एक जवान सिर्फ मन से रिटायर होता है, अपनी हिम्मत और हौसलों से नहीं

कहते हैं अगर हौसले बुलंद हों तो कोई भी मुश्किल काम आपका रास्ता नहीं रोक सकता. आज हम आपको भारतीय सेना के एक रिटायर्ड सूबेदार से मिलवाने जा रहे हैं जिनका नाम है जवान सूबेदार मोहम्मद इलियास.

रिटायर्ड जवान सूबेदार मोहम्मद इलियास, फोटो सोर्स - गूगल

रिटायर्ड सूबेदार मोहम्मद इलियास, फोटो सोर्स – गूगल

जिनके अंदर देशभक्ति का जज्बा और मानवता के लिए काम करते रहने का जज्बा इतना कूट-कूट कर भरा हुआ है कि रिटायरमेंट के बाद भी अपने साथियों और लोगों की जान बचाने के काम में जुटे हुए हैं. सेना में रहते मोहम्मद इलियास जैकलाई यूनिट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उस दौरान सूबेदार मोहम्मद इलियास को सेना की तरफ से ‘एवलांच मैन’ का खिताब दिया गया था. लेकिन, खास बात ये है कि, भारतीय सेना की जेकलाई यूनिट से रिटायर हुए सूबेदार मोहम्मद इलियास आज भी देश सेवा से पीछे न हटते हुए यह खिताब अपने नाम ही रखे हुए हैं. वह सैनिकों और नागरिकों के जीवन को बचाने के लिए सेना में एक प्रसिद्ध व्यक्ति माने जाते हैं

प्रतीकात्मक तस्वीर , फोटो सोर्स - गूगल

प्रतीकात्मक तस्वीर , फोटो सोर्स – गूगल

सूबेदार मोहम्मद इलियास का ये जज्बा और हौसला ये सन्देश देता है कि एक सैनिक कभी छुट्टी पर नहीं रहता है.

3 दिसंबर को जम्मू-कश्मीर में हिमस्खलन की दो घटनाएं बांदीपोरा के गुरेज सेक्टर और कुपवाड़ा जिले के तंगधार सेक्टर में हुई हैं. यह दोनों इलाके उत्तरी कश्मीर के अंतर्गत आते हैं. इनमें से एक हिमस्खलन हादसा नियंत्रण रेखा (LoC) के पास कुपवाड़ा जिले के तंगधार सेक्टर में हुआ था. जिसमें भारतीय सेना की ईगल पोस्ट चपेट में आ गयी थी. अचानक बर्फ रूप में आई इस प्राकृतिक आपदा में भारतीय सेना के 4 सैनिक दब गए थे.  इस दौरान बर्फ में दबे जवानों को बाहर निकालने के लिए आए रेस्क्यू दल की मदद करने के लिए मोहम्मद इलियास आ गए.

रेस्क्यू दल की मदद करते हुए मोहम्मद इलियास ने फंसे 4 जवानों में से एक को ज़िंदा बचाने में सफल हुए थे वहीं 3 जवानों के शवों को बर्फ से बाहर निकाला था. मोहम्मद इलियास बर्फ में दबे लोगों को बाहर निकालने और हिमस्खलन के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन करने के लिए स्पेशल ट्रेंड जवान हैं.

एविलांस में फंसे जवानों के लिए चलाया जा रहा रेस्क्यू ऑपरेशन , फोटो सोर्स - गूगल

एविलांस में फंसे जवानों के लिए चलाया जा रहा रेस्क्यू ऑपरेशन , फोटो सोर्स – गूगल

हिमस्खलन में फंसे जवानों को बाहर निकालने वाले मोहम्मद इलियास ने बताया कि,

“इस प्रकार कि परिस्थितियों से निपटने के लिए मुझे स्पेशल ट्रेनिंग मिली है. अगर किसी को मेरी इस खूबी का फायदा मिलता है तो मैं खुद को खुश किस्मत समझता हूँ.”

मोहम्मद इलियास ने आगे कहा, अगर किसी के पास कोई स्पेशल ट्रेनिंग हो तो उसका फायदा दूसरों को होना चाहिए. हौसले बुलंद हों तो कोई काम मुश्किल नहीं होता. हमेशा काम करते रहना चाहिए जिससे बुढ़ापा नहीं आता. रिटायर इंसान मन से होता है, शरीर से नहीं.

चिनार कॉर्प्स के GOC लेफ्टिनेंट जनरल केजे ढिल्लन ने कहा, “उनकी यही खासियत हिमस्खलन में लोगों को बचा रही है. हाईएल्टीट्यूड वॉरफेयर स्कूल में मोहम्मद इलियास ने दो बार सेवा की है. इलियास ने सेना में रहते दो सेना मेडल और 5 प्रमुख स्टाफ कार्ड हासिल किए हैं.

आज भी जब तंगधार में हिस्खलन होने की वजह से जाट रेजिमेंट के 2 जवान फंसे थे तब रिटायर्ड मोहम्मद इलियास खुद वहां पर आकर अपनी मेहनत से एक जवान की जान बचाई और बाक़ी को बाहर निकालने में मदद की.

मोहम्मद इलियास की मेहनत, लगन और हौसले के लिए उनको एक बार फिर  जैकलाई की आउट परेड के दौरान सम्मानित किया गया है. मानवता की भलाई में समर्पित रिटायर्ड सूबेदार मोहम्मद इलियास की इसी देशभक्ति और हौसलों के चलते आज भी कश्मीर की चोटियों पर जब कभी हिमस्खलन होता है तब एवलांच मैन इलियास को मदद के लिए बुलाया जाता है.