एयर इंडिया के निदेशक अमिताभ सिंह ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है। एयर इंडिया ने सोमवार को सूचना जारी करते हुए इस बात की ऑफिशियल जानकारी दी है कि अब से हवाई जहाज में उड़ान की घोषणा होने के बाद प्लेन में मौजूद सभी क्रू मेंबर्स को ‘जय हिन्द’ बोलना होगा. नोटिफिकेशन जारी होते ही क्रू मेंबर्स के लिए यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू भी हो गया है।

यह पहली बार नहीं हुआ है जब देश के रूख को देखते हुए, सरकारी स्तर पर इस तरह के सर्कुलेशन को जारी किया गया हो। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने सिनेमाघरों में देशभक्ति की भावना को मज़बूती देने के लिए राष्ट्रगान गाना अनिवार्य किया था। हालांकि, यह बात अलग है कि सुप्रीम कोर्ट ने बाद में नोटिफिकेशन जारी करके अपने इस आदेश को वापस ले लिया था।

आज के समय में जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का माहौल है। जब लोग सड़क से संसद तक खुद को देशभक्त साबित करने के लिए कई तौर तरीके अपना रहे हैं, ऐसे समय में खुद को राष्ट्रभक्त बताने के लिए विमान में यात्रियों के लिए भी जय हिंद बोलना जरूरी किया जा सकता है।

अक्सर, किसी खास मौके पर हमारे अंदर की देशभक्ति हिलोरें मारने लगती है, कुछ समय बाद हमारे अंदर की ये देश भक्ति कश्मीर में जाकर सुस्ताने लगती है। चुनावी मौसम में या फिर देश के राष्ट्रीय पर्वों के मौके पर अक्सर इस तरह की देशभक्ति हमें देखने को मिलती है।

लाल किला की प्राचीर पर लहराता हुआ तिरंगा, फोटो सोर्स – गूगल

यह सोचने वाली बात है कि चिल्लाकर कंठ सूखने तक भारत माता की जय कह देने भर हम असली देश भक्त हो जाएंगे? क्या विमान में गर्मजोशी से जय हिंद कहने वाले ही सिर्फ देशभक्त होंगे? ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। अपने देश के प्रति प्यार को आप जबरिया तरीके से जता कर अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हट सकते हैं।

अपने देश से प्रेम करने के लिए आपको संविधान से प्रेम करना होगा। संविधान से प्रेम करने के लिए आपको अपने ही घर, गांव या शहर में बागी होना पड़ सकता है। बागी कहने का अर्थ यह हुआ कि आप जाति, धर्म, लिंग, भाषा के आधार पर होने वाले भेदभाव का विरोध करने लगते हैं। यह एक ऐसी समाजिक व्यवस्था है, जिसका विरोध करते ही आप बागी कहलाने लगते हैं। यदि आपने जाति व धर्म के नाम पर होने वाले हिंसक आंदोलनों में हिस्सा लिया है, तो आप असली देशभक्त किसी भी तरह से नहीं हो सकते हैं।

यह आश्चर्य की बात है कि कभी जाट आंदोलन, तो कभी पद्मावत के ख़िलाफ़ होने वाले हिंसक आंदोलनों का हिस्सा बनकर संविधान की धज्जियां उड़ाने वाले लोग जय हिंद बोलकर असली देशभक्त होने का दावा करने लगते हैं।

देश भक्त बनने के लिए आपको जागरूक नागरिक बनना होगा। ध्यान रहे कि देश के विशेष नागरिक और जागरूक  नागरिक होने का अर्थ एक नहीं होता है। विशेष तरह के देशभक्त वो होते हैं जो दफ्तर में पान की पीक थूकते हैं और 15 अगस्त के मौके पर कोट-पैंट पहनकर, तिरंगा फहराकर, जलेबी खाकर देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेते हैं। इससे हटकर जागरूक नागरिक हमेशा सत्ता पक्ष द्वारा की जा रही संविधान के आत्मा के हत्या के ख़िलाफ़ एक सच्चा प्रहरी बनकर सामने आता है। यही नहीं बिना किसी कैमरा में पोज दिये अपनी गली के नाले को साफ करके सड़क पर झाड़ू भी लगा देता है। लेकिन आज के समय में हमारे देश का यह दुर्भाग्य है कि सत्ता में बैठने वाले नेताओं से सवाल पूछते ही हम देशद्रोही कहलाने लगते हैं।

ऐसे समय में विमान में बैठकर जय हिंद बोलने भर से हम देश भक्त नहीं हो जाएंगे। यह बात हमेशा अपने ध्यान में रखने की जरूरत है।

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