चुनाव आ गये हैं और सभी पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवार भी जारी कर रही है। कुछ पुराने चेहरे हैं और कुछ नये चेहरे मैदान में आये हैं। हम उनको चुनेंगे ताकि हमारा देश अपराध मुक्त देश हो, हम उनको चुनेंगे ताकि व्यवस्था बेहतर बनी रहें। लेकिन जब उस पद ऐसा शख्स पहुंच जाये जो खुद अपराधी हो, तो वो कैसे समाज को एक अच्छा माहौल दे पायेगा? इस समय जो हमारे प्रतिनिधि हैं उनके क्राइम स्टेटस पर एक रिपोर्ट आई है। जो उन पर सवाल खड़े करती है और हम पर भी कि हमने सही प्रतिनिधि को चुनने में चूक कर दी है।

प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स – गूगल

एडीआर की एक रिपोर्ट आई है जिसमें उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में जीतकर आये सांसदों के अपराधिक ब्यौरे की पूरी जानकारी दी है। एडीआर ने सभी सांसदों से पूरी जानकारी मांगी थी। जिसमें 521 सांसदों ने ही जानकारी दी है और 22 सांसदों ने कोई जवाब नहीं दिया। उन 521 जन प्रतिनिधियों के आधार पर पूरी रिपोर्ट जारी की गई है।

अपराध और पार्लियामेंट

521 सांसदों में से 174 पार्लियामेंट सदस्य ऐसे हैं जिनके खिलाफ किसी न किसी प्रकार का क्राइम केस रजिस्टर्ड है। इन 174 सांसदों में से 106 सदस्य ऐसे हैं जिनके खिलाफ संगीन और बड़े क्राइम केस दर्ज हैं। जिसमें मर्डर, अटेम्प्ट टू मर्डर, किडनैपिंग, कम्युनल डिशहाॅर्मोनी और महिलाओं से संबंधित अपराध।

इन्हीं 106 सांसदों के अपराधिक मामलों को और कैटेगराइज करें तो सामने आता है कि 10 सांसद ऐसे हैं जिनके खिलाफ मर्डर का केस चल रहा है और वे आराम से संसद में बैठकर हो-हल्ला कर रहे हैं। इनमें 14 सांसद ऐसे हैं जिनके खिलाफ अटेम्प्ट टू मर्डर का केस चल रहा है। महिलाओं के प्रति अपराधों में दो बड़े केस इस रिपोर्ट में दिये गये हैं। पहला केरल के इडुक्की के सांसद जाॅयस जाॅर्ज के खिलाफ हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक महिला पर हमला किया है। जाॅयस जाॅर्ज 2014 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय रूप से लड़े थे और जीते भी थे।

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इडुक्की के सांसद जाॅयस जाॅर्ज

दूसरा बड़ा केस है पश्चिम बंगाल की कूच बिहार संसदीय क्षेत्र का जहां के सांसद पार्थ प्रीतम रे हैं। उन पर वैश्यावृत्ति कराने का केस चल रहा है। 2016 में टीएमसी सांसद रेणुका सिन्हा की मौत के बाद उपचुनाव हुये थे। पार्थ को टीएमसी से टिकट दिया गया था और अब वे इस क्षेत्र के सांसद हैं।

बीजेपी सबसे बड़ी अपराधिक पार्टी

किस दल में सबसे अधिक अपराधिक सांसद हैं इस बारे में भी रिपोर्ट में दी गई है। राज्य के आधार पर भी संसदीय दल का डाटा दिया गया है। इस मामले में सबसे आगे बीजेपी है। बीजेपी के 267 संसदीय सीटों का विश्लेषण किया गया। जिसमें 92 सांसद ऐसे हैं जिनके खिलाफ क्राइम केस रजिस्टर्ड है। उन 92 सांसदों में से 58 सांसद ऐसे हैं जिनके खिलाफ गंभीर अपराधिक मामले दर्ज हैं।

बीजेपी के अलावा कांग्रेस के 45 सांसदों में से 7 सांसदों पर अपराधिक मामले चल रहे हैं। ये लिस्ट बहुत लंबी है, कोई भी पार्टी ऐसी नहीं है जो इससे अछूता हो। राज्य के आधार पर देखें कि किस राज्य के सांसदों पर अपराधिक मामले हैं तो महाराष्ट्र इसमें सबसे पहले नंबर है। जहां 48 सांसदों में से 31 सांसदों पर केस चल रहा है। इसके बाद बिहार, उत्तर प्रदेश का नंबर आता है।

ये हमारे सांसदों का ब्यौरा है। जो उन्होंने पिछले 5 सालों में किया। रैलियों और मंचों पर तो वे हमसे अपराध मुक्त राज्य बनाने की बात करते हैं और सत्ता में आते ही खुद उन अपराधों में अपना नाम दर्ज करा लेते हैं। 2019 के चुनाव में आपको समझदारी से वोट देना है। हमें ऐसे प्रतिनिधि को नहीं चुनना है जिन पर अपराध करने के मामले हों।

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