अब गरीबों के लिए चुनाव लड़ना तो स्वर्ग में सीढ़ी बनाने के बराबर होता जा रहा है. अमीर उम्मीदवार गरीबों को चुनाव में चन्द रुपए दे कर स्वर्ग का सपना दिखा कर वोट चटका लेते है, चुनाव के बाद स्वर्ग कौन कहे मतदताओं के लिए मूलभूत चीजों (रोटी,कपड़ा,मकान) मिलना भी स्वर्ग में सीढ़ी बनाने के जैसा हो जाता है. ये बातें तमिलनाडु के चुनाव पर बिल्कुल फिट बैठती हैं. वैसे भी तमिलनाडु के चुनाव में काले धन का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है. यही कारण है कि तमिलनाडु की 39 लोकसभा सीटों को ‘एक्सपेंडिचर सेंसेटिव’ घोषित किया गया है, जो देश का इकलौता ऐसा राज्य है.

इसी क्रम में स्थानीय प्रशासन की शिकायत पर आयकर विभाग की टीम ने डीएमके कोषाध्यक्ष दुरीमुर्गन के घर पर 30 मार्च को छापेमारी करके करीब 10.50 लाख रुपये कैश बरामद किए थे. उसके दो दिनों बाद दावा किया गया कि एक डीएमके नेता के ही गोदाम से 11.53 करोड़ रुपये बरामद किये गए. जिसके बाद आयोग ने 14 अप्रैल को राष्ट्रपति को चिठ्टी लिख कर चुनाव रद्द कराने की सिफ़ारिश की थी. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने चुनाव आयोग की सिफारिश पर मंगलवार रात तमिलनाडु की वेल्लोर लोकसभा सीट पर चुनाव रद्द करने का ऐलान किया था.

वेल्लोर में बरामद हुआ कैश, फोटो सोर्स- गूगल

दरअसल में स्थानीय प्रशासन की शिकायत पर आयकर विभाग की टीम ने डीएमके कोषाध्यक्ष दुरीमुर्गन के घर पर 30 मार्च को छापेमारी की. इसके एक दिन बाद 1 अप्रैल को डीएमके के ही पार्टी पदाधिकारी के सीमेंट गोदाम पर छापेमारी की. आयकर विभाग ने यहां से 11 करोड़ रुपए की नगदी बरामद की. 8 अप्रैल को चुनाव आयोग ने डीएमके प्रत्याशी कथिर आनंद और उनके दो करीबियों पूनजोलई श्रीनिवासन और दामोदरन के खिलाफ मामला दर्ज कराया. बताया जा रहा है कि सीमेंट गोदाम का मालिक दामोदरन ही है. इस मामले में दावा किया गया कि पूनजोलई श्रीनिवासन ने माना है कि यह पैसा उसका था और इसे गोदाम में वोटरों के बीच बांटने के लिए रखा गया था. IPC की धाराओं (171 ई व 171 बी) और 125 ए में कथिर आनंद और पूनजोलई श्रीनिवासन पर एफआईआर दर्ज किया गया. कथिर आनंद पार्टी के वरिष्ठ नेता दुरीमुर्गन के बेटे हैं.

जानकारी के अनुसार भारत के चुनावी इतिहास में पहली बार कैश मिलने के वज़ह से कोई लोकसभा चुनाव रद्द किया गया है. भारत के लोकतंत्र में पहले कभी भी पैसे मिलने की वज़ह से लोकसभा चुनाव रद्द होने का ऐसा पहला मामला है.

फोटो सोर्स- गूगल

तमिलनाडु में आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक 202 करोड़ की नगदी समेत 552 करोड़ की संपत्ति जब्त हुई है. इसलिए तो तमिलनाडु में चुनाव प्रचार से ज्यादा इनकम टैक्स के छापे की होली चल रही है, नेताओं के घर से लेकर, उनके सहयोगियों के घर, दफ्तर, गाड़ी, फार्म सब जगह मानों पैसे की ATM मशीन लगी हो. जहां छापे पड़ रहे है वहां का नजारा ही रुपईआ चुनाव की पोल खोल दे रहा है.