आईआरएस अधिकारी से वोलेंटरी रिटायरमेंट लेकर बीजेपी के टीकट पर उतर पश्चिम दिल्ली से सांसद बने डॉ उदित राज को बीजेपी ने 2019 लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया है. यानी बीजेपी ने भी उन्हें टिकटिया रिटायरमेंट दे दिया है. दरअसल बीजेपी ने उतर पश्चिम दिल्ली से उदित राज का टिकट काट कर हंसराज हंस को टिकट दे दिया है. जब से टिकट कटने की खबर उठी चौकीदार डॉ उदित राज ने ट्विटर पर अपना नाम बदलकर फिर से अपना नाम डॉ उदित राज रख लिया है.

फोटो सोर्स गूगल

डॉ उदित राज को दलित नेता के रुप में जाना है वो खुद भी दलित समाज से ताल्लुक रखते है. उदित राज एक आईआरएस अधिकारी रह चुके है. आईआरएस अधिकारी के पद से वोलेंटरी रिटायरमेंद लेने के बाद उन्होंने इंडियन जस्टिस पार्टी का गठन किया था. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने इंडियन जस्टिस पार्टी को बीजेपी में मिला लिया यानि शर्बत बना दिया और 2014 में बीजेपी के टिकट से उतर पश्चिम दिल्ली से सासंद चुने गये. लेकिन 2019 लोकसभा चुनाव में उन्हें बीजेपी ने टिकट नहीं दिया. उदित राज को शर्बत बनाना महंगा पड़ गया.

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जब से उदित राज को उनके टिकट कटने की खबर मिली तब से उनके फोन व्यस्त जाने लगा. उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से लेकर प्रधानमंत्री को फोन लगाते रह गए पर कोई जवाब नहीं मिला. उन्होंने कई एसएमएस भी भेजे पर उन्हें कोई जवाब नहीं मिला. अंत-अंत तक उन्होंने कई ट्वीट किए कि बीजेपी दलितों को धोखा नहीं देगी पर कोई जवाब नहीं आय़ा. अपने कई ट्वीट के जरिए उन्होंने बीजेपी पर दबाव बनाने की कोशिश की पर उनके किसी भी दांव पेंच का असर नहीं दिखा. उदित राज ने एक टीवी चैनल के साक्षात्कार में कह दिया कि अरविंद केजरीवाल ने उन्हें चार महीने पहले ही चेतावनी दी थी कि उन्हें टिकट नहीं मिलेगा. उन्हें राहुल गांधी ने भी कहा था कि आपने गलत का साथ दिया है.

उदित राज ने अपने सारे दांव पेंच अपना लिए पर बीजेपी ने उन्हें टिकट नहीं दिया. अब उदित राज क्या करेंगें कहां से लडेंगे इसका इंतजार रहेगा.

बीजेपी ने दिल्ली के 7 सीटों में से 6 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं जिनमे पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर को पूर्वी दिल्ली और मौजूदा सांसद मीनाक्षी लेखी को नई दिल्ली और उतर पश्चिम दिल्ली से उदित राज की जगह हंसराज हंस को टिकट दिया है.