विश्व कप का 41वां मैच अगर किसी के लिए सबसे अहम था तो वो इंग्लैंड के लिए। ऐसा इसलिए क्योंकि न्यूजीलैंड तो पहले ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। ऐसे में अगर इंग्लैंड यह मैच हार जाती तो शायद सेमीफाइनल में पहुंचने का रास्ता थोड़ा कठिन हो जाता। एक तरह से कहे तो इंग्लैंड के लिए यह मैच करो या मरो की स्थिति वाला था। और इंग्लैंड ने जिस तरह का क्रिकेट खेला वो वाकई काबिल-ए-तारीफ था। इंग्लैंड यह मैच 119 रनों से जीत कर सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर गई है।

कैसी रही इंग्लैंड की पारी?

टॉस इयान मोर्गन ने जीता। पहले बैटिंग करने का फैसला किया और एक बार फिर इंग्लैंड की सलामी जोड़ी ने शतकीय साझेदारी कर इंग्लैंड को जबरदस्त शुरुआत दी। जॉनी बेयरेस्टो ने लगातार अपना दूसरा शतक लगाया तो वहीं जेशन रॉय ने भी अर्द्ध शतक लगाकर टीम को पहले विकेट के लिए 123 रनों की साझेदारी की। बेयरेस्टो ने 99 गेंदों पर 15 चौके और एक छक्के की मदद से 106 रनों की पारी खेली। जेशन रॉय ने भी 61 गेंदों में 60 रन बनाकर बेयरेस्टो का अच्छा साथ दिया। इन दोनों के आलावा कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर पाया।

शतक लगााने के बाद जॉनी बेयरेस्टो, फोटो सोर्स: गूगल
शतक लगााने के बाद जॉनी बेयरेस्टो, फोटो सोर्स: गूगल

टीम के शुरुआती ओवर्स को देख कर ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड का कुल स्कोर 350 के ऊपर जाएगा लेकिन अंतिम के बल्लेबाजों ने कुछ खास नहीं किया और पूरी टीम 305 रन ही बना सकी। इंग्लैंड के अंतिम ओवर्स में किस तरह की बल्लेबाजी हुई इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अंत के 20 ओवर में टीम 7 विकेट खोकर 111 रन ही बना सकी। न्यूजीलैंड की तरफ से नीशम, बोल्ट और हेनरी को 2-2 विकेट मिला जबकि टिम साउदी और सेंटनर को सिर्फ एक-एक विकेट ही मिला।

न्यूजीलैंड की बल्लेबाजों ने किया निराश

305 रन का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड टीम की शुरुआत काफी खराब रही। अभी टीम का स्कोर केवल दो रन था तभी सलामी बल्लेबाज हेनरी निकोलस को क्रिस वोक्स ने LBW कर दिया। अभी हेनरी की विकेट से न्यूजीलैंड संभलती तभी अचानक उसे दूसरा झटका गुप्टिल के रुप लगा। 14 रन पर दो विकेट गिरने के बाद ऐसा लगने लगा कि न्यूजीलैंड पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पाएगी। एक छोर से कप्तान केन विलियमसन थे तो कुछ आसार थे लेकिन जब टीम का कुल स्कोर 61 रन था तभी अचानक से दुर्भाग्यपूर्ण रुप से केन विलियमसन रन आउट हो गए।

प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल
प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल

इसके एक ओवर बाद ही टेलर भी बोल्ड हो गए। और देखते ही देखते सारी टीम 186 रन के स्कोर पर ऑल आउट हो गई। टॉम लाथम ने अगर अर्द्ध शतकीय पारी नहीं खेला होता तो पूरी टीम को 100 रन बनाने भी मुश्किल हो जाते। मार्क वुड ने शानदार तीन विकेट लिए। इसके आलावा जो रुट को छोड़कर बाकि सभी गेंदबाजों को एक-एक विकेट मिला।

27 साल बाद इंग्लैंड सेमीफाइनल में

इंग्लैंड एक ऐसी टीम रही है जिसका हर पक्ष मजबूत रहता है, चाहे वो बैटिंग हो, बॉलिंग हो या फिर फील्डिंग। लेकिन 1992 से लेकर अभी तक यानि पूरे 27 साल में वह एक भी बार सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाई है। ऐसे में इंग्लैंड इस विश्व कप की तीसरी ऐसी टीम बनी जो सेमीफाइनल में जगह बनाने में कामयाब रही है। क्योंकि भारत और ऑस्ट्रेलिया पहले ही सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं।

न्यूजीलैंड को इस हार से कितना हुआ नुकसान?

इंग्लैंड ने यह मैच जीत कर अपने लिए तो सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली लेकिन न्यूजीलैंड के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। न्यूजीलैंड यह मैच हार कर मुश्किल में फंसता दिख रहा है। पाकिस्तान और बंग्लादेश के बीच होने वाले मैच में अगर पाकिस्तान बंग्लादेश को बड़े अंतर से हराता है तो पाकिस्तान सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर जाएगा।  लेकिन यह तभी होगा जह पाकिस्तान बंग्लादेश को कम से कम 100 रन के बड़े अंतर से हराएगा, जो की इतना आसान नहीं लग रहा है। अगर पाकिस्तान यह मैच केवल जीतता है तो रन रेट के हिसाब से न्यूजीलैंड सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर जाएगा।

इस तरह से इंडिया, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड विश्व कप के सेमीफाइनल में जा चुके हैं अब पाकिस्तान और न्यूजीलैंड में कौन सेमीफाइनल में पहुंचेगा इस बात का फैसला आज होने वाले पाकिस्तान-बांग्लादेश के बीच होने वाले मैच से होने वाला है।

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