उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में ढाई साल की मासूम बच्ची की हत्या के मामले में अब शहर के वकीलों ने भी बच्ची के परिवार का साथ देने का निर्णय ले लिया है. अलीगढ़ बार एसोसिएशन ने अपने निर्णय का ऐलान करते हुए कहा है कि कोई भी वकील इस मामले के आरोपियों का केस नहीं लड़ेगा. बच्ची की हत्या के मामले में अलीगढ़ बार एसोसिएशन के महासचिव अनूप कौशिक ने कहा कि हम बच्ची के परिवार के साथ खड़े हैं. उन्होंने कहा कि यहाँ से कोई भी वकील आरोपियों का केस नहीं लड़ेंगा. बाहर के वकील को मुकदमा लड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी. हम बच्ची के लिए न्याय की लड़ाई लड़ेंगे.

अलीगढ़ बार एसोसिएशन के इस फैसले ने देश में आज भी न्याय के जिंदा होने की संभावनाए जताई हैं . इस फैसले की सराहना हर ज़िम्मेदार नागरिक को करनी चाहिए.

इस मामले में अब तक चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया था. बताया जा रहा है कि तीसरा आरोपी मेंहदी हसन आरोपी जाहिद का भाई है. चौथी गिरफ्तारी एक महिला की हुई है. महिला आरोपी मेंहदी हसन की पत्नी है. कहा जा रहा है की जिस दुपट्टे से मासूम का गला घोटा गया था वह गिरफ्तार हुई महिला का ही है.

बता दें कि टप्पल इलाके में पैसे के लेन-देन को लेकर हुए विवाद के कारण ढाई साल की इस मासूम बच्ची की हत्या करके उसका शव कूड़े के ढेर में डाल दिया गया था. सूत्रों के मुताबिक जब बच्ची की लाश मिली थी तो मेहंदी मौके से फरार हो गया था. भागते वक्त मेहंदी ने कहा था जिसको जो करना है कर लो.

बच्ची के पिता की शिकायत पर जाहिद और असलम को गिरफ्तार किया गया था. डीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) आनंद कुमार ने बताया कि फास्ट ट्रैक बेसिस पर जांच करने के लिए दल में फॉरेंसिक साइंस टीम, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और एक्सपर्ट्स की एक टीम भी होगी. आनंद कुमार ने बताया कि आरोपियों पर POSCO एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी. मामले में पुलिस ने अब तक जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जाएगी.

पांच पुलिसकर्मी निलंबित

इस मामले में अलीगढ़ के एसएसपी आकाश कुलहरि ने शुक्रवार को इंस्पेक्टर केपी सिंह चहल सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था. बताया जा रहा है कि इन पर देरी से गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखने के अलावा, बच्ची की खोज और हत्या के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी में लापरवाही बरतने का आरोप है.

प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स- गूगल

द प्रिंट में छापी रिपोर्ट के अनुसार अलीगढ़ की बच्ची ट्विंकल के शव के परीक्षण से पता चला है कि उसकी पसलियां, नाक और पैर टूटे हुए थे और एक हाथ ग़ायब था. परीक्षण में यही भी सामने आया है की दो साल की बच्ची की मौत से पहले उसे 8 घंटे तक पीटा गया था.

ये स्टोरी कच्चा चिट्ठा में इंटर्नशिप कर रहे राजू सरकार ने लिखी है.

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