बचपन से यौवन काल की ओर जब मैं अग्रसर हो रहा था तब, मुझे यह ज्ञान दिया गया था कि पुलिस और डॉक्टर के पचड़े में हमें नहीं पड़ना चाहिए. इसके पीछे सभी की मान्यता अलग-अलग है. मेरी भी यही मान्यता है पर इसको मानने की वजह बदल गयी है. आज के समय में हमें पुलिस से दूरी इसलिए बना कर चलना चाहिए क्योंकि, पुलिस आजकल मददगार होनेे के साथ-साथ लापरवाह और क्रूर भी हो गई है।

राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक RTI कार्यकर्ता को पुलिस ने गिरफ्तार किया. ज़मीनी विवाद के मामले में उसकी गिरफ्तारी की गयी थी जहाँ उसकी मौत हो गयी. व्यक्ति की मौत पुलिस की कस्टडी में हुई. रविवार यानी 6 अक्टूबर को जमानत के लिए उसकी पेशी होनी थी पर उसकी तबीयत बिगड़ गयी. इलाज के लिए हॉस्पिटल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गयी. ये सुनने में जितना आम लगा रहा है उतना आम है नहीं क्योंकि

अगर उसकी मौत नॉर्मल तबियत ख़राब होने से हुई होती तो पुलिस वालों की लाइन हाजिर नहीं होती.

वहां के एसपी शरद चौधरी ने घटना की पुष्टि करते हुए पचपदरा थाने के सभी पुलिस वालों को लाइन हाजिर कर दिया है. राजस्थान में कस्टडी में मौत मानों आम बात हो गयी है. पिछले 10 महीनें में यह छठी घटना है जहाँ किसी की मौत राजस्थान के पुलिस थाने में हुई है.
थाने में कार्यकर्ता की मौत के बाद परेशान पुलिस वाले/ फोटो सोर्स गूगल
थाने में कार्यकर्ता की मौत के बाद परेशान पुलिस वाले/ फोटो सोर्स गूगल

पुश्तैनी जायदाद को लेकर परिवार वाले आपस में ही भिड़ गए जिसके बाद कार्यकर्ता के साथ उसके घर के दो और लोगों को हिरासत में लिया गया था. मृत कार्यकर्ता का नाम जगदीश गोलियार है जिसकी उम्र 42 साल है.

एसपी शरद चौधरी ने कहा-

पुलिस को सूचना मिली थी कि दो गुटों के बीच में मार-पीट हुई है जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और तीन लोगों को हिरासत में ले लिया. ज़मीन के विवाद को लेकर वह आपस में ही भिड़ गए थे.

उनके बीच में झगड़ा शनिवार को हुआ था. रविवार को जमानत के लिए उनकी तहसीलदार के सामने पेशी थी. जगदीश गोलियार की मौत की जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट करेगा. मौत की असली वजह तो ऑटोप्सी के बाद ही सामने आएगी जो कि न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने होगा.

जगदीश गोलियार /फोटो सोर्स गूगल
जगदीश गोलियार /फोटो सोर्स गूगल

पुलिस के मुताबिक़ जब तीनों को जमानत के लिए तहसीलदार के सामने पेश किया गया तभी से उसकी हालत बिगड़ने लगी थी. जगदीश की जमानत प्रक्रिया जब शुरू हुई तब उसकी तबीयत और ज्यादा खराब हो गयी. आनन-फानन में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ उसकी मौत हो गयी. इस मामले में मृतक के परिवार वालों ने 8 लोगों के खिलाफ लिखित मामला दर्ज करवाया है.

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