प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार 5 सालों में किसानों के हित के लिये बात करते आ रहे हैं। फसल बीमा योजना, साॅयल हेल्थ काॅर्ड, जन-धन योजना जैसी योजनाओं की घोषणा भी कर दी और कई चुनावों में उसका फायदा भी उठाया। साल के आखिर में जो आउटपुट आता है वही सही माना जाता है। चुनाव के ठीक पहले एक ऐसा ही आउटपुट आया है। जो मोदी सरकार के लिये बुरी ख़बर है।

क्या बोल रहे है ये लोग, बुरी ख़बर?, फोटो सोर्स – गूगल

किसानों के लिए सरकार की ओर से आंकड़े जारी हुये हैं जो जिसमें किसानों की आय की जानकारी दी गई है। केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय की तरफ से ये आंकडे जारी किये गये हैं। इसमें बताया गया है कि अक्टूबर-दिसंबर 2018 तिमाही में कृषि क्षेत्र में उत्पादन 2.7 फीसदी बढ़ा है। जो उत्पादन के लिहाज़ से अच्छा है। लेकिन उससे भी बुरी ख़बर ये है कि किसानों की आय में गिरावट आई है।

सबसे निचला स्तर

केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय के ये आंकड़े 2011-12 पर आधारित है। इस दौरान ये अपने किसानों की आय का आंकड़ा 2.67 फीसदी तक आ गया था। साल 2018 की दूसरी तिमाही में किसानों की आय में भारी गिरावट आई है। इस तिमाही में किसानों की आय 2.04 फीसदी रही। जो 14 साल के सबसे निचले स्तर पर है। इससे पहले की तिमाही में किसानों की आय 3.37 फीसदी थी।

फोटो सोर्स – इंडियन एक्सप्रेस

2016 से इन आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है जुलाई-सितंबर 2016 से आंकड़ा ये गिरता ही जा रहा है। उस तिमाही में किसानों की आय 14.03 फीसदी थी। 2018 तक आय ऊपर-नीचे होती रही है लेकिन अब आय का स्तर बहुत नीचे गिर गया है।

मोदी सरकार ने बड़े-बड़े दावे किये और वादे भी। उन्होंने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की बात भी कह दी है। लेकिन ये आंकड़े बता रहे हैं कि ये सरकार किसानों की बेहतरी नहीं कर पाई है।

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