भारत में प्रदूषण चरम पर है। सर्वे और एक्सपर्ट कह रहे हैं कि यहाँ की हवा में सांस लेना आपकी ज़िंदगी के दस साल कम कर रहा है। दिल्ली समेत पूरे भारत में शायद ही कोई जगह है, जहां सांस लेने लायक हवा मौजूद हो। पर, किसको मतलब है इस बात से? टीवी पर पाकिस्तान छाया हुआ है और चुनावी मुद्दों में कश्मीर। सुप्रीम कोर्ट थोड़ी बहुत सुध ले भी रहा है। दिल्ली में केजरीवाल सरकार के पास ऑड-ईवन के अलावा प्रदूषण से निपटने की कोई योजना नज़र आ नहीं रही है। बाकी लोग इस हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। ऐसे में क्या किया जाये?

क्या किया जाये?

करने को तो बहुत कुछ है। इलेक्ट्रिक वाहन को बढ़ावा, प्लांट टावर और भी बहुत से सुझाव बस इंटरनेट खंगालने मात्र से आपको मिल जाएंगे। पर, सरकार ठहरी बिजी। बिजी लोगों के पास समय कहां होता है? सुप्रीम कोर्ट सुझाव भी दे रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा है कि वायु प्रदूषण की भीषण समस्या से निपटने के लिए, उसे कई इलाकों में एयर प्यूरिफायर टॉवर बनाना चाहिए। पर, सुप्रीम कोर्ट ने कहा और सरकार ने कर दिया तो, लाल बत्ती की गर्मी कम न हो जायेगी? तो सब्र कीजिये और चीन को देख कर थोड़ी जलन महसूस कीजिये।

चीन ने ऐसा क्या कर दिया है?

चीन को सिर्फ लाल आँख दिखाने की ही जरूरत नहीं है बल्कि, आँख गड़ा कर उससे बहुत कुछ सीखने की भी जरूरत है। भारत साल 1947 में आजाद हुआ और चीन 1949 में। फिर भी हमसे काफी आगे है, चीन। चाहे वो अर्थव्यवस्था हो, जनसंख्या नियंत्रण हो, जीडीपी हो या फिर किसी समस्या से निपटने को लेकर इच्छाशक्ति की जरूरत।

एक तेजी से बढ़ते हुए देश के लिए प्रदूषण पैकेज के तौर पर आता है। जैसे आम खरीदो तो उसकी गुठली और छिलका साथ में मिलेगा ही मिलेगा। ये बात हम भी समझते हैं और चीन भी। अंतर सिर्फ़ इतना है कि चीन हमसे थोड़ा जल्दी उस समस्या पर एक्शन ले लेता है और हम इंतजार करते हैं, सुप्रीम कोर्ट की लताड़ का।

प्रदूषण से बचाने के लिए चीन ने लगवाया सबसे बड़ा एयर प्यूरिफायर टॉवर, फोटो सोर्स- गूगल
प्रदूषण से बचाने के लिए चीन ने लगवाया सबसे बड़ा एयर प्यूरिफायर टॉवर, फोटो सोर्स- गूगल

सुप्रीम कोर्ट ने जिस एयर प्यूरिफायर टॉवर का आइडिया सत्ताधीशों को दिया है। वो काम चीन दो साल पहले कर के निपटा चुका है। चीन का झियान शहर कभी ठंड में दिल्ली जैसी ही हालत से जूझा करता था। वहाँ की सरकार ने इस पर एक्शन लिया। चीन ने करीब दो साल पहले ऐसा ही एक टॉवर झियान शहर में लगाया था। एयर प्यूरिफायर टॉवर के बनने के बाद इलाके की हवा साफ हो गई।

आपके सामान्य ज्ञान के लिए ये भी जान लीजिये कि ये दुनिया का सबसे बड़ा एयर प्यूरीफायर टॉवर भी है। यहां बना एयर प्यूरिफायर टॉवर 330 फीट ऊंचा है। दुनिया में इतना बड़ा एयर प्यूरिफायर टॉवर और कहीं नहीं है। एक्सपर्ट कहते हैं कि ये एयर प्यूरिफायर टॉवर रोज एक करोड़ घनमीटर हवा को साफ करता है।

दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति, फोटो सोर्स- गूगल
दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति, फोटो सोर्स- गूगल

चीन में ज़रूरत थी तो उसने दुनिया का सबसे बड़ा एयर प्यूरिफायर टॉवर बनवा दिया। जिससे वहां की प्रदूषित हवा शुद्ध हुई मतलब जैसी ज़रूरत वैसा कदम। लेकिन, भारत की बात करें तो कोई मुद्दा कभी गंभीर नहीं होता है। चुनाव के अलावा।

भारत में सबसे अधिक आवश्यकता दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति की थी सो बन गई।

आप चाहें तो इस मूर्ति के शिखर पर जाकर शुद्ध हवा ले सकते हैं।

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