पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए आतंकी हमले का जवाब भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक करके दे दिया था. उस वक्त भारतीय नौसेना भी पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए बिल्कुल तैयार खड़ी थी. बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत ने अभ्यास कर रही भारतीय नौसेना को पाकिस्तानी जल क्षेत्र के करीब तैनात कर दिया था. इंडियन नेवी ने अपनी एक वारशिप समेत कई घातक पनडुब्बियों को पाकिस्तान के करीब वाले इलाके में तैनात कर दिया था. बताया जा रहा है कि भारतीय नौ सेना ने जो वारशिप तैनात की थी, वो परमाणु हमला करने में भी सक्षम थी.

प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स- गूगल

दरअसल, बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भारत के आक्रामक तेवर को देख कर पाकिस्तान डर गया था. पाकिस्तान नेवी को लगा था कि अब भारत अपनी नेवी को समुद्र के रास्ते से पाकिस्तान पर कार्यवाही करने का आदेश दे सकता है. इस डर से पाकिस्तान ने चालाकी दिखते हुए अपनी सबसे एडवांस अगोस्ता क्लास सबमरीन ‘पीएनएस साद’ को अपने समुद्री क्षेत्र से गायब कर दिया था.

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों ने बताया कि –

‘पीएनएस साद’ सबमरीन पाकिस्तानी नेवी की बाकी सभी पनडुब्बियों की तुलना में कहीं अधिक समय तक पानी के अंदर छिपी रह सकती है. ‘पीएनएस साद’ के लापता होने की सूचना के बाद इंडियन नेवी अलर्ट हो गई थी’.

प्रतीकात्मक तस्वीर , फोटो सोर्स – गूगल

इंडियन नेवी के मुताबिक पाकिस्तान की इस पनडुब्बी को आखिरी बार कराची के करीब देखा गया था. जहां से इसे गुजरात तट पर पहुंचने में तीन दिन और मुंबई पहुंचने में पांच दिन का समय लगता है. ‘पीएनएस साद’ का गायब होना भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन गयी थी. जिसके बाद भारतीय नौसेना ने ‘साद’ पनडुब्बी की तलाश के लिए पाकिस्तान की समुद्री सीमा के करीब एंटी पनडुब्बी युद्धक पोत और एयरक्राफ्ट तैनात कर दिये थे.

पीएनएस साद, फोटो सोर्स – गूगल

21 दिन तक चला सर्च ऑपरेशन

‘पीएनएस साद’ के गायब होने की सूचना मिलते ही भारतीय नौ सेना सतर्क हो गयी थी. जिसके चलते भारतीय नौसेना ने हर उस जगह की तलाशी ली जहां पाक पनडुब्बी के होने की संभावना हो सकती थी. पाकिस्तानी पनडुब्बी की तलाश के लिए ‘पी-8 आई एस’ हेलीकॉप्टर को भी लगाया गया था. ‘पीएनएस साद’ के भारतीय क्षेत्र में मिलने की स्थिति में भारतीय नौ सेना ने हमले की पूरी तैयारी कर ली थी. भारतीय नौसेना का ये तलाशी अभियान 21 दिन तक चला जिसके बाद नौसेना ने ‘पीएनएस साद’ को पाकिस्तान के पश्चिमी हिस्से में ढूंढ निकाला. तब जाकर इंडियन नेवी के अधिकारियों के माथे से चिंता की शिकन गायब हुई और उन्होंने चैन की सांस ली.

पाकिस्तान ने आखिर क्यों गायब की ‘पीएनएस साद’?

दरअसल पाकिस्तान का अपनी पनडुब्बी छिपाने के पीछे एक मकसद था. जिसके अनुसार अगर बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच जंग के हालात बने, तब पाकिस्तान समुद्री रास्ते से छिप कर अपनी इस पनडुब्बी के जरिए भारत पर हमला कर पाये. लेकिन भारतीय नौसेना ने इसे ढूढ़ कर पाक के नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया था .

युद्ध की संभावनाओं को देखते हुये इंडियन नेवी ने ‘आईएनएस विक्रमादित्य’ युद्धपोत को अरब सागर में तैनात किया था.

आईएनएस विक्रमादित्य, फोटो सोर्स – गूगल

दरअसल भारत अरब सागर के पूरे इलाके को अपनी कड़ी निगरानी में रखता है. इसके साथ ही इंडियन नेवी की पाकिस्तानी नौसेना की गतिविधियों पर भी पैनी नज़र रहती है. बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच टकराव की संभावनाओं को देखते हुए नेवी ने अपनी बड़ी फ्लीट पाकिस्तानी सीमा पर तैनात कर दी थी. इस फ्लीट में 60 वॉरशिप शामिल थे. जिसमें इंडियन नेवी का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर ‘आईएनएस विक्रमादित्य’ भी शामिल था. इन जहाजों को उत्तरी अरब सागर में अपने बैटल ग्रुप के साथ तैनात किया गया था.