दिल्ली विधानसभा चुनवा 2020 की तैयारी शुरु हो गई है। एक बार फिर से दिल्ली सरकार और केन्द्र सरकार के बीच अनबन शुरु हो गई है। इस बार तो आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है। आम आदमी पार्टी के नेता हैं संजय सिंह। संजय सिंह का कहना है कि मोदी सरकार केजरीवाल जी के साथ दोहरी नीति अपना रही है।

बवाल क्यों शुरु हुआ?

9 से 12 तक अक्टूबर तक डेनमार्क के कोपेनहेगन में C-40 जलवायु सम्मेलन आयोजित हो रहा है। इसी सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए केजरीवाल को 8 अक्टूबर को दिल्ली से रवाना होना था। प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए जाना था। वहां केजरीवाल एशिया के 40 शहरों के मेयर को यह समझाने जा रहे थे कि दिल्ली के प्रदूषण में 25% की कमी कैसे हुई और दिल्ली के ऑड-इवेन के बारे में भी बताने जा रहे थे।

दिल्ली सीएम अरविन्द केजरीवाल, फोटो सोर्स: गूगल
दिल्ली सीएम अरविन्द केजरीवाल, फोटो सोर्स: गूगल

इसके बाद जलवायु संकट पर न्यूयॉर्क, लंदन, पेरिस, लॉस एंजिलिस व बर्लिन जैसे शहरों के नेताओं के साथ बैठक करने वाले थे। चार साल पहले दिल्ली, दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हुआ था। ऐसे में ये बताते कि वायु प्रदूषण को कैसे कम कर सकते हैं। मुख्यमंत्री केजरीवाल एशियन मेयर व सिटी लीडर्स कम कार्बन समावेशी विकास बैठक नामक जलवायु सम्मेलन के वरिष्ठ वक्ता भी थे। इसके लिए कल यानि 8 अक्टूबर को अरविंद केजरीवाल की दिल्ली से 2 बजे की फ्लाइट थी लेकिन, विदेश मंत्रालय ने उन्हें डेनमार्क जाने की अनुमति नहीं दी।

क्या कहा विदेश मंत्रालय ने?    

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हैं रविश कुमार। जब केजरीवाल को डेनमार्क जाने की अनुमति नहीं मिली तो राजनीतिक घमासान शुरु हो गया। जिसके बाद रविश कुमार ने इस बारे में अपनी बात रखी हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रविश कुमार, फोटो सोर्स: गूगल
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रविश कुमार, फोटो सोर्स: गूगल
रविश कुमार का कहना है कि,

मैं राजनीतिक मंजूरी के लिए सवालों का जवाब नहीं देना चाहता। आप अगर समझदार हैं तो आपको पूरी प्रक्रिया समझनी चाहिए। हमें हर महीने मंत्रलयों, सचिवों से राजनीतिक मंजूरी के लिए सैकड़ों अनुरोध मिलते हैं। एक निर्णय कई सूचनाओं पर आधारित होता है। सम्मेलन की प्रकृति का भी ध्यान रखा जाता है, जहां व्यक्ति भाग लेने जा रहा है। अन्य देशों की भागीदारी के स्तर को भी ध्यान में रख कर मंजूरी दी जाती है।

35 दिन पहले ही दी गई थी सूचना

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रविश कुमार के बयान के बाद आम आदमी पार्टी के नेता और सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर जम कर अपनी भड़ास निकाली।

संजय सिंह ने ANI से बात करते हुए कहा,

पता नहीं केंद्र सरकार हमारे खिलाफ ऐसे कदम क्यों उठा रही है? केजरीवाल जी कोई छूट्टी मनाने नहीं बल्कि हमारे देश की बेहतर तस्वीर पेश करने जा रहे थे। इतिहास उठा कर देखिए और बताइए कि ऐसे कितने मुख्यमंत्री हैं जिनकी ऑफिशियल मीटिंग कैंसिल हो गई हैं? लेकिन, एक हफ्ता पहले विदेश मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के शहरी विकास मंत्री फरहाद हकीम को सम्मेलन में शामिल होने की मंजूरी दे दी है। मोदी सरकार ने देश की छवि धूमिल करने की कोशिश की है।

‘आप’ के साथ ऐसा पहली बार नहीं हुआ है

अरविन्द केजरीवाल की यात्रा कैंसिल होना और बंगाल के मंत्री फरहाद हकीम को सम्मेलन में जाने की अनुमति देना बीजेपी के ऊपर कई सारे सवाल खड़े करता है। लेकिन, अगर पिछले दो-तीन सालों में देखा जाए तो ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब आम आदमी पार्टी को विदेश यात्रा के लिए रोका गया हो। 

मनीष सिसोदिया, फोटो सोर्स: गूगल
मनीष सिसोदिया, फोटो सोर्स: गूगल

मनीष सिसोदिया ने भी मास्को जाने की बात कही थी। मास्को में शिक्षा व्यवस्था को लेकर मीटिंग होने वाली थी। जिसमें मनीष सिसोदिया दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था के बारे में बातने वाले थे। लेकिन, उन्हें भी वहां जाने की अनुमति नहीं मिली थी। इसके बाद दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन को ऑस्ट्रेलिया जाना था। वहां स्वास्थ्य सेवा को लेकर चर्चा होनी थी लेकिन, उन्हें भी वहां जाने की अनुमति नहीं मिली थी।

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