देश भर में पॉल्यूशन अपने चरम पर है. सबसे बुरा हाल देश की राजधानी दिल्ली का है. लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है. आंखों में जलन हो रही है. डॉक्टर्स बिना मास्क के घर से निकलने के लिए मना कर रहे हैं. इसके अलावा पॉल्यूशन से बचने के लिए तमाम तरह के उपाय भी डॉक्टर्स लोगों को बता रहे हैं.

पर देश में कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें डॉक्टर्स की जरूरत नहीं है. वो अपने आप में डॉक्टर हैं. इन्हें देशी भाषा में रायचंद कहा जाता है. इन रायचंदों के साथ एक दिक्कत हो गई है.

पॉल्युशन इनके दिमाग में घुस गया है इसलिए ये लोग ऐसी-ऐसी बातें कह रहे हैं, जिसे सुन कर आप पेट पकड़ कर हंसने लगेंगे इन सारे लोगों में एक चीज कॉमन हैं वो यह कि

ये सारे लोग भाजपा के नेता हैं.

भाजपा नेता विनीत अग्रवाल, फोटो सोर्स: गूगल
भाजपा नेता विनीत अग्रवाल, फोटो सोर्स: गूगल

1- विनीत अग्रवाल शारदा

जो काम पीएम मोदी और सीएम अरविंद केजरीवाल नहीं कर पाए. वो काम विनीत अग्रवाल ने कर दिखाया है. इन्होंने पॉल्यूशन की असली वजह का पता लगा लिया है. इनका कहना है,

ये जो जहरीली हवा आ रही है हो सकता है किसी बगल के मुल्क ने छोड़ी हो, जो हमसे घबराया हुआ है. मुझे लगता है पाकिस्तान या चीन हमसे घबराए हुए हैं. जब से मोदी सरकार बनी है, तब से पाकिस्तान कंगाल हो गया है. इससे उसमें बौखलाहट है.

दरअसल, बौखलाहट पाकिस्तान या चीन में नहीं है. बौखलाहट विनीत अग्रवाल में है. इसलिए वो ऐसी उटपटांग बात कह रहे हैं. उन्हें लग रहा है पॉल्यूशन के लिए पराली और औद्योगिक कारखानों को जिम्मेदार ठहराना ठीक नहीं है. इससे किसान और व्यापारी प्रभावित हो रहे हैं.

 भाजपा के पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष, फोटो सोर्स: गूगल
भाजपा के पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष, फोटो सोर्स: गूगल

2- दिलीप घोष

ये भाजपा के पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष हैं. इन्हें गौ माता में बेहद आस्था है. यही वजह है कि ये बीफ खाने वालों को कुत्ते का मांस खाने की सलाह दे रहे हैं.

दिलीप घोष बर्दवान (पश्चिम बंगाल) में ‘गोप अष्टमी कार्यक्रम’ में हिस्सा ले रहे थे. यहां पर इन्होंने बयान दिया है कि,

ऐसे लोग हैं, जो शिक्षित समाज के हैं और सड़क किनारे गोमांस खाते हैं. गाय क्यों? मैं उनसे कुत्ते का मांस खाने के लिए कहना चाहूँगा. यह स्वास्थ्य के लिए अच्छा है. अन्य जानवरों का मांस भी खाएं. आपको कौन रोक रहा है? लेकिन, सड़क पर नहीं, आप घर के अंदर खाएं. हम गाय को माँ मानते हैं. ऐसे लोग हैं, जो विदेशी कुत्ते को घर पर रखते हैं और यहां तक कि उनके मलमूत्र को भी साफ करते हैं. यह महा अपराध है.

ये भाईसाहब इतने पर भी नहीं रुके. इन्होंने अपने सूक्ष्म ज्ञान का परिचय देते हुए कहा कि,

केवल देसी गाय ही हमारी माँ होती हैं, न कि विदेशी इसलिए विदेशी गायों को गौमाता के बजाय ‘आंटी’ कहा जाना चाहिए. इसके अलावा उनका दवा है कि भारतीय नस्ल की गायों में एक खासियत होती है. उनके दूध में सोना मिला होता है इसीलिए गाय के दूध का रंग सुनहरा होता है.

योगी सरकार में मंत्री सुनील भराला, फोटो सोर्स: गूगल
योगी सरकार में मंत्री सुनील भराला, फोटो सोर्स: गूगल

3- सुनील भराला

ये योगी सरकार में मंत्री हैं. पॉल्यूशन से बाकी लोगों की तुलना में ज्यादा परेशान हैं. जिसका नतीजा ये हुआ है कि, इन्होंने एक बेतुका बयान दिया है. कह रहे हैं,

पराली का मतलब सीधा है कि यह किसानों पर हमला है. किसान परिवार में जन्मे लोगों को यह समझ नहीं आ रहा है कि गन्ना छीलें तो उससे पत्ती निकलती है, चाहे दालें छीलने के बाद जो कचरा बचता है उसे क्या करें? उसे जलाना पड़ता है. हालांकि इससे ज्यादा प्रदूषण नहीं होता है, यह तो किसान का प्राकृतिक सिस्टम है. उसको लेकर जो हमला हो रहा है वो बिल्कुल दुःखद है. इस पर विचार करना चाहिए. मैं कहना चाहता हूं कि जब पॉल्यूशन पर इतना विचार किया जा रहा है तो हमारे गांव में जो यज्ञ करने की परंपरा थी, उसे ध्यान में रखा जाए. सरकार भी यज्ञ करे और इंद्र देवता को मनाए. वो बरसात करेंगे और अपने आप ही सब ठीक हो जाएगा.

इंद्र भगवान प्रसन्न हों चाहे न हों. मोदी जी जरूर अप्रसन्न हो जाएंगे. बेचारे देश भर में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए जी जान से लगे हुए हैं. इन भाई साहब को यज्ञ करने की पड़ी है. हालांकि, इनकी इस अपील को एमडी स्कूल मांकडोला, गुरुग्राम के प्रिंसिपल ने सुन लिया है. उन्होंने अपने स्कूल में हवन कराया. वहीं पर काम करने वाले अध्यापक जोगेंद्र सिंह ने बताया कि,

हम रोजाना किसी न किसी रूप में वातावरण को दूषित करते रहते हैं. अब समस्या विकराल रूप ले चुकी है इसलिए अब हम सब का यह कर्तव्य बनता है कि, हम सब प्रदूषण को कम करने के लिए प्रयास करें. हवन यज्ञ के जरिए से हम जल्दी पर्यावरण को साफ रख सकते हैं.

मालूम नहीं देश किस ओर जा रहा है? ऐसे बयानों से तो लग रहा है. जहां भी जा रहा है. ठीक नहीं जा रहा है. बाकी खुद को बचाने के लिए कुछ करिए. बाबा रामदेव भी कहते हैं- ‘करने से होता है’.

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