अयोध्या मामला कहें या फिर राम मंदिर विवाद, इस मामले में फैसला क्या होगा इसका इंतजार सभी को है। सुप्रीम कोर्ट में भी इस मसले पर सुनवाई अब बंद हो गई हैं और सभी अब सुप्रीम कोर्ट क्या फैसला देगा, उसका इंतज़ार कर रहे हैं। ऐसा भी माना जा रहा है कि जब फैसला आएगा उस वक्त बवाल होने के पूरे आसार हैं। ऐसा माना जा रहा है कि मुख्य जज रंजन गोगोई अपने रिटायर होने से पहले इस विवाद पर फैसला सुना सकते हैं। रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं। ऐसे में अब दंगा न हो उसकी तैयारियां शुरु हो गई हैं।

अयोध्या में तैनात पुलिस, फोटो सोर्स: गूगल
अयोध्या में तैनात पुलिस, फोटो सोर्स: गूगल
आज कल खबरें एक जगह से दूसरे जगह तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया सबसे मजबूत और आसान तरीका है। फिर चाहे ख़बर गलत हो या फिर सही। सोशल मीडिया पर मिली खबरों को लोग अमूमन सही ही मान लेते हैं और कई बार इन्हीं सोशल मीडिया की ख़बरों से ही कई जगहों पर दंगे हो चुके हैं।
फैजाबाद पुलिस इस बात को अच्छी तरह समझ रही है। इसके लिए उन्होंने पूरे अयोध्या और उसके आस-पास के इलाकों में 1,600 जगह को प्वाइंट आउट किया है। जहां स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। ये स्वयंसेवक, आरएसएस कार्यकर्ता नहीं हैं। इस वक्त पूरे अयोध्या और उसके आस-पास इलाकों में कुल 16,000 स्वयंसेवी कार्यकर्ता तैनात हैं।
प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल
प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल

जिला जज अनुज कुमार झा पहले ही यह बात साफ कर चुके हैं कि 28 दिसंबर तक किसी को भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है। एसएसपी आशीष तिवारी ने कहा कि वे आतंकी हमलों, सांप्रदायिक दंगों, जन आक्रोश और विवादित स्थल पर किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। सोशल मीडिया पर निगरानी रखने के लिए इतनी ही संख्या में ‘डिजिटल वालंटियर्स’ तैनात किए गए हैं। एक जगह से दूसरी जगह पर ख़बरों को एक्सचेंज करने के लिए इन स्वयंसेवियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है।

एसएसपी ने बताया कि चार सुरक्षा क्षेत्र बनाए गए हैं। लाल, पीला, हरा और नीला। लाल और पीले सुरक्षा क्षेत्र केन्द्रीय पैरा सैन्य बल (CPMF) द्वारा संचालित किए जाएंगे, जबकि हरे और नीले सुरक्षा क्षेत्र पुलिस के अंडर होंगे। इससे पहले बीजेपी ने भी राम मंदिर पर फैसला आने तक, अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और प्रवक्ताओं को किसी भी तरह के विवादित बयान देने से रोक लगा दी है। बीजेपी ने अपने प्रवक्ताओं को कहा है कि राम मंदिर और अयोध्या मामले पर किसी भी प्रकार की अनावश्यक टिप्पणी करने से बचें। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी कहा कि फैसला किसी एक पक्ष में हो सकता है। इसलिए आप ऐसा कोई जश्न नहीं मनाएंगे, जिससे दूसरा पक्ष आहत हो। हिंदू और मुस्लिम का सौहार्द बनाए रखना जरुरी है।

दिवाली के दिन सजी अयोध्या, फोटो सोर्स: गूगल
दिवाली के दिन सजी अयोध्या, फोटो सोर्स: गूगल
अयोध्या में इस वक्त किसी भी प्रकार के बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स, विजय उत्सव या यहां तक शोक जुलूस निकालने पर भी रोक है। महान व्यक्तियों, देवताओं और भगवान को लेकर इंस्टाग्राम, ट्विटर तथा व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी भी प्रकार के अपमानजनक बयानबाजी पर भी रोक लगा दी गई है। जिला प्रशासन की अनुमति के बिना किसी देवता की प्रतिमा नहीं लगाई जाएगी।

ये भी पढ़े:- अयोध्या के राम मंदिर की वो बातें जो शायद आपको कोई नहीं बतायेगा