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About Sudhanshu Sharma

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  • आज की कविता में पढ़िए ‘बाबा नागार्जुन’ की कविता ‘यह जेएनयू’

आज की कविता में पढ़िए ‘बाबा नागार्जुन’ की कविता ‘यह जेएनयू’

नागार्जुन हिन्दी और मैथिली के अप्रतिम लेखक और कवि थे। अनेक भाषाओं के ज्ञाता तथा प्रगतिशील

  • आज की कविता में पढ़िए ‘कैफ़ी आज़मी’ की नज़्म ‘लश्कर के ज़ुल्म’

आज की कविता में पढ़िए ‘कैफ़ी आज़मी’ की नज़्म ‘लश्कर के ज़ुल्म’

कैफ़ी आज़मी का असली नाम अख्तर हुसैन रिजवी था। उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जिले के छोटे से

  • आज की कविता में पढ़िए ‘जावेद अख्तर’ की ग़ज़ल ‘जो बात कहते डरते हैं सब’

आज की कविता में पढ़िए ‘जावेद अख़्तर’ की ग़ज़ल ‘जो बात कहते डरते हैं सब’

जावेद अख़्तर एक कामयाब पटकथा लेखक, गीतकार और शायर होने के अलावा एक ऐसे परिवार के सदस्य

  • आज की कविता

आज की कविता में पढ़िए ‘गीत चतुर्वेदी’ की कविता ‘बोलते जाओ’

गीत चतुर्वेदी आज की पीढ़ी के लेखकों में से एक हैं, जो कविता और गद्य दोनों में अच्छा लिखते हैं। गीत

  • आज की कविता में ‘विनोद कुमार शुक्ल’ की कविता ‘हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था’

आज की कविता में ‘विनोद कुमार शुक्ल’ की कविता ‘हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था’

विनोद कुमार शुक्ल हिंदी के प्रसिद्ध कवि और उपन्यासकार हैं। शुक्ल जी ने प्राध्यापन को रोज़गार के

2019-11-13T18:48:03+05:30November 13th, 2019|आज की कविता|0 Comments
  • आज की कविता में 'वसीम बरेलवी' की ग़ज़ल ‘तुम्हारी राह में मिट्टी के घर नहीं आते’

आज की कविता में ‘वसीम बरेलवी’ की ग़ज़ल ‘तुम्हारी राह में मिट्टी के घर नहीं आते’

वसीम बरेलवी का नाम अपने ख़ूब सुना होगा, उनकी ग़ज़लें, नज़्में व कई अन्य रचनाएं अपने पढ़ी/सुनी

  • आज की कविता में पढ़िये सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की कविता ‘जागो फिर एक बार’

आज की कविता में पढ़िये सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कविता ‘जागो फिर एक बार’

सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' हिन्दी कविता के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक माने जाते हैं। वे जयशंकर प्रसाद, सुमित्रानंदन

  • आज की कविता में पढ़िये ‘हरिशंकर परसाई’ की कविता ‘क्या किया आज तक क्या पाया?’

आज की कविता में पढ़िये ‘हरिशंकर परसाई’ की कविता ‘क्या किया आज तक क्या पाया?’

हरिशंकर परसाई हिंदी के प्रसिद्ध लेखक और व्यंगकार थे। उनका जन्म जमानी, होशंगाबाद, मध्य प्रदेश में हुआ था। वे हिंदी के

  • आज की कविता में पढ़िये ‘धूमिल’ की प्रसिद्ध रचना ‘जनतन्त्र के सूर्योदय में’

आज की कविता में पढ़िये ‘धूमिल’ की प्रसिद्ध रचना ‘जनतन्त्र के सूर्योदय में’

कवि धूमिल का नाम तो आपने ख़ूब सुना होगा, इनका पूरा नाम सुदामा पाण्डेय 'धूमिल' है। सुदामा