PNB की किस्मत में फ्रॉड है

साल 2016 में पूरे देश में सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हुई थी जिसमें सोनम गुप्ता नाम की एक लड़की को बेवफा बताया गया था। इस बात की चर्चा पूरे देश में ऐसे हुई जैसे कोई राष्ट्रीय मुद्दा हो। सोनम गुप्ता की तरह बेवफाई लग रहा है पीएनबी के किस्मत में भी लिखी हुई है। ऐसा हम इसलिए कह रहे है क्योंकि पीएनबी एक बार फिर एक बड़े फ्रॉड का शिकार हो गया है। हर साल पीएनबी से कर्ज़ लेने वाला कोई न कोई ग्राहक या कंपनी पैसे लेकर उसे चूना लगा ही देती है। ऐसा ही एक मामला फिर से सामने आया है।

पूरा मामला जान लीजिए?

असल में हुआ ये है कि हर साल की तरह इस साल भी सभी बैंकों ने अपना-अपना फोरेंसिक ऑडिट किया। जिसमें पीएनबी के साथ फिर से लगभग 3800 करोड़ का फ्रॉड हो गया है। जिसकी जानकारी खुद पीएनबी ने दी। बीते शनिवार को पीएनबी ने अपने साथ हुई इस धोखाधड़ी के मामले में कहा ‘फॉरेंसिक ऑडिट में सामने आया है कि कंपनी ने कर्जदाता बैंकों के समूह से फंड जुटाने के लिए दस्तावेजों और खातों में हेरफेर किया है’

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प्रतीकात्मक तस्वीर/ फोटो सोर्स- गूगल

एक कहावत है ‘दूध का जला, छाछ को भी फूँक कर पीता है।’ पीएनबी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। इस बार पीएनबी ने पहले की तरह बेवकूफी न करते हुए जैसे उसे इस घोटाले का पता चला उसने तुरंत बैंकों के मुखिया आरबीआई को इन्फॉर्म कर दिया और न सिर्फ आरबीआई को बल्कि, इसकी सूचना पीएनबी ने शेयर मार्केट को भी दे दी। लेकिन शायद थोड़ी देर कर दी।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स- गूगल

देर ऐसे कर दी कि जैसे ये खबर बाज़ार में आई वैसे ही सोमवार को पीएनबी के शेयरों में 10 फीसदी तक की गिरावट आ गई। सोमवार की सुबह बैंक के शेयर BSE पर 10.33 प्रतिशत से गिरकर 73.30 रुपए प्रति शेयर आ गए। जबकि सुबह 10:20 पर बैंक का स्टॉक 9.6 फीसदी की गिरावट के साथ 73.90 रुपए प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहा था।

पीएनबी ने शेयर बाज़ार को सूचना देते हुए ये कहा कि, “फरेंसिक ऑडिट जांच और स्वत: संज्ञान लेकर कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर बैंक ने आरबीआई को 3,805.15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की रिपोर्ट दी है”

खैर, जो हुआ सो हुआ, लेकिन पीएनबी ने एक बयान जारी कर कहा है कि,

“कंपनी ने बैंक कोष का गबन किया और बैंकों के समूह से कोष जुटाने को लेकर अपने बही-खतों में गड़बड़ की। फिलहाल मामला एनसीएलटी (राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण) में काफी आगे बढ़ चुका है और बैंक अच्छी वसूली की उम्मीद कर रहा है”

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घोटाला करने वाली कंपनी/ फोटो सोर्स- गूगल

घोटाला करने वाली इस कंपनी का नाम भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड (बीपीएसएल) है। पीएनबी के अनुसार इस कंपनी को जिन-जिन बैंकों से कर्ज़ लेना था, उसने सभी से फ़ंड लेने के लिए अपने दस्तावेज़ों और अकाउंट डिटेल्स के खातों में हेर-फेर कर दी। लेकिन यहां सवाल पीएनबी पर भी उठता है जो कि भारत का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक बैंक है। जब यह बैंक इतना बड़ा है और इसके साथ पहले भी नीरव मोदी जैसे कई हज़ार करोड़ के घोटाले का मामला हो चुका है। तब भी पीएनबी से इतनी बड़ी गलती कैसे हो सकती है। यहां पीएनबी से ये भी सवाल है कि आखिर दस्तावेज़ गलत होने जैसी लापरवाही कैसे हो सकती है, वो भी तब जब सब कुछ कम्प्यूटर और इंटरनेट से हो रहा है।

एक आम इंसान जब अपना बैंक अकाउंट खुलवाने जाता है तो उससे ढे़रों सवाल और दस्तावेज़ पूछे व मांगे जाते हैं। फिर कई हफ्तों की जांच के बाद उस इंसान का बैंक अकाउंट खुल पाता है। जिसमें उसे कई चक्कर भी काटने पड़ते हैं। फिर यहां पर ऐसा कैसे हो जाता है कि पीएनबी जैसे बड़े बैंक आम आदमी की जमा कराई हुई पूंजी को लोन के रूप में बड़े-बड़े रईसों को गलत तरीके से लोन दे देता है। कभी सांठ-गांठ से गलत लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (एलओयू) जारी हो जाता है, तो कभी कोई कंपनी गलत दस्तावेज़ दे देती है और उसे कई सौ करोड़ का लोन मिल जाता है। कहीं इस बार भी तो नियमों की अनदेखी कर किसी को फाएदा पहुंचाने की नियत से तो लोन नहीं दिया गया। और हमेशा की तरह फिर कह दो कि ये हो गया वो हो गया, इतना एनपीए बढ़ गया, इतना कर्ज़ डूब गया वगैरह, वगैरह…

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प्रतीकात्मक तस्वीर/ फोटो सोर्स- गूगल

वैसे सवाल तो यहां सरकार पर भी उठता है क्योंकि यह एक सरकारी बैंक है। सरकार क्यों नहीं ऐसे बैंकों पर अपना शिकंजा कसती है। कुछ तो बात है कि ऐसे घोटाले रुकने का नाम नहीं ले रहे। छेद कहीं भी हो सरकार और बैंक को मिल कर इस पर पूरी ईमानदारी के साथ जल्द से जल्द सिस्टम के इस छेद को भरना चाहिए। वरना फिर क्या होगा हमें नहीं मालूम (समझदार को इशारा काफी है)।

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