पहले कर्नाटक और अब गोवा, कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. ऐसा लग रहा भाजपा, कांग्रेस मुक्त भारत के अपने एजेंडे को पूरा करने के लिए कांग्रेस के पीछे हाथ-धो कर पड़ गई है. कर्नाटक के बाद अब गोवा में कांग्रेस के 15 में से 10 विधायक भाजपा में शामिल हो गए हैं. जिसके बाद गोवा में कांग्रेस के मात्र 5 विधायक रह जाएंगे. 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, गोवा में सबसे बड़ी पार्टी बन कर आई थी. लेकिन भाजपा ने अन्य पार्टियों से गठबंधन कर सरकार बना ली थी.

गोवा विधानसभा की वर्तमान स्थिति

40 सीटों वाली गोवा विधानसभा में इस वक्त भाजपा की एनडीए सरकार के पास 17 विधायक हैं. वहीं भाजपा को समर्थन देने वालों में गोवा फॉर्वड पार्टी (GFP) के 3 और 3 निर्दलीय विधायक हैं. जिस वजह से भाजपा के पास बहुमत(21) से दो ज्यादा विधायक हैं. जबकि कांग्रेस के पास 15 विधायक हैं वहीं एमजीपी के एक और एनसीपी के एक विधायक हैं.

अब कांग्रेस के 10 विधायकों के भाजपा में शामिल होंने के बाद, भाजपा के पास कुल 27 विधायक हो चुके हैं. जिसके बाद वो अपने दम पर सरकार बना सकती है. वहीं उसे गोवा फॉर्वड पार्टी(GFP) और निर्दलीय विधायकों की जरूरत नहीं पड़ेगी.

विधायकों के शामिल होने का कारण

भाजपा में शामिल होने वाले विपक्ष के नेता चंद्रकांत कावलेकर का कहना है कि, ‘भाजपा में शामिल होने का कारण कांग्रेस विधायकों में एकता का अभाव होना है. हमारे पास पूर्व में सरकार बनाने के कई मौके थे लेकिन आपसी मतभेदों की वजह से हम सरकार बनाने का दावा पेश नहीं कर पाये. हम बेहद ही सकारात्मक सोच के साथ भाजपा में शामिल हुए हैं. ताकि हम अपने निर्वाचित क्षेत्र में बेहतर काम कर सकें. विपक्ष के नेता और विधायक होने को नाते मेरा यह कर्तव्य है कि मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र की बेहतरी सुनिश्चित कर सकूं.’

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गोवा के मुख्यमंत्री, प्रमोद सावंत, फोटो सेर्स: गूगल

भाजपा ने इस पर क्या कहा ?

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस विधायकों को लेकर कहा कि, ‘यह कदम पार्टी को मजबूत करने और जनहित के इरादें से उठाया गया है. पिछले तीन महीनों में मैंने महसूस किया कि राज्य के लोगों के हित प्रभावित हो रहे हैं. अब लोगों को कोई कष्ट नहीं होने दिया जाएगा. मेरी सरकार किसान और आम लोगों के लिए है.

कांग्रेस का क्या मत हैं?

इस पूरे फेरबदल को लेकर कांग्रेस का भी बयान आ गया है. गोआ में कांग्रेस के प्रमुख गिरीश चोदांकर ने कहा कि बीजेपी का लक्ष्य ‘एक देश एक पार्टी’ बनाना रहा है और देश में ऐसे ही हालात बनते नज़र आ रहे हैं. उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि जो विधायक भाजपा में शामिल हुए हैं या तो उन्हें ब्लैकमेल किया गया है या फिर वो किसी के बहकावे में आकर इस तरह का फैसला लेने पर मजबुर हुए हैं.

गोवा कांग्रेस के प्रमुख, गिरीश चोदांकर, फोटो सोर्स: गूगल

गिरिश चोदांकर ने भाजपा को अहंकार से भरी पार्टी बताया हैं और साथ ही आरोप लगाया है कि बीजेपी अपनी महत्वकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सत्ता के गलत इस्तेमाल से भी पीछे नहीं हटती.

भाजपा नेतृत्व पर उठते सवाल

वहीं सरकार के अंदर से भी इस प्रकरण को लेकर आवाज़ उठ रही है. गोवा के पूर्व मूख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पार्रिकर ने कहा कि उनके पिता की मौत के बाद पार्टी ने गोवा में एक अलग ही रुख ले लिया है. उत्पल, अपने पिता की मृत्यु के बाद यहां विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा की टीकट के लिए प्रबल दावेदार माने जा रहे थे लेकिन बीजेपी ने उन्हें मैदान में नहीं उतारा.

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गोवा के भाजपा नेता उत्पल पार्रेकर, पोटो सोर्स: गूगल

इसके बाद उनके भाजपा छोड़ने के कयास लगाए जा रहे थे. हालांकि उन्होंने इन कयासों पर यह कह कर पूर्णविराम लगा दिया कि वो भाजपा से अलग नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि वो भाजपा में बने रहेंगे और पार्टी के लिए सालों से काम करने वाले कार्यकर्ताओं का सहयोग करते रहेंगे. एक बात तो तय है अगर कांग्रेस ने जल्दी कुछ नहीं किया, तो चाहे कोई विधायक रहे न रहे पर कांग्रेस पार्टी का सफाया तय है।