ज्यादा समय नहीं बीता है, कुछ दिन पहले की बात है। नेपाल के पीएम ओली ने कहा था कि भगवान राम नेपाल में पैदा हुए थे। साथ ही उन्होंने अयोध्या को भी नेपाल में ही, बीरगंज के पास की एक जगह बताया। हालांकि इसके बाद उनकी न सिर्फ आलोचना हुई थी बल्कि नेपाल के ही बड़े लोगों के द्वारा भी उनका मजाक बनाया गया। कुल मिलाकर उनका बयान बिना सिर-पैर का था। खैर जो भी हो, ऐसा लग रहा था कि मामला अब ठंडा हो गया है। अगर मीम बाजार को छोड़ दें तो अब इस बात की विशेष रुप से चर्चा होनी बंद हो गई थी, जब तक कि आज ये खबर न आती कि भगवान श्री राम को नेपाल का बताने वाले नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को होशंगाबाद से लीगल नोटिस भेजा गया है। जी हां आप बिलकुल सही पढ रहे हैं।

 क्या है पूरा मामला?

जैसा कि हमने आपको बताया कि नेपाल के पीएम ओली ने कहा था कि भगवान राम नेपाल में पैदा हुए थे। अब आपको मालूम ही है कि अयोध्या उत्तर प्रदेश में है और उत्तर प्रदेश भारत में। हुआ ये कि स्वयं को भगवान राम का वंशज होने का दावा करने वाले अधिवक्ता अजीत रघुवंशी ने पीएम ओली को लीगल नोटिस भेजा है। भारतीय दंड विधान की विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत यह नोटिस उनके दिल्ली के दूतावास और नेपाल में उनके सरकारी आवास के पते पर भेजा गया है। अधिवक्ता अजीत रघुवंशी पूर्व में भी सर्वोच्च न्यायालय में स्वयं और रघुवंशी समाज को भगवान राम के वंशज होने की बात करते रहे हैं।

नेपाल के प्रधानमंत्री, केपी शर्मा ओली SOURCE: GOOGLE

नेपाल के प्रधानमंत्री, केपी शर्मा ओली SOURCE: GOOGLE

नवभारत टाइम्स में छपी खबर के अनुसार उन्होंने कहा कि हमारे पास इसके लिखित प्रमाण हैं। उनके पूर्वजों की अयोध्या नगरी में प्राचीन संपत्ति है, जो सरकारी दस्तावेजों में दर्ज है। अधिवक्ता अजीत रघुवंशी ने कहा कि याचिका में प्रधानमंत्री ओली से भगवान राम वाले बयान पर लिखित माफी मांगने की बात कही गई है। नोटिस मिलने के 15 दिन के अंदर इसका जवाब नहीं मिलने पर न्यायलय में कार्रवाई की जाएगी।

यानी कुल मिलाकर अब बात ये है कि फिलहाल नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा के दावे को निराधार बताते हुए अधिवक्ता अजीत रघुवंशी ने कहा कि भगवान राम उत्तर प्रदेश के अयोध्या में जन्में थे। इसका पौराणिक प्रमाण भी है। साथ ही भगवान राम का जन्म नेपाल में हुआ है, इसका कोई तथ्य मौजूद नहीं है। इस तरह से फिलहाल के लिए इस खबर में इतना ही है। जैसे ही कोई नया अपडेट आता है, हम आपको जरूर बताएंगें। बने रहिए द कच्चा चिट्ठा के साथ।

ये भी पढ़े:

भगवान राम को नेपाली बताने पर नेपाल के लोगों ने क्या कहा?