इस लोकसभा चुनाव के पहले कभी भी भारतीय इतिहास में ऐसा नहीं हुआ है कि कोई भी राजनीतिक पार्टी ने सेना के नाम पर वोट मांगा हो। लेकिन जब से एयर स्ट्राइक को लेकर पीएम मोदी ने मतदान के लिए अपील की है तब से लेकर इस मुद्दे पर जमकर राजनीति शुरू हो गयी है। कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर राजनीति करने के लिए नया तरीका अपनाया था। कांग्रेस का दावा था कि उसके कार्यकाल में भी छह बार सर्जिकल स्ट्राइक हुए हैं। कांग्रेस के इस दावे पर किसी ने आरटीआई दाखिल किया था जिसका जवाब भी आ चुका है।

आरटीआई में रक्षा मंत्रालय ने जो खुलासा किया है उससे कांग्रेस को काफी जोर का झटका लगा है। आरटीआई के जवाब में इस बात का खुलासा हुआ है कि 2016 के पहले भारत के द्वारा कभी भी इस तरह की कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुई है। रक्षा मंत्रालय ने साफ कर दिया कि इस तरह के किसी भी सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी रक्षा मंत्रालय को नहीं है।

राजीव शुक्ला, कांग्रेस प्रवक्ता। फोटो सोर्स: गूगल
राजीव शुक्ला, कांग्रेस प्रवक्ता। फोटो सोर्स: गूगल

कांग्रेस प्रवक्ता राजीव शुक्ला ने दावा किया था कि मनमोहन सरकार में भी पाकिस्तान में 6 बार सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी। राजीव शुक्ला ने ना ही सिर्फ दावा किया था बल्कि सर्जिकल स्ट्राइक की तारीख भी बतायी थी। उन्होंने कहा था कि पहली सर्जिकल स्ट्राइक 19 जून 2008 को जम्मू और कश्मीर में पूंछ के भट्टल सेक्टर में हुई थी। दूसरी 30 अगस्त से लेकर 1 सितंबर 2011 तक नीलम घाटी के शारदा सेक्टर में की गई थी। तीसरी सर्जिकल स्ट्राइक 6 जनवरी 2013 को सावन पत्र चेकपोस्ट पर की गई थी। चौथी सर्जिकल स्ट्राइक 27 और 28 जुलाई 2013 को नजरपुर सेक्टर में की गई थी जबकि पांचवीं नीलम घाटी में 6 अगस्त 2013 को और छठी 14 जनवरी 2014 को की गई थी।

कांग्रेस के इस दावे में कितनी सच्चाई है इसकी जानकारी के लिए जम्मू के रहने वाले आरटीआई एक्टीविस्ट रोहित चौधरी ने रक्षा मंत्रालय से आरटीआई दाखिल करके जवाब मांगा था। जिसके बाद रक्षा मंत्रालय ने इस दावे को झुठा करार दिया है। रक्षा मंत्रालय ने जिस तरह से इस दावे को झुठा साबित किया है वह कांग्रेस के लिए काफी शर्मनाक है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, फोटो सोर्स: गूगल
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, फोटो सोर्स: गूगल

हिन्दुस्तान टाइम्स को दिए अपने एक इंटरव्यू में पीएम मोदी ने भी कहा था कि मनमोहन सिंह के समय में कोई भी सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुई थी। अगर कोई सर्जिकल स्ट्राइक हुए थे तो किसके आदेश पर हुआ था और उस आदेश की कॉपी कहां हैं? पीएम के बयान के अनुसार तत्कालिन सेना प्रमुख के पास भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसलिए कांग्रेस को इसकी जानकारी देनी चाहिए।

राजस्थान के सीकर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए भी पीएम मोदी ने कहा था कि यह कैसी स्ट्राइक थी भाई, जिसके बारे में आतंकियों को कुछ नहीं पता, स्ट्राइक करने वालों को कुछ नहीं पता, पाकिस्तान को कुछ नहीं पता और न देश की जनता को कुछ पता है। कांग्रेस में ऐसे लोग हैं जो सर्जिकल स्ट्राइक को भी वीडियो गेम समझकर आनंद लेते होंगे। एसी कमरों में बैठकर कागज में सर्जिकल स्ट्राइक कांग्रेस ही कर सकती है।

मनमोहन सिंह, फोटो सोर्स: गूगल
मनमोहन सिंह, फोटो सोर्स: गूगल

इस बयान के बाद कांग्रेस ने भी पीएम मोदी पर जवाबी पलटवार किया है। कांग्रेस ने कहा

“तकलीफ की बात है कि मोदी जी ने 23 दिसंबर 2013 को सर्जिकल स्ट्राइक पर पूर्व सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह के बयान को भी झुठला दिया है। यह एक प्रधानमंत्री के राजनीतिक दिवालियेपन को दर्शाता है, जबकि 2019 के चुनाव में हार निकट दिख रही है।’’

कांग्रेस ने कहा कि पार्टी ने कभी सर्जिकल स्ट्राइक को चुनावी मुद्दा नहीं बनाया है। बीजेपी का यह बयान देश के जवानों की बहादुरी का अपमान है। फिलहाल कांग्रेस जिस 6 बार के सर्जिकल स्ट्राइक का दावा कर रहा है उसपर से पर्दा हट चुका है। रक्षा मंत्रालय ने खुले तौर पर कहा है कि देश में 2016 के पहले किसी भी तरह के सर्जिकल स्ट्राइक का कोई भी सबूत नहीं है।

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