जरा सोचिए, यदि आपके घर में चोरी हो जाए तो आप सबसे पहले क्या करेंगे?

सबसे पहले आप हल्ला मचाकर लोगों को बताएँगे कि साहब मेरे घर में चोरी हो गई, या फिर आप पुलिस स्टेशन में जाकर चोरी के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। लेकिन यदि आपके घर से काफी महत्वपूर्ण समान चोरी हो जाए इसके बावजूद आप न तो हल्ला करते हैं, और न ही पुलिस थाने में जाकर रिपोर्ट लिखाते हैं तो इसका अर्थ है कि ‘दाल में कुछ काला’ है।

यह सोचने वाली बात है कि सरकार के पास से राफेल से जुड़ी अहम दस्तावेज चोरी हो गई, लेकिन सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठे क्यों रही?

दरअसल, आज सुप्रीम कोर्ट में राफेल के मामले में सरकार ने जो कुछ भी कहा, उससे इसी तरह की बात सामने आई है। राफेल मामले में लगातार विपक्ष के हमले के बीच आज सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में सुनवाई हो रही थी। इस दौरान सरकार की तरफ से अपना पक्ष रखते हुए अटॉर्नी जनरल ने कहा, “राफेल डील से जुड़े कागजात चोरी हो गए हैं और याचिकाकर्ता उनका इस्तेमाल करके आधिकारिक गोपनीयता कानून का उल्लंघन कर रहे हैं।”

यही नहीं इस मामले में केंद्र सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिकाओं पर न्यूज पेपर की रिपोर्ट का जिक्र करने के दौरान अटॉर्नी जनरल ने कहा कि ये गोपनीय दस्तावेज हैं और इन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है।

चीफ़ जस्टिस ने क्या पूछा?

इस पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उनसे पूछा कि सरकार ने इस मामले में अभी तक क्या कार्रवाई की है।  इसके बाद केंद्र सरकार ने जवाब देते हुए कहा कि हम लोग जांच कर रहे हैं कि कागजातों की चोरी कैसे हुई? साथ ही राफेल विमान सौदे से जुड़े केस में अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, “यदि अब CBI जांच के निर्देश दिए जाते हैं, तो देश को भारी नुकसान होगा.”

आज सुप्रीम कोर्ट में सरकार की तरफ से अटॉर्नी जनरल ने जो बात कही है, उससे एक बात तो साफ हो गया कि सरकार खुद पर लग रहे आरोपों का जवाब देने के लिए तेयार नहीं है। विपक्ष द्वारा लगातार राफेल पर सवाल उठाए जाने के बावजूद सरकारी दफ्तर से महत्वपूर्ण कागजात आखिर चोरी कैसे हो जाती है?  यह सोचने वाली बात है। उससे भी अधिक सोचने वाली बात यह है कि मंत्रालय से सरकारी कागज चुराने वाले चोर मोदी सरकार की प्रशासनिक जाल से बचकर निकल गए। सीबीआई और एसआईटी जैसी एजेंसी भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर लगी रही….इधर घर में ही चोर ने डाका डाल दिया।

ये संभव कैसे हुआ भाई? 

सरकार में इतने गरम खून वाले नेताओं के होते हुए चोरी हो गई…..किसी ने कुछ बोला तक नहीं….ओह शिट…ये तो गलत है यार ….लेकिन क्या गलत और क्या सही…जब पटना में प्रधानमंत्री मोदी जी के संकल्प रैली में मौजूद नेता बिहार के शहीद सीआरपीएफ जवान पिंटू से मिलने एयरपोर्ट नहीं जा सके तो इस चुनावी मौसम में वो नेता चोरी मामले में बयान देंगे ऐसा कैसे हो सकता है।

हां, ये बात अलग है कि यूपी के समाजवादी सरकार ने अपने ही पार्टी के एक नेता के घर से भैंस की चोरी होने के बाद राज्य भर की पुलिस को भैंस खोजने में लगा दिया था। यही नहीं खुद मुख्यमंत्री और मंत्री ने इस मामले में बयान दिया था ….ओह नो..यार वो तो समाजवादी सरकार थी …लेकिन ये तो भाजपा की सरकार है।

जो भी हो सरकार किसी की हो यह सोचने वाली बात है कि इतने अहम कागजात की चोरी हो गई लेकिन अभी तक सरकार ने ये बात सार्वजनिक क्यों नहीं की?  सरकार ने चोर को पकड़ने के लिए मुकदमा दर्ज़ क्यों नहीं किया?

सरकार यदि अपने उपर लगे इन आरोपों से बचना चाहती है, और यदि सरकार की नियत साफ है तो सरकार को चाहिए कि वो सामने आकर इन सवालों का जवाब दे। इन दस्तावेजों को भले ही सरकार सुप्रीम कोर्ट को नहीं दे ….लेकिन कम से कम उन कागजातों के चोरों के हाथ लग जाने से तो बचा ले।

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