तब की बात

व्हाट्सएप और फेसबुकिया ग्रुप पढ़ कर अगर नेहरू को गयासुद्दीन ग़ाज़ी समझने लगे हो, तो मालिक सही जगह पधारे हो। नेहरू-गाँधी की कुंडली के साथ-साथ पूरे इतिहास का पोथी-पन्ना यहीं मिलेगा।

टाइम मशीन होती तो आपको पीछे ही ले जाते। चूँकि वो तो है नहीं, इसलिए इतिहासकारों की किताबों का हवाला देते हुए करेंगे ‘तब की बात’।

  • सआदत हसन मंटो

मंटो: वो शख्स जिसे सच बोलने की ‘बीमारी’ थी और 43 साल की उम्र में मर गया

सआदत हसन मंटो. एक लेखक और कहानीकार. जिसे सच बोलने की बीमारी थी. ‘बीमारी’ इसलिए क्योंकि उसका

  • लाल बहादुर शास्त्री की आज पुण्यतिथि है

वह इंसान जिसने हमें रेल में पंखे दिए लेकिन, उनकी मौत आज भी रहस्य है

ज़िन्दगी में अक्सर उनलोगों को बहुत सम्मान मिलता है जो शून्य से शुरुआत कर के शिखर

  • सावित्रीबाई फुले

सावित्रीबाई फुले दो-दो साड़ियां पहनकर घर से बाहर क्यों निकलती थीं

आपको याद हैं आपके पहले शिक्षक? नहीं होंगे। ये याद रखना इतना ज़रूरी भी नहीं मगर ज़रूरी

  • जब सोनिया गांधी ने कहा था कि वो भीख मांग लेंगी लेकिन राजनीति में कदम नहीं रखेंगी

जब सोनिया गांधी ने कहा था कि वो भीख मांग लेंगी लेकिन राजनीति में कदम नहीं रखेंगी

साोनिया गांधी, जिन्हें आज भारतीय राजनीति का पुरोधा माना जाता है। आज भी वह राजनीति में उतनी

  • कहानी देश के पहले एनकाउंटर की जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था

कहानी देश के पहले एनकाउंटर की जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था

साल 1982, तारीख थी 11 जनवरी। जगह, बडाला का अंबेडकर कॉलेज। छह पुलिसवालों की टीम में से