देश में इन दिनों लोकसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। बिहार के बेगूसराय सीट पर सभी लोगों की नज़र टिकी हुई है। इन दिनों बेगूसराय देश की हॉट सीट बना हुआ है। राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय मीडिया बेगूसराय लोकसभा सीट की छोटी-बड़ी हर तरह की खबरों को लोगों तक पहुंचा रही है।

यह सोचने वाली बात है कि बिहार की किसी दूसरे सीट की तुलना में बेगूसराय सीट इतनी चर्चा में क्यों है? इसकी सबसे बड़ी वज़ह ये है कि यह लोकसभा सीट से प्रधानमंत्री मोदी के लिए नाक का सवाल बना हुई है।

दरअसल, प्रधानमंत्री के खिलाफ़ देशभर में हुंकार भरने वाले युवा कम्युनिस्ट नेता कन्हैया कुमार इस लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। कन्हैया कुमार को हराने के लिए अमित शाह ने अपने टीम के सबसे बेहतर खिलाड़ी गिरिराज सिंह को मैदान में उतारा है। गिरिराज सिंह के पहले न-नुकुर करने के बाद यहां आने से अब लड़ाई आमने-सामने की हो गई है।

कन्हैया लगातार प्रधानमंत्री और भाजपा के खिलाफ़ अपनी आवाज़ को बुलंद कर रहे हैं। बेगूसराय के लोगों ने कन्हैया को सुनना और समझना भी शुरू कर दिया है। ऐसे में भाजपा कन्हैया को किसी भी तरह से लोकसभा में जाने से रोकना चाहती है।

प्रधानमंत्री मोदी काफी अच्छी तरह से ये बात जानते हैं कि कन्हैया लोकसभा पहुंचते है तो उनके लिए समस्याएं और अधिक बढ़ जाएंगी। ऐसे में प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी ने इस लोकसभा सीट को अपनी नाक का सवाल बना लिया है।

कन्हैया को रोकने के लिए भाजपा के नेता, कार्यकर्ता और आईटी सेल के द्वारा तरह-तरह की अफवाहें फैलायी जा रही हैं। अभी हाल ही में सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही थी।

इसमें दिखाया गया था कि भाजपा की टोपी पहने और कंधे पर पट्टी लिए एक भाजपा कार्यकर्ता कन्हैया कुमार को माला पहना रहे हैं।

फोटो की मदद से रवीश के खिलाफ अफवाह फैला रहे पोस्ट का स्क्रीन शॉट

जिसके बाद कन्हैया के लोगों ने उस व्यक्ति के सर से भाजपा की टोपी और पट्टी को हटा दिया। इस मौके पर रवीश कुमार वहीं मौजूद थे। इस फोटो को वायरल करते हुए भाजपा समर्थकों ने रवीश पर आरोप लगाया कि रिपोर्टिंग करते हुए कन्हैया कुमार के लिए प्रोपैगेंडा फैला रहे थे।

फेक न्यूज को लेकर काम करने वाली वेबसाइट ऑल्ट न्यूज ने इस अफवाह का सच लोगों के सामने ला दिया। ऑल्ट न्यूज़ ने अपने फैक्ट चेक में पाया कि सोशल मीडिया पर चल रही कथा झूठी है। घटनाओं की श्रृंखला, जो फोटोमॉन्टेज में चित्रित की गई है, वास्तव में रिवर्स ऑर्डर में हैं।

इसी तरह कन्हैया पर भाजपा समर्थकों द्वारा एक तस्वीर की मदद से यह आरोप लगाया गया कि कन्हैया की प्रोफेसर उसके गोद में बैठी हुई है। इस फोटो को चुनाव से जोड़कर भाजपा समर्थकों ने बेगूसराय में फैलाना शुरू कर दिया। इसके बाद इंडिया टुडे फैक्ट चेक टीम ने इस फोटो के चुनावी कनेक्शन को गलत साबित करके भाजपा समर्थकों की मंशा पर पानी फेर दिया।

कन्हैया के बारे में फैलाई जा रही अफवाह का फोटो

इसी तरह कन्हैया की रैली में हिस्सा लेने वाली गुरमेहर कौर के बारे में एक वीडियो को सर्कुलेट करते हुए भाजपा समर्थकों ने यह आरोप लगाया है कि गुरमेहर कौर एक गाड़ी में शराब पीकर डांस कर रही हैं। इस वीडियो के जरिये भाजपा समर्थकों ने लोगों के बीच कन्हैया को समर्थन करने वाली कौर को शराबी लड़की कह कर दुष्प्रचार किया। जबकि इस खबर को मीडिया ने पहले ही गलत साबित कर दिया है कि उस वीडियो में जो लड़की है वह गुरमेहर कौर नहीं है।

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इसी तरह हर चुनावी सभा के दौरान भाजपा उम्मीदवार गिरिराज सिंह बेगूसराय के स्थानीय मुद्दे पर कुछ बोलने के बजाय कन्हैया को टुकड़े गैंग और देशद्रोही कहकर लोगों से वोट मांग रहे हैं।

यही नहीं बेगूसराय में चुनाव प्रचार कर रहे जिग्नेश मेवानी के बारे में भी कहा गया कि बेगूसराय के लोगों ने जिग्नेश की पिटाई कर दी है। जबकि जिस फोटो को सर्कुलेट करते हुए भाजपा के समर्थकों ने यह अफवाह फैलाई उसकी सच्चाई यह है कि वह फोटो काफी पुरानी है।

ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इतना सारा हथकंडा अपनाने के बाद भी भाजपा के उम्मीदवार गिरिराज सिंह सीपीआई उम्मीवार कन्हैया को हरा पाते हैं या नहीं हरा पाते हैं।

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