पिछले सप्ताह पुरानी दिल्ली के हौज काजी में एक इमारत के सामने स्कूटी पार्किंग को लेकर शुरू हुआ झगड़ा सांप्रदायिक होते-होते रह गया था. सिर्फ स्कूटी पार्किंग को लेकर शुरु हुए विवाद में दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए थे. जब तक प्रशासन मौका-ए-वारदात पर पहुंचकर विवाद को सुलझाते तब तक एक समुदाय की भीड़ द्वारा वहां स्थित दुर्गा मंदिर की मूर्तियों को तोड़ा जा चुका था.

हौज काजी इलाके के लाल कुआं दुर्गा मंदिर की खंडित हुई मूर्तियों की आज दुबारा से स्थापना की जा रही है. मूर्ति की पुनर्स्थापना से पहले विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) द्वारा इलाके में शोभा यात्रा भी निकाली जाएगी. जिसे देखते हुए पुलिस ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. इसके साथ ही चांदनी चौक इलाके में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पूरा इलाके को छावनी में बदल दिया गया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मंगलवार दोपहर तक खंडित हुई मूर्तियों की जगह नई मूर्तियों की पुनर्स्थापना कर दी जाएगी. मंदिर के पुजारी अनिल कुमार पांडे ने बताया कि, पहले मूर्तियों की स्थापना की जाएगी उसके बाद शोभा यात्रा निकाली जाएगी. शोभा यात्रा के दौरान किसी अप्रिय घटना ना घटे इसके लिए दिल्ली पुलिस ने पूरे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है. हौज़ काजी इलाके की तरफ आने-जाने वाली सभी सड़कों पर पुलिस ने बैरीकेटिंग की है. किसी भी वाहन को मंदिर वाली जगह से 1 किलोमीटर पहले ही रोका जा रहा है.

स्थानीय लोगों ने बताया कि मंदिर की मरम्मत का पूरा खर्चा दुर्गा मंदिर ट्रस्ट समिति उठा रही है. दुर्गा मंदिर वाली गली में रहने वाले 53 साल के ताराचंद सक्सेना ने बताया कि इस गली में लगभग 35 परिवार रहते है. जिन्होंने मंदिर की मरम्मत के लिए ट्रस्ट को पैसे दान किए है. बाहरी किसी से भी कोई पैसा नहीं मांगा गया है.

शांतिपूर्ण ढंग से शोभा यात्रा संपन्न कराने के लिए दिल्ली पुलिस का चाक-चौबन्ध सुरक्षा व्यवस्था’, फटो सोर्स – गूगल

अब आपको पूरा मामला विस्तार से बताते है.

पुलिस के मुताबिक 30 जून की रात 10:55 केआस पास विवाद की शुरूआत हुई. लाल कुंआ इलाके के दुर्गा मंदिर वाली गली में संजीव गुप्ता नाम के एक शख़्स का घर है जिसके सामने आस मोहम्मद नाम के दूसरे शख़्स ने स्कूटी खड़ी कर दी. स्कूटी खड़ी करने के दौरान ही संजीव गुप्ता घर से बाहर आए और मोहम्मद से कहा कि इस जगह पर स्कूटी खड़ी नहीं कर सकते क्योकि यहाँ वो अपनी फलों की दुकान लगाते है. इस बात पर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। बहस गहमा-गहमी तक पहुंच गयी और संजीव गुप्ता ने ताव में आकर आस मोहम्मद की पिटाई कर दी.

 एक नज़र यहां भी-

अच्छा हुआ पुरानी दिल्ली में मंदिर टूटने का मामला हिन्दू-मुस्लिम होने से पहले थम गया

मामूली मार पिटाई के बाद आस मोहम्मद मौके से चला गया लेकिन कुछ देर बाद वो अपने लोगों के साथ वापस आकर तोड़ फोड़ और मारपीट की. कहा जा रहा है कि आस मोहम्मद जिन लोगो को लेकर आया था उन सबने शराब पी रखी थी.
इंडियन एक्स्प्रेस में छपी ख़बर के अनुसार संजीव गुप्ता की पत्नी ने बताया है कि घर के बाहर गाड़ी पार्किंग के लिए माना करने पर आस मोहम्मद ने गाली गलौच की. इसके बाद आस मोहम्मद अपने कुछ साथियों के साथ वापस आया और सजीव गुप्ता के घर पर पत्थर और शराब की बोतले फे़की. आस मोहम्मद ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर सजीव गुप्ता के साथ मारपीट भी की.

