पिछले कई दिनों से एक आरोपी की तलाश दिल्ली की क्राइम ब्रांच की टीम कर रही थी। जिस आरोपी की खोज चल रही थी, वो कई बड़े अधिकारियों यहां तक कि आईएएस पीसीएस ऑफिसर तक को कॉल कर बेवकूफ बनाता रहता था। इसमें नाम जो लिया जाता वह देश के गृहमंत्री अमित शाह का था। दरअसल, अभिषेक द्विवेदी नाम का एक शख्स अमित शाह का प्राइवेट सेक्रेटरी बनकर फोन पर कई सारे ऑफिसर को कॉल करता और उनसे उल्टी सीधी फरमाइश करता।

अमित शाह के इस फर्जी प्राइवेट सेक्रेटरी को गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली क्राइम पुलिस को काफी मसक्कत करनी पड़ी। आरोपित रीवा से मुंबई भागा और वहां से पुलिस को चकमा देकर इंदौर आ गया। इंदौर की क्राइम ब्रांच पुलिस ने उसकी पत्नी द्वारा उसे भेजे एसएमएस, ‘घर मत आना, बाहर पुलिस वाले बैठे हैं’ के बाद धर दबोचा।अभिषेक के विरुद्ध हत्या, हत्या की कोशिश, मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में करीब एक दर्जन अपराध दर्ज हैं। आरोपी ने मध्य प्रदेश के दो आरटीओ के तबादले के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को फोन लगा दिया था, जिस पर दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज किया था। इसी अभिषेक को दिल्ली की क्राइम ब्रांच की तीन टीमें खोजने में लगी हुई थी। अब ये गिरफ्तारी कैसे हुए ये भी जान लीजिए।

आरोी, सोर्स गूगल

आरोी, सोर्स गूगल

दरअसल, दिल्ली के क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजेश देव ने आरोपित अमित के मोबाइल नंबर के आधार पर उसके रीवा स्थित घर पर दबिश दी थी। यहां से जानकारी मिली कि वह मुंबई चला गया है। जबतक पुलिस की टीम मुंबई के लिए रवाना होती और कुछ छानबीन करती, वो मोबाइल बंद कर वहां से भी फरार हो गया था। इसके बाद पुलिस ने उसकी पत्नि और जीजा को गिरफ्तार किया लेकिन, कुछ पूछताछ के बाद उन दोनों को छोड़ दिया गया। इसके बाद उन दोनों के ऊपर निगरानी बैठा दी गई ताकि किसी तरह की कोई खबर सामने आए तो तुंरत पता किया जा सके।

तभी अभिषेक की पत्नी ने उसे एसएमएस कर अलर्ट किया ‘घर मत आना, बाहर पुलिस वाले बैठे हैं।’ यह एसएमएस जारी होते ही पुलिस को इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए अभिषेक का नंबर हाथ लग गया और उसकी ताजा लोकेशन पता चल गई। पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपित इंदौर के पंढरीनाथ थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में ठहरा हुआ है। उसने एक कार बुक की है और कुछ देर बाद सतना जाने की तैयारी में है। इस पर पुलिसकर्मी ट्रेवल एजेंट बने और उसे दबोच लिया।

दिल्ली क्राइम ब्रांच के एसआइ संजय गुप्ता व भूपेंद्रसिंह इंदौर में जिला कोर्ट में आरोपित की पेशी के वक्त पेश हुए। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय से हमें ई-मेल मिला जिसमें गृह मंत्री के पीएस ने यह स्पष्ट किया कि न तो उन्होंने और न ही मंत्रालय की स्टाफ की ओर से किसी ने सड़क परिवहन मंत्री को कोई फोन किया है। इसके बाद हमने नंबर की जांच की तो (933646464) ट्रू कॉलर में एस दिल्ली के नाम से आया। मोबाइल कंपनी से जानकारी निकाली तो यह रीवा के अभिषेक द्विवेदी का निकला।