आचार संहिता के नियम से सभी राजनीतिक पार्टिया अवगत रहती है, फिर भी भसड़ मचा ही देते है. भारत के नेताओं में भूलने की पुरानी बिमारी है. हर चुनाव में विकास का वादा कर भुल जाते है, क्योंकी वे सिर्फ वोट पाने के लिए इसका इस्तेमाल करते है, उन्हे विकास से कोई लेना-देना नहीं है .वैसे ही जैसे नेताओं ने सिर्फ आचार संहिता का नाम सुना है, पालन करना नहीं सिखा.  वरना हर चुनाव में इसका उल्लंघन नहीं होता. इसलिए आचार संहिता पर कुछ महत्वपूर्ण चिठ्ठा खुल रहा है मन है तो समेट लिजिए, कही जो आचार संहिता का उल्लंघन हुआ तो चुनाव आयोग आपको समेट लेगा .

तो चलिए आदर्श आचार संहिता से जुड़ी कुछ खास जानकारी अपलब्ध कराने जा रहे हैं। 10 मार्च को लोकसभा चुनाव  की तारीखों की घोषणा हो चुकी है और इसी के साथ लागू हो गया है कोड ऑफ कंडक्ट यानि आदर्श आचार संहिता। दरअसल, हर बार चुनाव की घोषणा के साथ ही आचार संहिता खुद ब खुद लागू हो ही जाती है। और ये मतगणना तक लागू होती है। इस दौरान राजनीतिक दलों और राजनेताओं को कुछ खास नियमों का पालन करना पड़ता है। और अगर वो आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हैं तो कड़ी कार्रवाई भी की जाती है।

आचार संहिता के कानून

– सरकारी धन के इस्तेमाल पर रोक ताकि किसी राजनीतिक दल या राजनेता को चुनावी लाभ ना मिले।
– सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी बंगले के इस्तेमाल की चुनाव प्रचार के लिए मनाही होती है।
– वोटरों को रिझाने के लिए किसी भी तरह की सरकारी घोषणाओं, लोकार्पण, शिलान्यास की मनाही।
– किसी भी राजनीतिक रैली से पहले पुलिस की अनुमति ज़रूरी होती है। धर्म के नाम पर वोट मांगने की मनाही

-मत पाने के लिए भ्रष्ट आचरण का उपयोग न करें जैसे-रिश्वत देना, मतदाताओं को परेशान करना आदि।
-प्रचार-प्रसार के लिए किसी की अनुमति के बिना उसकी दीवार, अहाते या भूमि का उपयोग न करें।

चुनाव के दिन क्या न करे?

– अधिकृत कार्यकर्ताओं को बिल्ले या पहचान पत्र दें।
– मतदाताओं को दी जाने वाली पर्ची सादे कागज पर हो और उसमें प्रतीक चिह्न, अभ्यर्थी या दल का नाम न हो।
– मतदान के दिन और इसके 24 घंटे पहले किसी को शराब वितरित न की जाए। मतदान केन्द्र के पास लगाए जाने वाले कैम्पों में भीड़ न लगाएँ।
– कैम्प साधारण होना चाहिए।
– मतदान के दिन गाड़ियो के राजनैतिक इस्तेमाल के लिए उसका परमिट प्राप्त करें।

सत्ताधारी पार्टी क्या न करे?
– मंत्री शासकीय दौरों के दौरान चुनाव प्रचार के कार्य न करें। इस काम में शासकीय मशीनरी तथा कर्मचारियों का इस्तेमाल न करें।
– सरकारी विमान और गाड़ियों का प्रयोग अपने दल के हितों को बढ़ावा देने के लिए न करे।
– हेलीपेड पर कोई पार्टी अपना एकाधिकार न जताएँ।
– विश्रामगृह, डाक-बंगले या सरकारी आवासों पर एकाधिकार नहीं हो।
–  सरकारी धन पर विज्ञापनों के जरिये अपनी पार्टी की उपलब्धियाँ नहीं गिनवाए।
– मंत्रियों के शासकीय भ्रमण पर उस स्थिति में सुरक्षा गार्ड लगाई जाएगी जब वे सर्किट हाउस में ठहरे हों।
– कैबिनेट की बैठक नहीं करेंगे, आपात स्थिती में चुनाव आयोग से अनुमती लेना जरुरी है.
– किसी प्रकार के सरकारी स्थानांतरण तथा पदस्थापना के लिए चुनाव आयोग से आज्ञा लेना जरुरी है.

चुनाव के दौरान आचार संहिता में ऐसे ही महत्वपूर्ण नियमों का देश के राजनैतिक पार्टीयों और नेताओं को पालन करना चाहिए तथा नागरिको में भी इसको लेकर जागरुकता फैलानी चाहिए .

 

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