देश में एक पूर्व मुख्यमंत्री को उसी के घर में हाउस अरेस्ट कर दिया गया है. घबराइए नहीं इस बार कश्मीर में कुछ नहीं हुआ है. ये खबर आंध्र प्रदेश की है. यहां सीधे तौर पर नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन किया गया है. पूर्व मुख्यमंत्री को सरकार के प्रति अपना विरोध जताने से रोका जा रहा है. इतना ही नहीं उनके साथ उनके बेटे को भी नज़र बंद कर दिया गया.

मामला जान लीजिए

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और टीडीपी के प्रमुख एन चंद्रबाबू को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है. नायडू ने अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हो रहे लगातार हमलों के विरोध में एक विशाल रैली का आयोजन किया था. इस रैली को ‘चलो आत्माकुर’ नाम दिया गया था.

इसी को लेकर पुलिस ने इलाके में धारा-144 लगा दी थी. इतना ही नहीं पुलिस ने चंद्रबाबू नायडू को उनके बेटे नारा लोकेश के साथ घर में ही हाउस अरेस्ट कर लिया. पुलिस ने उनके घर के मेन गेट पर ताला लगा दिया था.

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू  फोटो सोर्स: गूगल
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू फोटो सोर्स: गूगल

हालांकि, इसके बावजूद नायडू अपनी रैली करने निकल गए. निकलते वक्त उन्होंने कहा,

यह सरकार मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रही है. हम सरकार के खिलाफ़ लड़ रहे हैं. अल्पसंख्यकों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं. इसलिए हम ‘चलो आत्माकुर‘ रैली कर रहे हैं. इस सरकार ने सभी नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया है. मैं सरकार और पुलिस को चेतावनी देता हूं कि आप हमें हाउस अरेस्ट करके रोक नहीं सकते.

2019 के लोकसभा चुनाव के साथ आंध्र प्रदेश के विधानसभा चुनाव भी हुए थे. इस चुनाव में चंद्रबाबू नायडू को हार का सामना करना पड़ा था. जिस वजह से उन्हें अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी. इसके बाद YSR Congress Party के प्रमुख एस जगनमोहन रेड्डी आंध्र प्रदेश के नए मुख्यमंत्री बने थे.

चंद्रबाबू नायडू के बेटे नारा लोकेश, फोटो सोर्स: गूगल
चंद्रबाबू नायडू के बेटे नारा लोकेश,फोटो सोर्स: गूगल

इस हाउस अरेस्ट को लेकर उनके बेटे नारा लोकेश ने कहा है कि

यह तानाशाही है. हमें अलोकतांत्रिक तरीके से रोका जा रहा है. टीडीपी के नेता और कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है. वाईएसआरसीपी (YSR Congress Party) के विधायक खुलेआम हमें धमका रहे हैं, बोल रहे हैं कि पुलिस उनके साथ है.

धारा 144 क्यों लगाई गई थी?

पुलिस ने धारा 144 लगाने को लेकर कहा कि इस इलाके में किसी भी तरह का धरना प्रदर्शन और रैली की इजाजत नहीं है. पुलिस प्रमुख ने कहा था कि किसी को भी कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियों को चाहिए कि वह शांति बनाए रखने में पुलिस की मदद करें.

 पूर्व मंत्री और टीडीपी नेता भुमा अखिल प्रिय, फोटो सोर्स: गूगल
पूर्व मंत्री और टीडीपी नेता भुमा अखिल प्रिय, फोटो सोर्स: गूगल

नेता को हिरासत में भी लिया गया है

आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में पूर्व मंत्री और टीडीपी नेता भुमा अखिल प्रिय को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. उन्हें एक होटल में नजरबंद कर लिया गया है.

इसके अलावा बुधवार को चंद्रबाबू नायडू के बेटे की पुलिस अधिकारियों के साथ बहस भी हो चुकी थी. इसके बाद दोनों पिता-पुत्र को उनके घर में ही नज़रबंद कर दिया गया था. हालांकि, दोनों बाहर निकलने में कामयाब हो गए. साथ ही रैली में भी हिस्सा ले रहे हैं.