इंटरनेशनल मंच पर पाकिस्तान के साथ एकमात्र खड़ा होने वाला देश चीन है। उसकी वजह एक ही है, भारत का विरोध करना। चीन आतंकवाद से लेकर पाकिस्तान के हर मसले पर साथ देता रहा है। लेकिन इस बार चीन ने पाकिस्तान से हाथ खींच लिये हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में गुरूवार को आतंकवाद का मुद्दा उठाया है। पुलवामा हमले की इस मच पर निंदा की गई और एक रिजोल्यूशन जारी किया। जिसमें चीन ने भारत का समर्थन किया है।

संयुक्त राष्ट्र संघ के सुरक्षा परिषद में आतंकवाद के मुद्दे पर चीन ने दिया भारत का साथपुलवामा हमले के बाद आतंकवाद और पाकिस्तान की हर कोई आलोचना कर रहा है। भारत ने जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को इंटरनेशनल टेररिस्ट घोषित करने का प्रस्ताव पेश किया था। जिस पर सभी देशों ने हामी भरी थी लेकिन चीन ने थोड़ा सोचने की बात कही थी। लेकिन अबकी बार इंटरनेशनल दबाव के कारण उसने भी इस आतंकवाद के रिजोल्यूशन का समर्थन किया है।

चीन UNSC का स्थायी सदस्य है, उसके पास वीटो पावर है। सुरक्षा परिषद ने पुलावामा आतंकी हमले के अपराधी, साजिश करने वालों और धन मुहैया करने वालों पर कार्रवाई करने की बात कही है। UNSC ने एक प्रेस रिलीज जारी की है, जिसमें कहा गया है। ‘सुरक्षा परिषद के सदस्य 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर में जघन्य और कायराना तरीके से हुए आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा करते हैं। जिसमें भारत के अर्धसैनिक बल के 40 जवान शहीद हो गए थे।’

Image result for pakistan and chinaपुलवामा हमले के बाद से इंटरनेशनल लेवल पर पाकिस्तान को घेरने की कोशिश की जा रही है। चीन ने भी पाकिस्तान का साथ नहीं दिया है। जिसके बाद से पाकिस्तान भी ऐसे फैसले ले रहा है। जिसे वो बता सके कि वो आतंक के खिलाफ है। पाकिस्तान ने हाफिज सईद के दो संगठन जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत को बैन कर दिया है।

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