अगर आप गूगल करते हैं, Assam Flood… तो आपको कुछ इस तरह की फोटो देखने को मिलेगी। उसके बाद न्यूज सेक्शन में जाकर आप खबरों को टटोल सकते हैं। असम में हालात नाजूक है। स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। तस्वीर से आप अंदाजा लगा सकते हैं। दरअसल इसमें चेतावनी दी गई है कि कल शाम तक ब्रह्मपुत्र में आज सुबह की तुलना में 24 सेमी की गिरावट आने की संभावना है। कृपया अगर रिवरफ्रंट के पास जा रहे हैं तो सतर्क रहें।

source: google

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असम में हर दिन स्थिति बद से बदतर होते जा रही है: 

खबर लिखे जाने तक जो लेटेस्ट अपडेट है उसके अनुसार असम के 33 जिलों में से 28 जिले ब्रह्मपुत्र नदी में आई बाढ़ से प्रभावित हैं। लगातार हो रही बारिश ने स्थिति और बिगाड़ दी है। पिछले 7 हफ्तों में 76 लोगों की जान इस बाढ़ की वजह से जा चुकी है। अब तो बाढ़ का कहर इंसानों के साथ-साथ बेजुबान जानवरों पर भी पड़ रहा है। अब तक 66 जानवर जान गंवा चुके हैं। कुछ तस्वीरें अभी सामने आ रही हैं जिसमें साफ दिख रहा है कि किस तरह से जानवर बेसुध हालत में काजीरंगा नैशनल पार्क से बाहर निकलकर सड़क पर पड़े हुए हैं।

Source: NDTV

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अभी जो स्थिति है उसके अनुसार असम के काजीरंगा नैशनल पार्क  का 80 प्रतिशत हिस्सा डूब गया है। यानी इस वक्त असम में चाहे वो इंसान हो चाहे जानवर, सभी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। 40 लाख जनसंख्या कोई मामूली जनसंख्या नहीं होती।

असम में आई बाढ की तस्वीर SOURCE: GOOGLE

असम में आई बाढ की तस्वीर SOURCE: GOOGLE

सामने आ रही खबरों के अनुसार असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में बाढ़ से पांच और लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदेश के 28 जिलों के करीब 36 लाख लोग अब भी असम में आयी इस विभीषिका से प्रभावित हैं। धुबरी, दर्रांग, बोंगाईगांव, गोलपाड़ा और कामरूप जिलों में बाढ़ से एक–एक व्यक्ति की मौत हुई है। प्राधिकरण द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक गुरूवार तक राज्य के 33 जिलों में से 27 जिलों के लगभग 40 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हो चुके थे। इस साल राज्य में बाढ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से 102 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 76 मौतें बाढ़ से हुई है जबकि भूस्खलन से 26 मौतें दर्ज की गयी है।

प्रधानमंत्री से लगाई जा रही है गुहार:

असम में बाढ़ के कारण मची तबाही को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी और केंद्र सरकार से असम में तत्काल ध्यान देने की अपील की है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि राज्य को जितनी जल्दी हो सके अधिक से अधिक सहायता प्रदान की जाए। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि असम इस वक्त कोरोना वायरस और बाढ़ से जूझ रहा है। इसके अलावा उन्होंने काजीरंगा नेशलन पार्क में जानवरों की मौत पर भी शोक व्यक्त किया है।

Source: The Hindu

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राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से असम की मदद करने को कहा: 

लेटेस्ट खबर के अनुसार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर पार्टी कार्यकर्ताओं को असम में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आने के लिए कहा है, ट्वीट देखिए: 

बाढ़ और COVID 19 दोनों से लड़ने में मदद कर रहे हैं वॉलंटियर्स: 

मालूम हो कि पूरा भारत जहां कोरोना वायरस से जूझ रहा है, वहीं असम बाढ़ और कोरोना दोनों से जूझ रहा है। इससे उबरने में मदद कर रहे हैं, वहां के वॉलंटियर्स यानी स्वयं सेवक। असम में कोविड -19 और बाढ़ से लड़ते हुए, हजारों स्वयंसेवक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसको लेकर हिंदुस्तान टाइम्स में जो खबर छपी है उसके अनुसार असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के राज्य परियोजना समन्वयक पंकज चक्रवर्ती ने कहा,

 हम इस विचार के साथ आए और अप्रैल में एक अपील जारी कर कोविड -19 संबंधित कार्य के लिए स्वयंसेवकों की मांग की। 4 दिनों के भीतर भारी प्रतिक्रियाएं आईं और 16,000 लोग आगे आए।

Source: Hindustan Times

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बिहार में भी हालत खराब:

मालूम हो कि इस वक्त बाढ़ और कोरोना से असम के अलावा बिहार भी काफी प्रभावित है। यहां भी जब टेस्टिंग बढाई गई तो कोविड 19 के पेशेंट की संख्या में भी इजाफा हो रहा है तो वहीं दूसरी तरफ बिहार में भी बाढ़ तबाही मचा रही है। बिहार के अस्पतालों में भी बाढ की वजह से पानी घुस गया है। साथ ही उस तस्वीर से तो आप परिचित होंगे ही जिसमें एक डॉक्टर ठेले पर बैठ कर बाढ को पार करते हुए हॉस्पीटल जा रहा है। यह तस्वीर बिहार में कोरोना वायरस और बाढ़ की तबाही, दोनों ही स्थिति को दर्शाने के लिए काफी है। 

सुपौल में डॉक्टर ठेले से अस्पताल जाते हुए source: google

सुपौल में डॉक्टर ठेले से अस्पताल जाते हुए source: google

…और अंत में एक सवाल कि चलो कोरोना इस बार आया पर क्या हर साल स्थिति ऐसी नहीं होती है? कमेंट बॉक्स में प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा।