कभी धरना प्रदर्शन तो कभी विवादस्पद बयान को लेकर हमेशा से चर्चा में रहने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल एक बार फिर से चर्चा में हैं। इस बार न ही कोई धरना प्रदर्शन है और न ही कोई आम जनता पर दिया गया बयान। इस बार अरविन्द केजरीवाल ने चुनावी माहौल को देखते हुए प्रधानमंत्री को ही निशाना बनाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ-साथ बीजेपी पर हमला करते हुए अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि भारत में अगर बीजेपी लोकसभा चुनाव जीतेगी तो पाकिस्तान में पटाखे छोड़े जाएंगे। इस बात को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के इस बयान से नरेन्द्र मोदी जी का क्या संबंध है? इस बात को प्रधानमंत्री स्पष्ट करें।

क्या है पूरा मामला?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है तो है तो कश्मीर मुद्दे का कोई हल निकाला जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस समय पाकिस्तान और भारत का मुसलमान अलगाववाद महसूस कर रहा है। इसलिए मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद इस मुद्दे पर शांति वार्ता करना संभव होगा। वहीं अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो वह बीजेपी से डरकर कश्मीर के मुद्दे पर कुछ भी कहने से कतराएगी जिससे एक बार फिर पाकिस्तान और भारत के लिए कश्मीर का मुद्दा अनसुलझी पहेली बन कर रह जाएगी।

यह बात इमरान खान भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ‘पाकिस्तान डे’ पर संदेश भेजे जाने के बाद कह रहे थे। इन्हीं दोनों बातों को विपक्ष एक दूसरे से जोड़ कर देख रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘पाकिस्तान डे’ पर पाक प्रधानमंत्री को बधाई देना और फिर इमरान खान का संदेश। दोनों ही बातों को एक साथ जोड़कर विपक्ष मोदी को सवालों के निशाने पर लिया है।

किसने क्या कहा?

बताया जाता है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के इस तरह के बयान के बाद विपक्ष में बीजेपी और पाकिस्तान के संबंधों को लेकर कई सवाल किए जा रहें है। अरविन्द केजरीवाल ने अपने ट्वीटर के जरिए कहा,

‘पाकिस्तान आखिर क्यों मोदी जी को जिताना चाहता है? मोदी जी को यह बात सबको बताना चाहिए कि उनका पाकिस्तान के साथ क्या संबंध है। सभी भारतवासी जान ले कि अगर भारत में बीजेपी जीतेगी तो पाकिस्तान में पटाखे फूटेंगे।’

आप के नेता संजय सिंह ने तो उस वक्त सभी हदें पार कर दी जब उन्होंने कहा,

क्या पाकिस्तान ने मोदी को जिताने के लिए पुलवामा हमला कराया है? पुलवामा हमला के बाद पाकिस्तान को पाकिस्तान डे पर शुभकामनाएं भेजने के पीछे क्या कारण है?

कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा,

‘भाजपा पाकिस्तान के साथ अधिकारिक रुप से गठबंधन में है। मोदी जी को वोट देना मतलब पाकिस्तान को वोट देना। पहले नवाज़ शरीफ से संबंध और अब इमरान खान के चहेते हैं। इसका मतलब यह है कि ढ़ोल के पोल खुल गए।’

नेशनल कान्फ्रेस के उपाध्याक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि दूसरी बार सरकार बनाने से पहले प्रधानमंत्री को इसका जवाब देना होगा कि आखिर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मोदी को प्रधानमंत्री क्यों बनते देखना चाहते हैं? मोदी ही है जो कहा करते थे कि पाकिस्तान और आतंकवादी चाहते है कि बीजेपी हार जाए। अब उनका ही समर्थन मिल रहा है।

जिस तरह से विपक्ष के नेताओं का बयान आ रहा है उससे एक बात साफ हो जाता है कि यह चुनाव और कुर्सी के लिए कोई भी बीज बो सकते हैं। अरविन्द केजरीवाल और उनकी पार्टी को यह समझना चाहिए कि पुलवामा हमला कोई राजनीतिक सौदा नहीं था। बाकी भी सरकार में शहीदों की शहादत होती रही लेकिन इस तरह के भद्दे विवाद नहीं दिए जाते थे। शायद आजकल केजरीवाल जी ‘टंग ट्वीस्टिंग’ की प्रॉबलम से जुझ रहे हैं। उन्हे किसी डॉक्टर की ज़रुरत है।

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