इस वक्त सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी चल रहा है। कल यानि शुक्रवार को सेमीफाइनल खेला गया। दो टीमे थी, कर्नाटका और हरियाणा। सेमीफाइनल था या फिर रिकॉर्ड्स का अंबार, कल बैटिंग में भी खूब धागे खोले गए और गेंदबाजों का भी जादू चला। अब यह बात थोड़ी अटपटी जरुर है कि अगर किसी मैच में बैट्समैन ने खूब धागे खोले हो  तो, गेंदबाजों का जादू कैसे चला। लेकिन, ऐसा हुआ है और क्या खूब हुआ है।

अभिमन्यु मिथुन, फोटो सोर्स: गूगल

अभिमन्यु मिथुन, फोटो सोर्स: गूगल

कर्नाटक ने पहले टॉस जीता और गेंदबाजी करने का फैसला किया। हरियाणा ने पारी की शुरुआत ही काफी अलग अंदाज में की थी। पहले विकेट के लिए 6.4 ओवर में 67 रनों की पार्टनरशिप हुई। हर्ष पटेल ने 20 गेंदों पर 54 रनों की एक शानदार पारी खेली। लेकिन, हर्ष के आउट होने के बाद 9वें और 12वें ओवर में विकेट गिरा और फिर असली खेल पारी के अंतिम ओवर में देखने को मिला। 19 ओवर के खत्म होने के बाद हरियाणा का कुल स्कोर था 194/3.  अंतिम ओवर लेकर आए अभिमन्यु मिथुन। फिर इस ओवर ने सब कुछ बदल दिया।

अभिमन्यु ने पहली गेंद पर हिमांशु राणा (61) को, दूसरी गेंद पर राहुल तेवतिया(32) और अभिमन्यु के हैट्रिक का शिकार बने सुमित कुमार(0)।  खेल अभी यही खत्म नहीं हुआ था। अगली गेंद कप्तान अमित मिश्रा(0) को पवेलियन पहुंचाने के लिए काफी थी। अगली गेंद वाइड रही और पांचवीं गेंद पर जितेश सरोहा ने एक रन ले लिया। पारी की आखिरी गेंद पर जयंत यादव (0) को बॉय-बॉय करवा दिया। अभिमन्यु मिथुन का एक ओवर, और इस तरह से हरियाणा की टीम बिखर जाएगी यह किसी ने नहीं सोचा था।

मिथुन शुरुआती तीन ओवर में काफी महंगे साबित हुए थे। तीन ओवर में बिना कोई विकेट लिए 37 रन लुटाए थे। लेकिन 4 ओवर के बाद 39 रन देकर पांच विकेट उनके नाम था। इसके बाद बैटिंग करने आई कर्नाटक की टीम ने रही सही कसर पूरी कर दी। पहले सलामी बल्लेबाजों ने 57 गेंदों में 125 रन कूट डाले। के एल राहुल ने 31 गेंदों पर 66 रन बनाए तो, देवदत्त पडिकल्ल ने 42 गेंदों पर 87 रन की पारी खेल डाली। राहुल ने अपनी पारी में 6 छक्के जबकि पडिकल्ल ने 4 छक्के लगाए। इसके बाद बाकी का काम मयंक अग्रवाल ने पूरा कर दिया। 14 गेंदों पर 3 छक्कों की मदद से 15 ओवर में ही टीम को 195 तक पहुंचा दिया।

इस मैच के बाद हर जगह मिथुन की चर्चा हो रही है। मिथुन की यह उपलब्धी इसलिए भी खास है क्योंकि टी-20 में एक ओवर में पांच विकेट लेना संभव नहीं है। ऐसे में मिथुन विश्व के पहले क्रिकेटर बन गए हैं। उनसे पहले श्रीलंका के लसिथ मलिंगा लगातार 4 गेंदों पर 4 विकेट ले चुके हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ इसी साल ये कामयाबी हासिल की थी। मिथुन का साल 2019 में यह दूसरा हैट्रिक है।

25 अक्टूबर को अभिमन्यु मिथुन का जन्मदिन था। तमिलनाडु के खिलाफ वह विजय हजारे ट्राफी का फाइनल मैच खेल रहे थे। उस वक्त भी उन्होंने हैट्रिक विकेट ली थी।  वह घरेलू क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में हैट्रिक लेने वाले पहले गेंदबाज बन गए हैं। मिथुन ने इससे पहले 2009 की रणजी ट्रॉफी (प्रथम श्रेणी) में उत्तर प्रदेश के खिलाफ हैट्रिक विकेट ले चुके हैं।

25 अक्टूबर 1989 को बंगलुरु में जन्मे अभिमन्यु मिथुन भारतीय टीम के लिए टेस्ट और वनडे दोनों फॉर्मेट में खेल चुके हैं। उन्होंने साल 2010 और 2011 में 4 टेस्ट और 5 वनडे मैच भी खेला था। लेकिन, इसके बाद जब एक बार टीम से बाहर हुए तो, फिर वापसी नहीं कर सके। उनकी जगह बुमराह और भुवनेश्वर कुमार ने ले ली थी।

साल 2018 में मिथुन के ऊपर एक आरोप भी लगा था जिसमें अब उन्हें नोटिस जारी किया गया है। दरअसल, पिछले साल कर्नाटक प्रीमियर लीग चल रहा था। मिथुन पिछले साल शिवमोगा लॉयंस के कप्तान थे। लेकिन, उनकी कप्तानी में टीम ने उस सीजन में एक भी मैच नहीं जीता था। इसलिए लोगोंं को लगा की शायद मैच फिक्स था। फिर क्राइम ब्रांच की टीम ने इस बारे में जांच शुरु की।

इस साल जुलाई के बाद 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में ये बात भी सामने आई कि इस फिक्सिंग में अभिमन्यु मिथुन का भी हाथ है। इसके बाद उन्हें नोटिस भेजा गया। पुलिस कमिश्नर संदीप पाटिल ने मिथुन को पूछताछ के लिए बुलाए जाने की पुष्टि की है। पाटिल का कहना है कि मिथुन के बारे में BCCI को भी बता दिया गया है। ऐसा करना इसलिए भी जरुरी था क्योंकि मिथुन एक अंतरराष्ट्रीय प्लेयर हैं। उन्होंने साल 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के तीसरे वनडे में डेब्यू किया। वहीं इसी साल जुलाई में उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ गॉल में टेस्ट डेब्यू किया। अपने पहले टेस्ट में उन्होंने चार विकेट हासिल किए।