पूरी दुनिया कोरोना वायरस से प्रभावित है. सभी अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार इसका तोड़ निकलने में लगे हुए हैं. फ़्रांस ने फ़िलहाल तम्बाकू में इसके इलाज के छिपे होने की बात कही है. वहीँ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी बयान आ गया है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस को मारने के लिए कोविड-19 के मरीजों के शरीर के भीतर जीवाणु नाशक डालने या उनमें अल्ट्रा वायलेट किरणों का ”प्रवेश” कराए जाने के अध्ययन की सलाह दी है जिसकी अमेरिकी स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने तत्काल आलोचना की और लोगों से इस ”खतरनाक” सलाह पर ध्यान नहीं देने को कहा.

पूरा मामला क्या है?

अमरीकी गृह सुरक्षा मंत्रालय के उपमंत्री बिल ब्रायन ने अपने विभाग के हालिया वैज्ञानिक अध्ययन की जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना वायरस धूप एवं नमी के संपर्क में आने से बहुत तेजी से खत्म होता है.

ब्रायन ने ट्रंप की मौजूदगी में प्रेस कोंफ्रेंस कर बताया कि:

कोरोना वायरस धूप एवं नमी के संपर्क में आने से बहुत तेजी से खत्म होता है. सीधी धूप पड़ने से यह वायरस सबसे जल्दी मरता है. आइसोप्रोपाइल अल्कोहल वायरस का 30 सेकेंड में खात्मा कर सकता है.

ब्रायन की इस टिप्पणी के बाद ट्रंप ने सवाल किया कि क्या कोविड-9 से संक्रमित व्यक्ति के शरीर में इंजेक्शन से रसायन डाले जाने की संभावना है जिससे यह वायरस मर जाए. इस संबंधी अध्ययन करना दिलचस्प होगा.

ट्रंप ने घातक संक्रमण को समाप्त करने के लिए अल्ट्रा वायलेट किरणों और प्रकाश के इस्तेमाल पर भी अपनी बात रखी. ट्रंप के इस बयान की स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आलोचना की ओर लोगों को ऐसा नहीं करने को लेकर सचेत किया.

कोलंबिया यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में वैश्विक स्वास्थ्य निदेशक क्रेग स्पेंसर ने कहा कि:

मेरी चिंता यह है कि लोग मर जाएंगे. सबको लगेगा कि यह अच्छा विचार है लेकिन यह बेहद खतरनाक है

व्हाइट हाउस में कोरोना वायरस टीम के सदस्य डॉ. स्टीफन हान ने कहा:

मैं जीवाणु नाशकों को शरीर के भीतर डालने की सलाह निश्चित ही नहीं दूंगा.

वहीँ कोलंबिया यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में आपात चिकित्सा के सहायक प्रोफेसर दारा कास ने कहा:

अपनी लार से कोविड-19 को हटाने के लिए कृपया ब्लीच या आइसोप्रोपाइल अल्कोहल नहीं पिएं. यह भयानक है.

अमेरिका में अभी तक 8,69,170 लोग इस वायरस से संक्रमित हैं और करीब 50,100 लोगों की मौत हो चुकी है। यह स्थिति खुद में बेहद भयावह है.