बिल एक और बवाल अनेक। मतलब जितनी जगह की खबरें उठाओ उतने अलग-अलग तरह के बवाल सुनने और वायरल वीडियो देखने को मिल रहे हैं। नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर, अन्य राज्यों की आग अब दिल्ली आ पहुँची है। कल शाम से ही जामिया के छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली के न्यू फ़्रेंड्स कॉलोनी में बसों में आग लगाई गयी लेकिन किसने आग लगाई, इसका पता अभी तक नहीं चल पाया है।

ऐसे बहुत से सवाल हैं जिसका जवाब नहीं मिल पा रहा है। जैसे – किसने लगाई आग? क्या पुलिस ज़बरदस्ती जामिया की लाईब्रेरी में घुसी? क्या छात्रों पर आँसू गैस के गोले छोड़े गए? क्या मुसलमान ख़तरे में है? कौन गलत है और कौन सही है?

इन सभी सवालों में एक बात साफ़ है, दिल्लीवालों की दिल्ली जल रही है और सरकारें एक-दूसरे पर बस आरोप-प्रत्यारोप कर रही है। सोशल मीडिया पर हर सेकेंड की ख़बर आ रही है, चाहे वो तस्वीर हो या फिर वीडियो। चारों तरफ प्रदर्शन की गूंज में कुछ खबरें लोगों को गुमराह करने के लिए भी फैलाई जा रही है। गुमराह करने का काम जाने-माने नेता भी कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो ख़ूब वायरल किया गया, कई लोगों ने इसे रिट्वीट भी किया। जिन लोगों ने इसे वायरल किया, वह कोई आम लोग नहीं हैं, जाने माने नेता हैं। पहले जान लेते हैं कि आखिर इस वीडियो के वायरल होने का कारण क्या है और किसने इसे आग की तरह फैलाया है?

इस वीडियो में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के छात्र नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर ये क्लिप इस दावे के साथ फैलाई जा रही है, “हिंदुओं की कब्र खुदेगी, AMU की छाती पर”। कई ट्विटर हैंडल्स ने AMU छात्रों पर हिंदू विरोधी नारे लगाने के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही लोगों ने 20 सेकेंड की लंबी क्लिप भी शेयर की है।

इन नेताओं में कोई छोटे-मोटे नाम शामिल नहीं है बल्कि, BJP के IT सेक्शन से लेकर कई और बड़े नेताओं के नाम शामिल हैं।

शिवसेना के पूर्व सदस्य रमेश सोलंकी ने वीडियो ट्वीट किया जिसे 900 से अधिक बार रीट्वीट किया गया था। उन्होंने लिखा,

हिंदुओं की कब्र खुदेगी, AMU की छाती पर. यह आस्तीन के साँप हमारे ही टैक्स पर पलते हैं और हमारी ही कब्र खोदेंगे

वहीं भाजपा दिल्ली के प्रवक्ता तजिंदर बग्गा की बात करें तो, उन्होंने लिखा,

ये प्रोटेस्ट CAB के लिए नहीं है, बल्कि Ghazwa-E-Hind का ऐलान है। बहुत से चेहरे नकाबों से बाहर आ रहे है धीरे-धीरे

बीजेपी के यूपी के प्रवक्ता ने लिखा, “आवाज सुनिए, अंदाज देखिए, कह रहे हैं – हिंदुओं की कब्र खुदेगी, AMU की छाती पर… ऐसी आवाज़ और अंदाज वालों का इलाज ज़रूरी है।”

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सूचना और प्रौद्योगिकी कार्यों के प्रमुख अमित मालवीय ने भी वीडियो शेयर कर दिया। उन्होनें ट्वीट में कहा है,

यदि यह मानसिकता इन ‘अल्पसंख्यक’ संस्थानों में व्याप्त है, तो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की दुर्दशा की कल्पना करें।

जानिए वीडियो की सच्चाई-

हमारी टीम ने सोशल मीडिया पर फैलाई गयी इस वीडियो को ध्यान से सुना और फिर पता लगा इसकी सच्चाई कुछ और ही है। जिन नेताओं ने इसे शेयर किया, उन्होंने कहा हिंदुओं की कब्र खुदेगी जबकि, इस वीडियो में बोला गया है, हिन्दुत्व की कब्र खुदेगी। इसे गुमराह करने का तरीका ना कहा जाए तो और क्या कहा जाए? नीचे पोस्ट किए गए वीडियो को सुनकर, यह साफ़ हो जाता है कि AMU के छात्रों द्वारा हिंदू विरोधी नारे लगाने का दावा गलत है। वे वास्तव में हिंदुत्व, सावरकर, भाजपा, ब्राह्मणवाद और जातिवाद के खिलाफ नारे लगा रहे थे। यहां छात्रों को यह कहते हुए सुना जा सकता है,

“हिंदुत्व की कब्र खुदेगी, AMU की छाती पर, सावरकर की कब्र खुदेगी, AMU की छाती पर, ये बीजेपी की कब्र खुदेगी, AMU की छाती पर, ब्राह्मणवाद की कब्र खुदेगी, AMU की छाती पर, ये जातीवाद की कब्र.”

AMU में राष्ट्र विरोधी नारे–हिंदुस्तान के खिलाफ नारे लगाते इन को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।*हिंदुत्व की कब्र खुदेगी AMU की छाती पर**सावरकर की कब्र खुदेगी AMU की छाती पर**बीजेपी की कब्र खुदेगी AMU की छाती पर*

Posted by Sabse Pahle Khabar Aap Tak on Sunday, December 15, 2019

पहले वीडियो में आवाज़ साफ़ नहीं थी इसलिए नेताओं ने इसे हिंदुओं के नाम से शेयर कर दिया। जब किसी पार्टी का आईटी सेल ही बिना जांच-पड़ताल के वीडियो शेयर कर दे तो समझिए फ़ेक न्यूज़ किस तरह से लोगों को गुमराह कर रही है। एक आम इंसान जो केवल मोबाइल पर अपडेट ले रहा है और वाट्स्एप्प युनिवर्सिटी से जुड़ा है, इसी तरह के फेक न्यूज पर भरोसा कर वह भी इस तरह के दंगों में हिस्सा ले सकता है। इतने गंभीर मुद्दे पर जब सत्ता में बैठे लोग ही गुमराह करने लगेंगे तो कैसे चलेगा? इसलिए आप अपने स्तर पर किसी भी खबर को शेयर करने से पहले जरूर जांच ले। वरना ये गलतियों का नतीजा ही है कि इस तरह के दंगे को बड़े स्तर पर अंजाम दिया जा रहा है।

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