शायद इसीलिए बिना शादी के प्रेग्नेंट होने के चलते समाज के डर से उसने ऐसा किया.

पुलिस के अनुसार लड़की के घरवालों को सूचित कर दिया गया है पर किसी तरह की कोई एफआईआर घरवालों की तरफ से दर्ज नहीं कराई गई है.

इंटरनेट का इस्तेमाल

इस युवती ने जो किया वो बेहद ही बेवकूफाना था. इंटरनेट से देखकर डिलीवरी करना तो दूर की बात बल्कि किसी छोटी बीमारी की जानकारी निकाल कर दवाई भी मत लीजिए. ऐसा कई केसेज में हुआ है कि इंटरनेट के ऐसे इस्तेमाल से कई ज़िंदगियां खतरे में आई हैं. हर काम के लिए किसी न किसी की नियुक्ति है. बीमारी और डिलीवरी के लिए डॉक्टर हैं, तो जब भी इस तरह की कोई ज़रूरत आपको हो तो आप डॉक्टर के पास जाइए, इंटरनेट के पास नहीं. बाकी इस मामले में सिर्फ अकेली लड़की और इंटरनेट ही दोषी नहीं है. इस मामले में समाज की दबी कुचली सोच का भी बहुत बड़ा हाथ है। पर उस पर फिर कभी…

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