लालकुंआ का इलाका जहां विवाद हुआ, फोटो सोर्स – गूगल

विवाद की ख़बर मिलते ही हौज़ काजी थाने की पुलिस तुरंत मौका-ए-वारदात पर पहुंचकर संजीव गुप्ता और आस मोहम्मद दोनों को गिरफ्तार कर थाने ले आई. थाने आकर दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई.

रिपोर्ट्स के मुताबिक थाने में पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही थी कि इलाके में एक वाट्सअप संदेश वायरल हो गया जिसमें लिखा था कि एक समुदाय विशेष के लोगों ने आस मोहम्मद को एक पेड़ से बांधकर मारा. भीड़ द्वारा की गयी  पिटाई में आस मोहम्मद की जान चली गयी.

प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स - गूगल
प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स – गूगल

संदेश वायरल होते ही सैकड़ों लोगों की भीड़ ने हौज़ काजी थाने का घेराव कर आस मोहम्मद के शव को देने की मांग करने लगी. इसी बीच भीड़ के एक दूसरे समूह ने दुर्गा मंदिर वाली गली में स्थित दुर्गा मंदिर को निशाना बनाया. अराजक तत्वों द्वारा की मंदिर पर पत्थरवाजी की गयी. इस हमले में मंदिर में लगे काँच टूट गए साथ ही मूर्तियां भी खंडित हो गयी. ख़बरे आई की भीड़ ने मंदिर के आस पास स्थित घरों को भी निशाना बनाया गया. जिसमें कई लोग घायल हुये.

खंडित मूर्तिया , फोटो सोर्स – गूगल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मंदिर के पुजारी अनिल पांडे ने बताया कि वो सो रहे था तभी उन्होंने कुछ लोगों की चीखने-चिल्लाने की आवाज़ सुनी. आवाज़ सुन कर वो मंदिर से बाहर आए तो उन्होंने गुस्से से भरी भीड़ को देखा. पुजारी ने बताया कि उन्होंने भीड़ को बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन लोग इतने गुस्से में थे कि उनकी एक न सुनी. इसके बाद गुस्साई भीड़ ने मंदिर पर हमला बोल दिया.

मंदिर टूटने की ख़बर आग की तरह इलाके में फैली. सुबह होते-होते सबके वाट्सअप पर मंदिर टूटने का वीडियो पहुंच चुका था. जिसके बाद कुछ हिन्दू संगठन के लोग दुर्गा मंदिर वाली गली में आकर धरने पर बैठ गए. वही दूसरी तरफ दूसरे समुदाय के लोग लाला कुंआ और बल्लीमरन की सड़कों पर इकट्ठा होकर नारेबाजी करने लगे.

समय रहते दिल्ली पुलिस ने दिखाई मुस्तैदी

पुरानी दिल्ली में लगी इस सांप्रदायिक चिंगारी को दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा समय रहते रोका न जाता तो ये चिंगारी आगे चलकर भयावह आग का रूप ले सकती थी. इसके लिए दिल्ली पुलिस की तारीफ होनी चाहिए जिसने बड़ी सूझबूझ और ज़िम्मेदारी से मामले को संभाल लिया.

मामले की गंभीरता को देखते हुये एक्शन में आई दिल्ली पुलिस ने फौरन पूरे इलाके को कब्जे में ले लिया. लालकुंआ इलाके में स्थित दुर्गा मंदिर तक जाने आने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया.

मंदिर में तोड़फोड़ करने के मामले में दिल्ली पुलिस अब तक सात लोगों समेत आठ नाबालिकों को गिरफ्तार कर चुकी है. आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती है क्योंकि पुलिस को अब तक मुख्य आरोपी की तलाश है.

दिल्ली पुलिस ने बताया कि घटना के दिन से इलाके में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती है. शोभा यात्रा के दिन सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुये अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गयी है.

 

 

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