झुग्गी बोले तो शहरी जीवन की सच्चाई। हमारे देश में लगभग 6 करोड़ लोग ऐसे हैं जो कहने के लिए शहर में हैं लेकिन, अपनी लाइफ झुग्गियों में बीता रहे हैं। इनमें से कई लाख लोग ऐसे भी हैं जो बगैर पानी, नाली, बिजली की सुविधा के लाइफ जी रहे हैं। भारत में झुग्गियों का राजनीति और बॉलीवुड से भी खास नाता रहा है। ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ ऐसी ही एक फिल्म थी जो झुग्गियों के ऊपर बेस्ड थी और ऑस्कर तक का सफर तय कर चुकी है। रही बात राजनीति की तो, हमेशा से ही चुनाव का माहौल इन झुग्गियों के ऊपर ही गरम किया जाता हैं। ताजा उदाहरण दिल्ली चुनाव को ही ले लीजिए, बीजेपी ने तो बकायदा यहां स्लोगन भी दिया था- ‘जहां झुग्गिया वहां मकान’

दिल्ली चुनाव तो खत्म हो गया लेकिन, ‘जहां झुग्गिया वहां मकान’ वाला स्लोगन का मतलब बदलकर इसे गुजरात में अप्लाई किया जा रहा है। ट्रंप गुजरात क्या आ रहे हैं, गरीबी को खत्म करने के बजाय सरकार गरीबों को ही हटा रही है। पहले तो दीवार इसलिए बनवाई गई ताकि जब डोनाल्ड ट्रंप इस रास्ते से होकर गुजरे तो, उनकी निगाह इन झुग्गियों पर न पड़े। लेकिन, जहां दीवार बनाना संभव नहीं है वहां सरकार एक अलग ही गेम खेल रही है।

ट्रंप के गुजरात आने से पहले चल रही तैयारियां, फोटो सोर्स: गूगल

ट्रंप के गुजरात आने से पहले चल रही तैयारियां, फोटो सोर्स: गूगल

24 फरवरी को डोनाल्ड ट्रंप गुजरात के मोटेरा स्टेडियम पहुंचने वाले हैं। इस स्टेडियम में क्या कुछ होगा, उसका ब्यौरा भी आ चुका है लेकिन, उसी स्टेडियम के कुछ दूरी पर गरीबों की एक झुग्गी है। जहां लगभग 45 से 50 परिवार रहते हैं। अब उन्हें ट्रंप की निगाहों से कैसे बचाया जाए? तो इसके लिए सरकार ने झुग्गियों में रहने वाले सभी लोगों के लिए एक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में झुग्गी को खाली करने की बात कही गई है।

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दरअसल, 17 फरवरी को अहमदाबाद म्युनिसिपल कारपोरेशन यानि AMC ने मोटेरा स्टेडियम के पास बनी झुग्गियों में रहने वाले तक़रीबन 45 परिवारों को नोटिस दिया। जिसमें ये कहा गया कि जिस जमीन पर ये झुग्गियां बनी हैं, वह AMC की है। इसलिए इसे जल्द से जल्द खाली कर दें। इस नोटिस के बाद वहां रह रहे 45 परिवारों के लगभग 200 मेंमबर्स इस वक्त काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि पिछले 20 बर्षों से हम इस जमीन पर रह रहे हैं। अब अचानक सरकार इस जमीन को खाली करने की बात कह रही है तो, अब हम जाएंगे कहां? स्थानीय मीडिया और लोगों का कहना है कि जिस जगह पर ‘नमस्ते ट्रंप’ इवेंट का आयोजन होने वाला है, उससे कुछ ही दूरी पर ये झुग्गियां हैं। इसलिए सरकार इन झुग्गियों को खाली करवा रही है।

इस बारे में झुग्गी वालों का कहना है कि इतने दिनों से तो किसी को भी इस जमीन की याद नहीं आई फिर ये अचानक नोटिस जारी करने का क्या मतलब? इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन का कहना है कि इन झुग्गियों पर कार्रवाई ‘नमस्ते ट्रंप’ इवेंट की वजह से नहीं हो रही है। उनका कहना है कि ये ज़मीन टाउन प्लानिंग स्कीम के तहत आती है, इसलिए ख़ाली कराई जा रही है। झुग्गी में रहने वाले लोग केवल नमस्ते ट्रंप इवेंट का बहाना बना रहे हैं जबकि हकीकत ये है कि AMC खुद इस जमीन को खाली करवाना चाहती है।

थोड़ी देर के लिए मान भी ले कि प्रशासन जो कह रहा है वो सही है तो क्या यह सही समय है जब AMC झुग्गी खाली करवाए? यह सवाल इसलिए भी क्योंकि सरकार पहले ही गरीबों की झुग्गियों के सामने दीवार खड़ी करके सवालों के घेरे में हैं। अगर इतना ही जल्दी है तो 24 फरवरी के बाद भी इसे खाली कराया जा सकता है। पिछले 20 सालों से अगर अहमदाबाद म्युनिसिपल कारपोरेशन को इस जमीन के बारे में इतनी चिंता नहीं हुई तो, ऐसे में और 8 दिन रुक जाने पर शायद कुछ ज्यादा परेशानियां नहीं होती। खैर, अब तो केवल 24 फरवरी का ही इंतजार हो रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी पत्नी के साथ भारत आएंगे और मोटेरा स्टेडियम के साथ-साथ गुजरात मॉडल को जानेंगे।