बीते कई दिनों से नार्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की तबियत को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं. कभी खबर आती है कि तानाशाह बुरी तरह बीमार है तो कभी यह बताया जाता है कि शायद उसकी मौत हो गई है. चुकि नार्थ कोरिया से किसी भी खबर का बाहर आना तब-तक संभव नहीं है जब-तक वहां से कोई सरकारी बयान न जारी हो. इसलिए अभी तक तानाशाह की तबियत एक सस्पेंस बनकर रह गई थी. लेकिन अब इसमें एक नया मोड़ आया है.

रायटर्स के मुताबिक चीन ने अपनी एक टीम नार्थ कोरिया के लिए रवाना की है.

चीन के कम्युनिस्ट पार्टी के अंतर्राष्ट्रीय संपर्क विभाग के किसी सीनियर मेंबर के नेतृत्व में एक मेडिकल टीम गुरुवार को बीजिंग से नार्थ कोरिया के लिए रवाना हुई. यह विभाग हीं नार्थ कोरिया से डील कर रही है. रायटर्स ने शुक्रवार चीन के इस विभाग से इस बाबत संपर्क भी किया लेकिन वहां बात नहीं बनी. फिलहाल चीनी विदेश मंत्रालय ने इसपर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.

सीओल के एक न्यूज़ वेबसाइट ने हफ्ते भर पहले यह खबर दी थी कि किम जोंग उन कार्डियो वैस्कुलर प्रोसीजर से गुजरने के बाद रिकवर कर रहे हैं. उस खबर में किसी अनाम सोर्स का हवाला दिया गया था. इसी रिपोर्ट को चीन और साऊथ कोरिया के कुछ सरकारी अफसरों ने चैलेन्ज करते हुए कहा था कि किम जोंग उन की हालत स्थिर नहीं थी. सर्जरी के बाद वो बुरे तरीके से खतरे में पड़ गए थे.

क्या कहना है डोनाल्ड ट्रंप का?

गुरुवार को यु एस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प ने भी उस खबर का खंडन किया जिसमें किम जोंग उन की स्थिति नाजुक बताई गयी थी. उन्होंने कहा कि:

मुझे लगता है यह गलत खबर थी.

लेकिन उन्होंने नार्थ कोरिया के अधिकारियों से इस बाबत हुई किसी बात से इनकार कर दिया. शुक्रवार को साउथ कोरिया के एक सोर्स ने रायटर्स को बताया कि किम ज़िंदा है और जल्द हीं सामने आएगा. सोर्स ने यह भी कहा कि वो इस वक़्त किम के तात्कालिक हालातों के बारे में नहीं बता सकता और न हीं किसी चीनी हस्तक्षेप के बारे में हीं कुछ कह सकता है.

किम जोंग उन, अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ

यु एस इंटेलिजेंस के एक अधिकारी ने रायटर्स को बताया कि किम को कई स्वास्थ सम्बन्धी बीमारियाँ थी. वो सिगरेट भी खूब पीता है. लेकिन इससे यह अंदाजा नहीं लगाया जा सकता कि वो बहुत ज्यादा बीमार है या अब कभी सार्वजनिक रूप से बाहर नहीं आ सकेगा.

क्यों नहीं आ पा रही है किम जोंग उन से जुडी कोई ठोस खबर?

नार्थ कोरिया दुनिया का सबसे ज्यादा अलग-थलग और गुप्त देश है. इस देश में यहाँ के नेताओं के स्वास्थ को राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा माना जाता है. नार्थ कोरिया के सरकारी मिडिया ने किम के बारे में आखिरी खबर तब लिखी या बताई थी जब किम ने आखिरी बार 11 अप्रैल को किसी मीटिंग की अध्यक्षता की थी. किम जोंग उन पहले भी वहां की मिडिया के नज़रों से गायब होता रहा है. अब वह 36 साल का है. 2014 में वो इसी तरह से एक महीने के लिए गायब हो गया था. उसके स्वास्थ के कयास उसके बहुत ज्यादा सिगरेट पीने और वजन बढ़ने के कारण लगाए जाते रहे हैं.

चीनी राष्ट्रपति शी जिंगपिंग और नार्थ कोरियन तानाशाह किम जोंग उन

चीन नार्थ कोरिया का आर्थिक मामलों में मुख्य सहयोगी है. चीन के राष्ट्रपति शी जिंगपिंग ने पिछले साल नार्थ कोरिया का दौरा भी किया. साल 2008 में जब किम जोंग उन के पिता, किम जोंग II को हार्ट अटैक आया था, तब भी चीनी और फ्रेंच डॉक्टर्स हीं उनके इलाज के लिए पहुंचे थे. अपने पिता के 2011 में गुजरने के बाद से 2018 तक किम जोंग उन ने चीन की चार बार यात्रा कर ली है.